देशभर के किसानों ने केवीके के माध्यम से कृषि उन्नति मेला में लिया भाग 

Divendra SinghDivendra Singh   17 March 2018 3:00 PM GMT

देशभर के किसानों ने केवीके के माध्यम से कृषि उन्नति मेला में लिया भाग किसानों ने सुनी प्रधानमंत्री की बात

देशभर के कृषि विज्ञान केन्द्र व कृषि अनुसंधान संस्थानों में टीवी के माध्यम से कृषि उन्नत मेला का सीधा प्रसारण किया किया, जहां हज़ारों किसानों ने पीएम मोदी के उद्बोधन के सीधे प्रसारण को देखा।

ये भी पढ़ें- कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह से खास बात : ‘किसानों की आय बढ़ाना पहला लक्ष्य’

किसानों को आधुनिक खेती के साथ नई तकनीकियों की जानकारी देने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में तीन दिवसीय उन्नति कृषि मेले की लगाया गया है, तीन दिवसीय इस मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों के प्रति जागरुक करना और आधुनिक खेती में किसानों की भागीदारी बढ़ाना है।

कृषि मेला के दूसरे दिन पीएम मोदी ने कहा कि जब लक्ष्य निर्धारित हो तो कुछ भी काम मुश्किल नहीं है। किसान भाइयों ने रिकॉर्ड अनाज उत्पादन कर इसे साबित कर दिया है। पर मेरी उनसे अपील है कि वो खेतों में पराली न जलाएं। इससे धरती मां का नुकसान होता है।

ये भी पढ़ें- खेत उगलेंगे सोना, अगर किसान मान लें ‘ धरती पुत्र ’ की ये 5 बातें

कृषि विज्ञान केन्द्र प्रतापगढ़ में पीएम मोदी को लाइव देखते किसान

ये भी पढ़ें- इन प्रजातियों को छोड़कर बिना अनुमति के पेड़ काट सकते हैं किसान

कृषि विज्ञान केन्द्रों में राष्ट्रीय अधिवेशन/कृषि उन्नति मेला के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन के सीधे प्रसारण को जनपद के किसानों को एक ही मंच पर दिखाने का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र, कटिया सीतापुर द्वारा किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में बिसवां के विधायक नरेन्द्र यादव ने कहा कि किसान देश के विकास के प्रहरी हैं, जिनके कार्य में सुगमता लाने के लिए कृषि के क्षेत्र में विकास के लिए एक उन्नतशील तकनीकों के विकास के प्रचार-प्रसार में कृषि विज्ञान केन्द्र बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।

ये भी पढ़ें- आखिर किसान ऐसा क्या करें कि उनकी बात ‘सरकार’ तक पहुंच जाए

कृषि विज्ञान केन्द्रों के उत्कृष्ट कार्य को देखने व समझने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 16-18 मार्च तक उन्नति किसान मेला का आयोजन किया गया है, जिसमें देशभर के कृषि विज्ञान केन्द्र कृषि के क्षेत्र में विकसित अपनी-अपनी तकनीकियों का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसे देखने व उसका लाभ लेने के लिए देशभर के किसान इकट्ठे हुए हैं। उसी कार्यक्रम में 17 मार्च को प्रधानमंत्री के उद्बोधन का सीधा प्रसारण दिखाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कुल् 652 किसान शामिल हुए।

इसके साथ ही पीएम मोदी ने जैविक कृषि पर पोर्टल की शुरूआत की और 25 कृषि विज्ञान केन्द्रों की आधारशिला भी रखी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री “कृषि कर्मन” और “पंडित दीन दयाल उपाध्याय कृषि विज्ञान प्रोत्साहन” पुरस्कार भी प्रदान किया।

ये भी पढ़ें- दो हजार रुपए की इस मशीन से किसान पाएं कृषि कार्य के अनेक फायदे

इस मेले का थीम-2022 तक किसानों की आय दुगुना करना है। 'कृषि उन्नति मेला' का उद्देश्य किसानों के बीच कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नवीनतम तकनीकी विकास के बारे में जागरूकता पैदा करना है। किसानों की आय दोगुनी करने पर थीम पवेलियन, सूक्ष्म सिंचाई पर लाइव प्रदर्शन, अपशिष्ट जल उपयोग, पशुपालन और मत्स्य पालन मेले के प्रमुख आकर्षणों में से हैं।

किसान मेला का भी हुआ आयोजन

कृषि विज्ञान केन्द्र, कालाकांकर, प्रतापगढ़ में भी किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। किसानों को प्रधानमंत्री मोदी के उद्बोधन का सीधा प्रसारण दिखाया गया।

ये भी देखिए:

Krishi Unnati 2018 | Sustainable Farming | ICAR

Posted by Gaon Connection on Saturday, March 17, 2018

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top