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मेंथा की नई किस्म 'सिम उन्नति' से मिलेगा दूसरी किस्मों के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक उत्पादन

Divendra SinghDivendra Singh   31 Jan 2020 8:32 AM GMT

मेंथा की नई किस्म

लखनऊ। मेंथा की इस नई प्रजाति 'सिम उन्नति' से प्रति हेक्टेयर 190 किलो तक तेल मिल सकता है, इस प्रजाति से 75 प्रतिशत मेंथॉल और एक प्रतिशत से ज्यादा सुगंधित तेल प्राप्त किया जा सकता है, जो मेन्था की दूसरी प्रजातियों की अपेक्षा 15-20 प्रतिशत अधिक है। केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप) में आयोजित किसान मेले में किसानों को लिए इस नई प्रजाति को जारी किया गया।

'सिम उन्नति' नाम की मेन्था की इस प्रजाति की फसल 100 से 110 दिनों में तैयार हो जाती है। सीमैप के वैज्ञानिक डॉ मनोज सेमवाल इस नई प्रजाति के बारे में बताते हैं, "एक लीटर मेन्था के तेल की कीमत करीब 800 रुपए है। इस तरह देखें तो एक हेक्टेयर में 'सिम उन्नति' की खेती से डेढ़ लाख रुपए से अधिक आमदनी हो सकती है।"

उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में इस प्रजाति की नर्सरी लगाने के लिए करीब पांच कुंतल जड़ें किसानों को उपलब्ध करायी जा रही हैं। इससे मिलने वाले उत्पादन का आकलन करने के बाद अगले साल 100 कुंतल जड़ें किसानों को मुहैया करायी जा सकती हैं।


मेन्था की खेती को बढ़ावा देने के लिए सीमैप किसानों को मेन्था की 'सिम-कोशी' प्रजाति भी उपलब्ध करा रहा है। एक हेक्टेयर में मेन्था की खेती से 140 लीटर से 150 लीटर तक तेल प्रदान करने वाली यह मेन्था की सबसे अधिक पैदावार देने वाली प्रजाति है। किसानों को यह उन्नत प्रजाति अरोमा मिशन के तहत मुहैया करायी जा रही है । किसान मेले में 'सिम-कोशी'की लगभग 500 कुंतल मेन्था जड़ें पौध सामग्री के रूप में किसानों को उपलब्ध करायी गईं। मेन्था की इस किस्म से 0.8 प्रतिशत सुगंधित तेल होता है। एक हेक्टेयर में मेन्था की इस प्रजाति की खेती से 1.20 लाख तक आमदनी हो सकती है।

देश भर के हजारों किसान हुए शामिल

हर वर्ष 31 जनवरी को आयोजित किसान मेले में हजारों किसान शामिल होते हैं। इस बार सात हजार से ज्यादा किसान शामिल हुए, और सीमैप की उन्नत किस्मों के साथ ही बुवाई से लेकर आसवन तक की नई तकनीक की जानकारी प्राप्त की।

सीमैप के कार्यकारी निदेशक डॉ अब्दुल समद ने बताया, "इस वर्ष किसान मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से आए लगभग सात हजार किसान शामिल हुए। इस दौरान किसानों को औषधीय तथा सगंध पौधों की खेती से संबधित वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की जाएगी। मेले में लगभग 25 उद्योगों के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं।"


सीमैप द्वारा बनाये गये तीन उत्पादों - सिमकेश हेयर ऑयल, सिम-मृदा शक्ति और सोरिया सिम क्रीम को भी किसान मेले में जारी की गई। सिम केश हेयर ऑयल एंटी डैंड्रफ तेल है, जो रूसी रोकने, बालों को पोषण देने, मजबूती प्रदान करने और बालों के झड़ने से रोकता है। जबकि, सिम-मृदा शक्ति मिट्टी के गुणों को बढ़ाने के लिए उपयोग होने वाला एक पूरक उत्पाद है। कार्बन तत्वों से युक्त इस उत्पाद में उच्च जल धारण क्षमता के गुण मौजूद हैं।

सिम-मृदा शक्ति मिट्टी में कार्बन का संचय अधिक समय तक करता है। इसको सुगंधित पौधों के आसवन से निकले अपशिष्ट पदार्थों से बनाया गया है। सिम-मृदा शक्ति न केवल विषाक्त धातुओं का पौधों में अवशोषण रोकता है, बल्कि उपज को भी बढ़ाता है। किसान स्वयं इसे 15 रुपये प्रति किलोग्राम की कम लागत में बना सकते हैं। वहीं, सोरिया सिम क्रीम त्वचा रोगों को कम करने में महत्वपूर्ण रूप से प्रभावी पायी गई है।


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