वर्ष 2022 तक हर सिर को देंगे छत: मोदी

स्मार्ट सिटी, पीएम आवास और अमृत योजना की तीसरी वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई योजनाओं का शिलान्यास करते हए कहा, "अटल जी के सपने को पूरा करने के लिए हमारी सरकार जी जान से जुटी है। हमारे लिए स्मार्ट सिटी एक मिशन है।"

वर्ष 2022 तक हर सिर को देंगे छत: मोदी

लखनऊ। "मुझ पर चौकीदार नहीं, भागीदार का आरोप लगा तो इसे मैँ ईनाम के तौर पर देख रहा हूं। हां मैं भागीदार हूं, मजदूरों, महिलाओं, गरीब किसान के हर उस दु:ख दर्द का, हर उस कोशिश का भागीदार हूं जिससे लोगों को राजगार दे सकूं," प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने ऊपर लगाए गए इस अरोप का कुछ इस अंदाज में जवाब दिया।

स्मार्ट सिटी, पीएम आवास और अमृत योजना की तीसरी वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई योजनाओं का शिलान्यास करते हए कहा, "अटल जी के सपने को पूरा करने के लिए हमारी सरकार जी जान से जुटी है। हमारे लिए स्मार्ट सिटी एक मिशन है।"



इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्मार्ट सिटी को लेकर आयोजित प्रदर्शनी को देखने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से मुलाकात की और वीडियो कांफ्रेसिंग पर बात की। कुछ लाभार्थियों को सीधे ऑनलाइन 50,000-50,000 रूपये ट्रांसफर भी किए।

प्रधानमंत्री ने कहा, "सरकार वर्ष 2022 तक हर सिर पर छत देने की कोशिश कर रही है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, बीते तीन वर्षों में शहरी इलाकों में 54 लाख मकान स्वीकृत किए जा चुके हैं। सिर्फ शहरों में ही नहीं गांवों में भी एक करोड़ से अधिक मकान जनता को सौंपे जा चुके हैं।"

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने पुणे, हैदराबाद और इंदौर को बेहतर सुविधाओं के लिए सम्मानित भी किया। पुणे को बेस्ट प्रोजेक्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा, "सरकार के लिए ये स्मार्ट सिटी सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि एक मिशन है। देश को बदलने का मिशन, ये मिशन हमारे शहरों को नए भारत की नई चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने का है।"

'लोग मकान मलिक का नहीं, मकान मालकिन का पता पूछते हैं'

प्रधान मंत्री ने कहा, "अभी तक पैतृक जमीन में महिला का नाम बहुत कम ही होता था, हमने प्रधानमंत्री अवास महिलाओं के नाम से दिए हैं। इसलिए लोग अब मकान के मालिक का पता नहीं, मालकिन का पता पूछते हैं।

'लखनऊ और गाजियाबाद जारी करेंगे म्यूनिसिपल बांड'

पुणे, हैदराबाद और इंदौर की शहरी निकायों द्वारा म्यूनिसिपल बांड जारी करने के लिए वहां के मेयर को सम्मानित करते हुए पीएम ने कहा कि बहुत जल्द ही लखनऊ और गाजियाबाद भी म्यूनिसिपल बांड जारी करेंगे।

"मुझे इस बात की भी प्रसन्नता है कि ना सिर्फ यहां नई व्यवस्थाओं का निर्माण हो रहा है बल्कि funding की वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है। पुणे, हैदराबाद और इंदौर ने म्यूनिसिपल बांड के माध्यम से लगभग 550 करोड़ जुटाए हैं", प्रधानमंत्री ने कहा।

'बिना पुराना संवारे नया नहीं संवरेगा'

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई की कर्मभूमि लखनऊ में उनके द्वारा कराए गए किसान कार्यों को बताते हुए पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा, "अटल जी कहा करते थे कि बिना पुराने को संवारे, नया भी नहीं संवरेगा। ये बात उन्होंने पुराने और नए लखनऊ के संदर्भ में कही थी। यही आज के AMRUT मिशन के लिए हमारी प्रेरणा है।

'पुराने लोगों ने तो अपने बंगले संवारे'

पूर्व की सरकार की कार्य शैली पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "योगी सरकार इस योजना को तेज गति से बढ़ा रही है, वर्ना मुझे पिछली सरकार की कार्यशैली पता है, वो लोग ही अपने बंगले को सजाना संवारने में लगे रहे।"

'गरीबी ने मुझे जीना सिखाया'

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विरोधियों हमला बोलते हुए कहा, "मुझे गरीबी ने जीना सिखाया है, हां मैं एक गरीब मां का बेटा हूं, आगे कहा, "जिसके पैर न फंटी बिवाई, वो जाने का पीर पराई।"

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