पीयूष गोयल ने बताया क्यों देर से चलती हैं ट्रेनें

पीयूष गोयल ने बताया क्यों देर से चलती हैं ट्रेनेंपीयूष गोयल

नई दिल्ली (भाषा)। राज्यसभा में आज कांग्रेस के सदस्य पीएल पुनिया ने सुपरफास्ट ट्रेनों के देर से चलने का मुद्दा उठाया वहीं रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वर्षों से आधारभूत ढांचा विकसित करने की ओर ध्यान नहीं दिया गया जिससे यह नौबत बनी है।

शून्यकाल में पुनिया ने यह मुद्दा उठाया और कहा कि रेलवे ने कई ट्रेनों को सुपरफास्ट का दर्जा दे दिया है और इससे उसे करोड़ों रुपए की आय प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि सुपरफास्ट शुल्क से रेलवे को हर साल प्रति ट्रेन डेढ करोड़ रुपए मिल रहे हैं। पुनिया ने कहा कि सुपरफास्ट ट्रेन समय से भी नहीं पहुंच पा रही हैं लेकिन यात्रियों से तब भी शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने मांग की कि अगर ट्रेनें देर से चलें तो शुल्क वापस लौटाया जाए या यह शुल्क लिया ही नहीं जाना चाहिए।

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इस पर रेल मंत्री गोयल ने कहा कि वर्षों से जो आधारभूत ढांचा बनना चाहिए था, वह नहीं बन सका। उन्होंने कहा कि अगर पहले कदम उठाए गए होते तो यह समस्या नहीं उठती। आजकल कोहरे का भी मौसम है जिससे ट्रेनें देर से चल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका ध्यान सुरक्षा पर ज्यादा है। कांग्रेस के एम वी राजीव गौडा और राजीव शुक्ला ने अमेरिका में भारतीय लोगों से जुड़े एच1बी वीजा तथा ग्रीन कार्ड का मुद्दा उठाया। अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग के एक प्रस्ताव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हजारों भारतीय लोगों का करियर खतरे में है और उनके वापस लौटने की आशंका पैदा हो सकती है। उन्होंने मांग की सरकार को इस संबंध में अमेरिकी प्रशासन से बातचीत करनी चाहिए।

शून्यकाल में ही माकपा के रीताव्रता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल का नाम बदल कर बांग्ला किए जाने की केंद्र से मांग की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रदेश की विधानसभा ने पिछले साल एक प्रस्ताव भी पारित किया था। उन्होंने कहा कि पूर्वी बंगाल नामक कोई स्थान का अस्तित्व नहीं है और यह नाम सिर्फ इतिहास में ही है।

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बनर्जी ने कहा कि 1905 में अंग्रेजों ने राज्य का विभाजन कर दिया था और रवींद्रनाथ टैगोर के नेतृत्व में इसका भारी विरोध किया गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र को राज्य के लोगों की भावना का ख्याल रखते हुए राज्य का नाम बदलकर बांग्ला किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी देनी चाहिए। तृणमूल कांग्रेस के विवेक गुप्ता ने पश्चिम बंगाल में लाखों कुर्मी लोगों का मुद्दा उठाते हुए उन्हें अनुसूचित जाति की सूची में शामिल किए जाने की मांग की ताकि उन्हें जरुरी सुविधाएं मिल सके। कांग्रेस के केपी रामचंद्र राव ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून के प्रावधानों को अक्षरश: लागू करने की मांग की।

शून्यकाल में ही तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण में अध्यक्ष का पद खाली होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार के अवकाश ग्रहण करने के बाद सरकार ने कार्यवाहक अध्यक्ष की घोषण की है। उन्होंने मांग की कि पूर्णकालिक अध्यक्ष की जल्दी घोषणा की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन, पराली, दिल्ली में वायु प्रदूषण जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे अधिकरण में लंबित हैं।

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द्रमुक केटी शिवा ने तमिलनाडु के शिवकाशी में पटाखा उद्योग के संकटग्रस्त होने का मुद्दा उठाया और कहा कि 800 से ज्यादा इकाइयां बंद हो गयी हैं तथा लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है। शून्यकाल में ही माकपा सदस्य के सोमाप्रसाद ने स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर का भारतीय स्टेट बैंक में विलय होने से शिक्षा रिण लेने वाले छात्रों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया।

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