शिमला में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अब चप्पल पहनने वाले लोग भी कर सकेंगे हवाई यात्रा

शिमला में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अब चप्पल पहनने वाले लोग भी कर सकेंगे हवाई यात्राशिमला में पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज क्षेत्रीय हवाई सम्पर्क योजना उड़ान की शुरूआत शिमला में की। इस अवसर पर शिमला में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिमाचल की भूमि का युवा देश में नया बदलाव ला सकता है। मोदी ने कहा कि अगर युवाओं को अवसर मिलेगा तो वे देश की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल देंगे।

पहले एयरलाइंस में राजा महाराजा ही सफर करते थे, उस समय एयरलाइंस में भी राजा महाराजा का फोटो लगा था। मेरे कहने के बाद उसके लोगो में अटल जी की सरकार के समय आर.के. लक्ष्मण के कॉमन मैन के लोगो को लगाया गया। देश का गरीब हवाई चप्पल पहनता है, मैं चाहता था कि हवाई चप्पल वाला व्यक्ति हवाई जहाज में बैठे.। आज वो बात सच हो रही है.

उड़ान योजना के तहत का किराया 2500 रुपए प्रति सीट प्रति घंटे सीमित किया जाएगा। मोदी उडान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना शुरू करने के लिए शिमला से दिल्ली के बीच एक उड़ान सेवा शुरू करेंगे। इस योजना का उद्देश्य क्षेत्रीय सम्पर्क को बढ़ावा देना है। साथ-साथ कडप्पा-हैदराबाद और नांदेड-हैदराबाद मार्गों पर भी उड़ानें शुरू की जाएंगी।

पीएमओ ने एक ट्वीट में कहा कि उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) बाजार आधारित व्यवस्था के जरिए क्षेत्रीय सम्पर्क बढ़ाने के लिए वैश्विक रूप से अपनी तरह की पहली योजना है। इसमें कहा गया, ‘‘क्षेत्रीय रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हवाई यात्रा नागरिकों तक सुलभ बनाने के लिए ‘उड़े देश का आम नागरिक' आरसीएस (क्षेत्रीय सम्पर्क योजना) अक्तूबर 2016 में लाई गई थी।'' उड़ान योजना 15 जून 2016 को जारी राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति (एनसीएपी) की एक प्रमुख घटक है।

आम लोगों को कैसे होगा फायदा

पीएमओ ने कहा, ‘‘‘फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट' विमान से करीब 500 किलोमीटर की एक घंटे की यात्रा या किसी हेलीकाप्टर से आधे घंटे की यात्रा का हवाई किराया 2500 रुपये सीमित किया जाएगा।'' एक आधिकारिक बयान के अनुसार पश्चिमी क्षेत्र में 24 हवाई अड्डे, उत्तरी क्षेत्र में 17, दक्षिणी क्षेत्र में 11 हवाई अड्डे, पूर्व में 12 और देश के पूर्वोत्तर में छह हवाई अड्डों को इस योजना के तहत जोड़े जाने का प्रस्ताव है। इस कार्यक्रम के तहत सरकार का इरादा 45 ऐसे हवाई अड्डों को जोड़ने का है जहां से कम उड़ानें संचालित होती हैं।

कंपनियों के लिए दिशा निर्देश

पिछले महीने इस योजना के तहत पांच एयरलाइन कंपनियों को बोली प्रक्रिया के बाद 128 मार्ग प्रदान किये गए थे। चयनित एयरलाइन ऑपरेटर को उड़ान क्षमता का 50 प्रतिशत इस तरह से मुहैया कराना होगा जिसमें विमान में प्रति घंटे यात्रा का किराया 2500 सीमित होगा। इसके साथ ही उसे इसी किराये पर न्यूनतम पांच और अधिकतम 13 हेलीकाप्टर उड़ानें मुहैया करानी होंगी। शिमला में प्रधानमंत्री ऐतिहासिक रिज मैदान में एक रैली को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह मोदी का पहला शिमला दौरा होगा। उन्होंने पिछली बार 2003 में शिमला का दौरा किया था जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। यद्यपि यह राज्य का उनका दूसरा दौरा होगा। गत वर्ष उन्होंने मंडी में भाजपा की एक रैली को संबोधित किया था। मोदी 2002 तक आठ वर्षों के लिए हिमाचल प्रदेश के पार्टी के संगठन मामलों के प्रभारी रह चुके हैं।

एयरलाइन्स कंपनियों के नुकसान पर भी विचार

एयरलाइन्स कंपनियों को इस स्कीम से जो घाटा हो सकता है। ऐसे में भरपाई के लिए रीजनल कनेक्टिविटी फंड बनाया जाएगा। एक घंटे से ज्यादा के सफर वाली फ्लाइट्स पर एक्स्ट्रा चार्ज लिया जाएगा। सरकार के पास इसके लिए दो ऑप्शन हैं। या तो वह 1 घंटे से ज्यादा के सफर वाले टिकट पर 2% सेस लगा दे। यह करीब 60 रुपए तक होगा। दूसरा, एक घंटे से ज्यादा सफर वाली फ्लाइट की एक लैंडिंग पर संबधित एयरलाइंस से एकमुश्त 8000 रुपए ले। इससे इकट्ठा होने वाला पैसा रीजनल कनेक्टिविटी फंड में डाला जाएगा। जिससे रियायती किराए वाली फ्लाइट्स के घाटे की भरपाई होगी।

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