#Exclusive एक महीना योगी का: लोग बोले योगी ले रहे हैं सही निर्णय, सबका साथ सबका विकास पर उतरेंगे खरे

#Exclusive एक महीना योगी का: लोग बोले योगी ले रहे हैं सही निर्णय, सबका साथ सबका विकास पर उतरेंगे खरेगांव कनेक्शन का सर्वे

लखनऊ। गाँव कनेक्शन ने योगी सरकार के कामकाज का एक महीना पूरे होने पर एक एक्सक्लूजिव सर्वे कराया। जिसमें यूपी के 20 जिलों के 200 ब्लॉक के लोगों ने हिस्सा लिया। सर्वे में शामिल 2000 लोगों में से 71.6 प्रतिशत लोगों का मानना है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सही दिशा में काम कर रहे हैं। 24.8 प्रतिशत लोगों का कहना है कि अभी इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता जबकि 3.6 प्रतिशत लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री का कामकाज सही दिशा में नहीं है।

जिस वक्त भापजा ने योगी आदित्यनाथ को यूपी का मुख्यमंत्री घोषित करने का निर्णय लिया था उस वक्त लोगों के मन में यही सवाल था कि क्या हिंदूवादी छवि वाले योगी को प्रदेश की पूरी जनता का साथ मिलेगा और क्या योगी आदित्यनाथ धार्मिक भेदभाव की छवि से बाहर निकल कर हर धर्म के लोगों के साथ लेकर चल पाएंगे।

गांव कनेक्शन का सर्वे

2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सबका साथ सबका विकास का नारा दिया था और योगी सरकार के लिए भी इस नारे पर चलते हुए आगे बढ़ना जरूरी था। जब इस बारे में गांव कनेक्शन ने प्रदेश की जनता की राय जानी और उनसे पूछा कि क्या उनके मुताबिक योगी आदित्यनाथ बीजेपी के सबका साथ सबका विकास की धारणा पर खरे उतरेंगे तो 66.1 प्रतिशत लोगों ने कहा कि हां, योगी जरूर सबको साथ लेकर चलेंगे जबकि 30.6 प्रतिशत लोगों का कहना है कि इस बारे में वो अभी कुछ नहीं सकते। वहीं, सिर्फ 3.3 प्रतिशत लोगों का कहना है कि योगी इस धारणा पर खरे नहीं उतर पाएंगे।

19 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से लगातार योगी आदित्यनाथ ने एक के बाद एक कई बड़े फैसले लिए। इनमें से ज्यादातर फैसलों को प्रदेश की जनता पसंद कर रही है। अवैध बूचड़खानों को बंद करना और महिलाओं की सुरक्षा के लिए किए गए एंटी रोमियो दस्ते का गठन सबसे ज्यादा सराहे गए फैसलों में शामिल रहा।

सर्वे में शामिल 38.1 प्रतिशत लोगों को अवैध बूचड़खाना बंद करने का फैसला पसंद आया तो 25.4 प्रतिशत लोगों का कहना है कि एंटी रोमियो अभियान प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों में सबसे अच्छा है। जहां 23.7 प्रतिशत लोग वीआईपी कल्चर को खत्म करना और मंत्रियों को अपनी संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक करने का फैसला भाया वहीं 12.9 प्रतिशत को सरकारी दफ्तरों में पान-मसाले पर प्रतिबंध लगाना सबसे ज्यादा पसंद आया।


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