अंतरिक्ष से रात में कुछ ऐसा दिखता है भारत, पिछले चार साल में कई हिस्से हुए हैं बिजली से जगमग

Shefali SrivastavaShefali Srivastava   2 May 2017 6:41 PM GMT

अंतरिक्ष से रात में कुछ ऐसा दिखता है भारत, पिछले चार साल में कई हिस्से हुए हैं बिजली से जगमगनासा की ओर से जारी मानचित्र में भारत के ज्यादातर हिस्से में नीला प्रकाश दिख रहा है जिसका मतलब है कि यहां विद्युतीकरण में सुधार हुआ है

लखनऊ। नासा ने 2012 से 2016 के बीच डाटा जारी किया गया है जिसे नासा के स्यूमी एनपीपी सैटेलाइट से लिया गया है। इसमें रात के समय पूरी पृथ्वी का नजारा लिया गया है। इसमें जहां-जहां नीला प्रकाश अधिक है यानी वहां विद्युत आपूर्ति बेहतर हुई है और जहां गुलाबी प्रकाश है वहां विद्युत सप्लाई में गिरावट दर्ज की गई।

अंतरिक्ष से पृथ्वी की तस्वीर हमेशा से अद्भुत रही है लेकिन इस बार यह कुछ और ज्यादा खास है। नासा ने इस बार रात में पृथ्वी की तस्वीर ली है जिसमें भारत का हिस्सा कुछ ज्यादा ही चमकदार है।

नेशनल जियोग्राफिक में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, भारत के ज्यादातर हिस्सों में नीला प्रकाश दिख रहा है और नासा के अनुसार इस नीले प्रकाश का मतलब उन क्षेत्रों से है जहां विद्युत सप्लाई ज्यादा है।

इस महीने की शुरुआत में नासा ने पृथ्वी की नाइट लाइट पर आधारित एक नया ग्लोबल मौजेक रिलीज किया था। यह कार्टोग्राफर जॉन नेलसन द्वारा 2016 में एकत्रित की गई फोटो का संग्रह था। जॉन नेलसन ने इन तस्वीरों के जरिए 2012 की नाइट लाइट की तुलना की है।

नासा की इमेज स्लाइडर में दोनों समयकाल को ध्यान में रखते हुए पृथ्वी पर स्पॉट बनाए गए हैं जो यह दिखाता है कि पृथ्वी के किन-किन क्षेत्रों में 2012 से 2016 तक रोशनी बढ़ी है और कहां कम हुई है। नेलसन ने इस बदलाव को एक साथ दिखाने मानचित्र बनाने का तय किया।

इस मैप से यह साफ होता है कि चार वर्षों में पृथ्वी की नाइट लाइफ में कितना बदलाव आया है। एक ओर भारत में विद्युत सप्लाई तेज हुआ है वहीं दूसरी ओर युद्धग्रसित सीरिया के कई हिस्सों में अंधेरा है।

ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यक्रम का असर भारत में दिख रहा है

भारत के कई हिस्सों में नीला प्रकाश दिख रहा है और ये कोई चमत्कार नहीं है। भारत में बिना बिजली के रहने वाले लोगों की संख्या बहुत अधिक है लेकिन सरकार का ग्रामीण विद्युतीकरण अभियान का असर दिख रहा है। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा में भी काफी व्यय किया जा रहा है। हालांकि अभी भी कई हिस्सों में विद्युतीकरण के लिए कार्य किया जाना है। नेलसन के मैप में आपको यह साफ दिखाई देगा।

वहीं दूसरी ओर विकसित देशों में विद्युत आपूर्ति में कमी होना आश्चर्यचकित करती है। नेलसन का कहना है कि मैंने अमेरिकन और यूरोपियन देशों के कई हिस्सों में अंधेरा देखकर मुझे हैरानी हुई। मुझे लगता है कि इसे और अधिक कुशल विद्युत प्रौद्योगिकी के साथ करना चाहिए।

यूरोप में विद्युत प्रदूषण के प्रति बढ़ती जागरुकता

हालांकि यूनाइटेड किंगडम में नए इलाकों में रोशनी की पर्याप्त मात्रा दिख रही है। यूरोप का अधिकांश हिस्सा विपरीत दिशा में जा रहा है। बिजली प्रदूषण की जागरुकता भी इसके पीछे वजह हो सकती है और इस अभियान की वजह से यहां बिजली का इस्तेमाल कम हुआ है।

नासा के वैज्ञानिकों का ये भी मानना है कि नेलसन के मैप में पेश तस्वीर में बदलाव भी संभव है। वे बताते हैं कि अगर कोई पिक्सल बिजली में वृद्धि दिखा रहा है तो इसका मतलब हो सकता है कि वह पिक्सल ज्यादा विद्युतीकृत हुआ है, जो स्ट्रीटलाइट की क्वालिटी पर भी निर्भर करती है।

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