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यूपी के बाद बिहार में भी बंद होंगे अवैध बूचड़खाने, सिर्फ दो ही पूरी तरह वैध

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के बाद बिहार में भी अवैध बूचड़खानों पर लगाम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। बिहार के पशु और मत्स्य पालन मंत्री पशुपति कुमार पारस ने बिहार में करीब 140 अवैध बूचड़खानों को बंद करने की बात कही। बिहार के मंत्री ने कहा, 'मैंने डिपार्टमेंट के सचिव से राज्य के सभी बूचड़खानों की रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। इनमें लाइसेंस वाले और अवैध बूचड़खानों को शामिल किया जाएगा। रिपोर्ट और नियमों के आधार पर सभी अवैध बूचड़खाने बंद करने की बात कही।'

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बिहार में सिर्फ दो ही बूचड़खाने के पास है लाइसेंस

बिहार में नियमों के मुताबिक, सिर्फ दो बूचड़खाने ही वैध हैं जिनमें एक अरारिया जिले में और दूसरा फारबिसगंज में है। डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने भी इस बात का दावा किया है कि राज्य में सिर्फ दो बूचड़खानों के पास ही लाइसेंस है। अवैध बूचड़खानों की सबसे ज्यादा संख्या सीमांचल इलाके में है, जिसमें कासगंज और पुरनिया भी आते हैं। पटना जिले में भी करीब दो दर्जन से ज्यादा अवैध बूचड़खाने हैं। बूचड़खानों के लिए लाइसेंस स्थानीय नगर निगम जारी करती है।

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बिहार में यहां हैं सबसे ज्यादा अवैध बूचड़खाने

मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में सबसे ज्यादा बूचड़खाने सीमांचल क्षेत्र में हैं। इनमें किशनगंज, पूर्णिया जैसे जिले शामिल हैं। जबकि पटना में ही अकेले दर्जन भर से ज्यादा अवैध बूचड़खाने चलाए जा रहे हैं। पशुपति कुमार पारस से पहले रहे विभाग के मंत्री अवधेश कुमार सिंह ने भी मार्च में अवैध बूचड़खानों पर रिपोर्ट मंगवाई थी और कई बूचड़खानों पर कार्रवाई भी की गई थी।

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