अरावली क्षेत्र में पेड़ काटने के आदेश पर रोक लगाने से एनजीटी का इनकार 

अरावली क्षेत्र में पेड़ काटने के आदेश पर रोक लगाने से एनजीटी का इनकार एनजीटी ऑफिस।

नई दिल्ली (भाषा)। एनजीटी ने संवेदनशील अरावली की पहाड़ियों में रियल एस्टेट की एक परियोजना के निर्माण के लिए पेड़ काटने की मंजूरी देने वाले हरियाणा सरकार के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हरियाणा सरकार के वकील की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगे जाने पर न्यायमूर्ति जावेद रहीम की पीठ ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश नहीं दिया। इस मामले में याचिका एक पूर्व सैन्यकर्मी ने जारी की थी।

ये भी पढ़ें :
डाक्यूमेंट्री देखकर शावकों को पाल रही है शेरनी

हरित पैनल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सर्वादमन सिंह ओबरॉय की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज्य सरकार ने वन संरक्षण कानून, 1980 के प्रावधानों के तहत मंजूरी लिए बिना ही फरीदाबाद के गांव सराय ख्वाजा में हाउसिंग सोसाइटी बनाने के लिए दो कंपनियों को पेड़ गिराने की अनुमति दे दी।

ये भी पढ़ें : मैं घुल चुका हूं पौधों की रहस्यमयी दुनिया में

अधिकरण ने मनोहर लाल खट्टर सरकार, भारती लैंड लिमिटेड और अजय एंटरप्राइजेज से इस मामले में कल तक जवाब दायर करने के लिए कहा है और मामले की सुनवाई के लिए पांच जुलाई का दिन तय किया है। हरियाणा सरकार के वकील ने कहा कि यह याचिका विचार योग्य नहीं है। इसे इस आधार पर खारिज कर दिया जाना चाहिए कि यह वन विभाग द्वारा लिखे गए पत्रों मात्र पर आधारित है।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.