पीएम किसान योजना के 3 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या कहा? अगली किस्त से पहले कर लेें ये काम

किसान को साल में 6000 रुपए का सीधा फायदा देने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तीन साल पूरे हो गए हैं। सरकार ने मुताबिक इस दौरान 11 करोड़ से ज्यादा किसानों को पौने 2 लाख रुपए का फायदा हुआ है।

पीएम किसान योजना के 3 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या कहा? अगली किस्त से पहले कर लेें ये काम

लखनऊ। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम किसान सम्मान निधि योजना को चलते हुए तीन साल पूरे हो गए हैं। इस योजना के तहत किसानों को 2000 हजार रुपए की साल में 3 किस्तों के माध्यम से 6000 रुपए की मदद मिलती है।

पीएम किसान योजना के तीन साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "3 साल पहले आज के ही दिन पीएम किसान सम्मान निधि की शुरुआत की गई थी। ये योजना आज देश के छोटे किसानों का बहुत बड़ा संबल बनी है। इसके तहत देश के 11 करोड़ किसानों को लगभग पौने 2 लाख करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि इस योजना में भी हम स्मार्टनेस का अनुभव करते हैं, सिर्फ एक क्लिक पर 11 करोड़ किसानों के खातों में सीधे पैसे का ट्रांसफर होना किसी भी हिन्दुस्तानी के लिए गर्व की बात है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार (24 फरवरी) को देश में स्मार्ट एग्रीकल्चर (PM Kisan Yojana update Pradhan Mantri) के संबंध में एक विशेष सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पीएम ने कहा कि बीते सात सालों में हमने बीज से लेकर बाजार तक कई नई व्यवस्थाएं लागू की हैं तो पुरानी में सुधार किया है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 3 फरवरी तक पीएम किसान योजना के तहत 11.74 करोड़ से अधिक किसानों को कवर किया जा चुका है। जिनके खातों में 1.82 लाख करोड़ रुपए की धनराशि भेजी गई है। इसमें से 1.29 लाख करोड़ रुपए कोरोना महामारी के दौरान भेजे गए हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) की शुरुआत साल 2019 में 24 फरवरी को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से हुई थी। योजना 1 दिसंबर 2018 से प्रभावी हुई थी।

पीएम किसान योजना के तहत शुरु में सिर्फ छोटे और सीमांत किसानों जिनके पास 2 एकड़ से कम जमीन है, उन्हें ही शामिल किया गया था लेकिन 1 जून 2019 से इसका दायरा बढ़ाकर सभी किसानों को शामिल किया गया। हालांकि उसके लिए भी किसानों को कुछ शर्तों को पूरा करना होता है।

पीएम किसान योजना की अगली किस्त अप्रैल में प्रस्तावित है। योजना की 10वी किस्त 1 जनवरी 2022 को जारी हुई थी, क्योंकि योजना के तहत अगली किस्त चार महीने में आती इसलिए अप्रैल 2022 में प्रस्तावित है।

अपडेट कराइए ई-केवाईसी

पीएम किसान योजना में 11वीं किस्त से पहले 2 बदलाव किए गए हैं। जिसमे पहला है ई-केवाईसी अपडेट। अगर आपने से किसान किसान खाते की E-KYC नहीं अपडेट कराई है तो तुरंत करवा दें अन्यथा आपकी अगली किस्त नहीं आएगी। E-KYC की आखिरी तारीख 31 मार्च 2022 तय की गई है।

पीएम किसान योजना से संबंधित ये भी जानिए

स्व-पंजीकरण व्यवस्था: किसानों को अधिकतम लाभ देने के लिए मोबाइल ऐप, पीएम किसान पोर्टल और सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से वॉक-इन के माध्यम से लाभार्थियों के स्व-पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और आसान बना दिया गया है।

बढ़ी हुई वसूली व्यवस्था: अपात्र लाभार्थी के मामले में, वसूली व्यवस्था को बहुत सहज और पारदर्शी बनाया गया है जिसके लिए राज्य द्वारा डिमांड ड्राफ्ट या वास्तविक रूप से चेक जमा करने की आवश्यकता नहीं होती है। इस प्रक्रिया में राज्य के नोडल विभाग के खाते से केंद्र सरकार के खाते में स्वचालित अंतरण शामिल है जिसने इस प्रक्रिया को बहुत कुशल और कम समय लेने वाला बना दिया है।

शिकायत निवारण और हेल्पडेस्क: लाभार्थियों को होने वाली परेशानियों वाले मुद्दों और समस्याओं के समाधान के लिए, एक समग्र शिकायत निवारण व्यवस्था की गई है। पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान आने वाली किसी भी समस्या या किसी अन्य प्रश्न के संबंध में लाभार्थियों का समर्थन करने के लिए एक केंद्रीकृत हेल्पडेस्क भी शुरू की गई है। इस पहल के माध्यम से किसानों से लगभग 11.34 लाख शिकायतें प्राप्त हुई हैं और संबंधित राज्य अधिकारियों द्वारा 10.92 लाख से अधिक शिकायतों का निपटारा किया गया है।

वास्तविक रूप से सत्यापन की व्यवस्था: योजना की प्रामाणिकता और वैधता बनाए रखने के लिए, योजना में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार हर साल 5 प्रतिशत लाभार्थियों का अनिवार्य रूप से वास्तविक सत्यापन किया जा रहा है। वास्तविक रूप से सत्यापन व्यवस्था की सहायता से, अब भौतिक सत्यापन के लिए लाभार्थी का चयन पूरी तरह से स्वचालित हो गया है और किसी व्यक्ति विशेष के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। 14 मई, 2021 को अंतिम तिमाही के भुगतान के बाद 10 प्रतिशत लाभार्थियों के सत्यापन के लिए एक अलग मॉड्यूल पेश किया गया है।

आयकर सत्यापन: इस योजना में लाभार्थी डेटाबेस को नियमित रूप से आयकरदाता डेटाबेस के साथ सत्यापित किया जा रहा है ताकि एक लेखा परीक्षित और प्रमाणित उपयोगकर्ता आधार प्राप्त हो सके।

पीएम किसान योजना की वेबसाइट पर जाने के लिए यहां क्लिक करें

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