बिहार में अब पहली बार शराब पीते पकड़े जाने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना

बिहार में नीतीश कुमार सरकार शराबबंदी पर नरम होती नजर आ रही है। सरकार ने मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम कानून में ढील देने की तैयारी कर ली है।

बिहार में अब पहली बार शराब पीते पकड़े जाने पर 50 हजार रुपए का जुर्मानासाभार इंटरनेट

पटना। बिहार सरकार शराबबंदी कानून में ढील बरतने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया कैबिनेट ने कुल 33 प्रस्तावों पर विचार कर उन्हें मंजूरी दी है। बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है। कैबिनेट ने शराबबंदी कानून में संशोधन विधेयक को मानसून सत्र में पेश किए जाने को मंजूरी दे दी है।

जब से पीना बंद हुआ तब से जीने लगा बिहार



वर्तमान कानून में आठ संशोधन किये गये हैं। नये प्रावधान के अनुसार पहली बार शराब पीने के मामले में पकड़े जाने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना या तीन साल की कैद होगी। हालांकि यह अपराध अब जमानती होगा। एक से अधिक बार शराब पीते पकड़े जाने पर सजा की अवधि व जुर्माने की राशि बढ़ती जायेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 37 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। मंत्रिपरिषद की बैठक में शराबबंदी कानून में संशोधन का प्रस्ताव मंजूर किया गया, जिसके तहत अब शराब बरामदगी के बाद घर, वाहन और जमीन को जब्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावे भी बिहार राज्य मद्य निषेध संशोधन विधेयक में संशोधन द्वारा सजा के कई सख्त प्रावधानों को लचीला किया जाएगा।

बिहार में शराब परोसने वाली महिलाएं अब पिला रहीं चाय


साभार:इंटरनेट

उल्लेखनीय है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई मौकों पर सार्वजनिक मंचों से यह घोषणा की थी कि राज्य के शराबबंदी कानून में जल्द संशोधन किया जाएगा। नीतीश ने कहा था कि शराबबंदी कानून का कई स्थानों पर दुरूपयोग की शिकायतें मिल रही है। उल्लेखनीय है कि दो वर्ष पूर्व यानी अप्रैल 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के द्वारा भागलपुर जिला के सुलतानगंज श्रावणी मेला को 'राजकीय मेला' का दर्जा देने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। प्रधान सचिव ने बताया कि बैठक में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के गठन तथा आयोग को सौंपे गए कार्यो एवं दायित्वों को पूरा करने के लिए पुलिस संवर्ग में 88 विभिन्न पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।

साभार: एजेंसी

पूरे देश में शराबबंदी का कोई विचार नहीं: केंद्र


Share it
Share it
Share it
Top