'भारत हमला करेगा तो पाक जवाब देगा'- इमरान खान

पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का बड़ा बयान सामने आया है।

जम्मू और कश्मीर राज्य के पुलवामा जिले में 14 फरवरी 2019 को हुए आतंकी हमले के बाद भारत में माहौल बिगड़ा हुआ है। हर जगह हमले का बदला लेने और इस पर उचित कार्रवाई करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है। भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्ज़ा छीन लिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस पर जवाब दिया है-

"मैं भारत सरकार के लिए ये जवाब दे रहा हूं, आपने पाकिस्तान के ऊपर इल्ज़ाम लगाए, आपने कोई सबूत नहीं दिखाया पर आप खुद बताइए कि पाकिस्तान को इससे क्या फायदा है? जब पाकिस्तान में15 साल की दहशतगर्दी की जंग खत्म हो रही है, जिसमें 70 हज़ार पाकिस्तानी मारे गए, दहशतगर्दी नीचे जा रही है, अमन आ रहा है, स्टेबिलिटी आ रही है तो हम ऐसा क्यों करेंगे?"

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री आगे कहते हैं कि, "अगर आपने परेशानी में ही फंसे रहना है और हर बारी कश्मीर में कुछ भी हो आपने पाकिस्तान को ही ज़िम्मेदार ठहराना है तो बजाए ये कि कश्मीर का मसला हल हो, उसकी तरफ बातचीत शुरू हो आप पाकिस्तान पर ज़िम्मेदारी डाल के बैठे रहेंगे। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ये नया पाकिस्तान है, ये नई सोच है, हम ये सोचते हैं कि ये हमारे लिए बेहतर है कि न कोई पाकिस्तान की ज़मीन से जाकर बाहर दहशतगर्दी करे न ही कोई बाहर से आकर यहां दहशत फैलाए।"

वो बोलते हैं, "मैं हिन्दुस्तान की सरकार से कहता हूं कि आप किसी किस्म की तहकीकात कराना चाहते हैं, इस घटना से सम्बन्धित कि इसमें पाकिस्तान का कोई व्यक्ति शामिल है, हम तैयार हैं, अगर आपके पास कोई सबूत है हमें दें, मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हम कार्यवाही करेंगे। हम कार्यवाही इसलिए नहीं करेंगे कि हमें दबाव है बल्कि इसलिए करेंगे क्योंकि ये हमारे देश से दुश्मनी है। अगर कोई पाकिस्तान की ज़मीन इस्तेमाल कर रहा है दहशत फैलाने के लिए तो ये हमारे खिलाफ है।"

वो बातचीत को मसले का हल बताते हैं और कहते हैं कि, "जब भी हिन्दुस्तान से बातचीत होने की बारी आती है तो हिन्दुस्तान कहता है कि पहले दहशतगर्दी की बात की जाए, मैं आपको कहता हूं कि हम दहशतगर्दी पर भी बात करने के लिए तैयार हैं। हम चाहते हैं कि दहशतगर्दी खत्म हो, सबसे ज़्यादा पाकिस्तान को दहशतगर्दी से नुकसान हुआ है, हमारे 70 हज़ार लोग मारे गए हैं।"

"भारत की सरकार को ये समझना चाहिए कि अगर इतने सालों से आर्मी कोई हल नहीं निकाल पाई है, अगर कश्मीरी युवा इतने आगे पहुंच गए हैं कि उन्हें मौत का डर नहीं है तो आर्मी और जंग इसका हल नहीं निकाल पाएंगे। कश्मीर की समस्या का हल केवल बातचीत से निकल सकता है और हम बात करना चाहते हैं," -इमरान खान ने कहा।

उन्होंने आगे कहा कि, "हिन्दुस्तान में हर जगह ये बात हो रही है कि पाकिस्तान को सबक सिखाना चाहिए लेकिन मैं पूछता हूं कि कौन से इंसाफ का निज़ाम है ये कि एक देश जज, वकील और फैसला सबकुछ बना बैठा है। पाकिस्तान पर हमला करेंगे तो पाकिस्तान चुप नहीं बैठेगा, कोई चारा ही नहीं रह जाएगा लेकिन सब जानते हैं कि जंग कोई हल नहीं है, जंग शुरू करना तो इन्सान के हाथ में है लेकिन फिर ये कहां जाएगी ये केवल अल्लाह जानता है।"

जम्मू और कश्मीर के पुलवामा जिले में 14 फरवरी 2019 की दोपहर एक बड़ा आतंकवादी हमला हुआ था। इस हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए। राजधानी श्रीनगर से लगभग 31 किलोमीटर दूर स्थित पुलवामा में हुआ ये हमला पिछले एक दशक का सबसे बड़ा आतंकी हमला बताया जा रहा है। पिछले कुछ सालों में पुलवामा और आस-पास के हिस्सों का नाम आतंकी हमलों और गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रहा है।

गुरूवार को यह हमला तब हुआ जब सीआरपीएफ जवानों की एक बड़ी टुकड़ी विस्फोटकों और हथियारों के साथ जा रही थी। सेना की इस टुकड़ी में 40 से अधिक बसें थीं, जिसमें 2500 से ज़्यादा जवान सवार थे। इनमें से अधिकतर जवान छुट्टियां बिता कर वापस नौकरी पर लौट रहे थे। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस आत्मघाती हमले की ज़िम्मेदारी ली है। हमलावर ने बस को टक्कर मारकर विस्फोट किया। न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार इस आत्मघाती विस्फोट में फिदायीन हमलावर आदिल अहमद डार शामिल है।

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इस हमले के बाद आतंकियों से मुठभेड़ में चार और जवान शहीद हो गये थे। पिंगलान इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच रविवार रात मुठभेड़ हुई। खबरों के अनुसार इसमें जैश-ए- मोहम्मद के तीन आतकी भी मारे गये थे जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर गाजी रशीद भी शामिल था। गाजी रशीद ने ही पुलवामा हमले की साजिश रची थी।

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