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कृषि कानूनों पर राज्यसभा में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- "हमें अपनी योजनाओं के केंद्र में 12 करोड़ किसानों को रखना होगा"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कृषि कानूनों पर जवाब दिया, उन्होंने कहा कि देश में 86 फीसदी किसानों के पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है, हमें उन्हें केंद्र में रखना होगा।

"सदन में किसान आंदोलन की चर्चा हुई, सभी ने आंदोलन की चर्चा की लेकिन क्योंकि आंदोलन हो रहा है, उस पर चर्चा नहीं हो रही है" ,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कहा।

पीएम Narendra Modi ने अपने संबोधान में आगे कहा, " खेती की मूलभूत समस्या क्या है, उसकी जड़ें कहां हैं, मैं पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण के भाषण का जिक्र करना चाहूंगा। किसानों का सेंसेस लिया गया, तो 33 फीसदी किसान ऐसे हैं जिनके पास जमीन 2 बीघे से कम है, 18 फीसदी जो किसान कहलाते हैं उनके पास 2-4 बीघे जमीन है। ये कितनी भी मेहनत कर ले, अपनी जमीन पर इनकी गुजर नहीं हो सकती है।"

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा वक्त में जिनके पास 1 हेक्टेयर से कम जमीन है, वो 68 फीसदी किसान हैं। 86 फीसदी किसानों के पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है. हमें अपनी योजनाओं के केंद्र में 12 करोड़ किसानों को रखना होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "शरद पवार समेत कई कांग्रेस के नेताओं ने भी कृषि सुधारों की बात की है। शरद पवार ने अभी भी सुधारों का विरोध नहीं किया, हमें जो अच्छा लगा वो किया आगे भी सुधार करते रहेंगे। आज विपक्ष यू-टर्न कर रहा है, क्योंकि राजनीति हावी है।

पीएम मोदी ने सदन में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का कथन पढ़ा, 'हमारी सोच है कि बड़ी मार्केट को लाने में जो अड़चने हैं, हमारी कोशिश है कि किसान को उपज बेचने की इजाजत हो।" प्रधानमंत्री ने कहा कि जो मनमोहन सिंह ने कहा वो मोदी को करना पड़ रहा है, आप गर्व कीजिए।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब लाल बहादुर शास्त्री जी को जब कृषि सुधारों को करना पड़ा, तब भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। लेकिन वो पीछे नहीं हटे थे। तब लेफ्ट वाले कांग्रेस को अमेरिका का एजेंट बताते थे, आज मुझे ही वो गाली दे रहे हैं। कोई भी कानून आया हो, कुछ वक्त के बाद सुधार होते ही हैं।

पीएम मोदी ने अपील करते हुए कहा कि आंदोलनकारियों को समझाते हुए हमें आगे बढ़ना होगा, गालियों को मेरे खाते में जाने दो लेकिन सुधारों को होने दो। पीएम मोदी ने कहा कि बुजुर्ग आंदोलन में बैठे हैं, उन्हें घर जाना चाहिए। आंदोलन खत्म करें और चर्चा आगे चलती रहे। किसानों के साथ लगातार बात की जा रही है।

पीएम मोदी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि MSP है, था और रहेगा। मंडियों को मजबूत किया जा रहा है. जिन 80 करोड़ लोगों को सस्तों में राशन दिया जाता है, वो भी जारी रहेगा। किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूसरे उपाय पर बल दिया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर अब देर कर देंगे, तो किसानों को अंधकार की तरफ धकेल देंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार पहले दिन से गरीबों के लिए काम कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर गरीबों को आत्मविश्वास मिला तो वो खुद मेहनत कर आगे बढ़ेंगे। आज देश में 10 करोड़ शौचालय बने, 41 करोड़ से अधिक बैंक खाते खुले, 2 करोड़ घर बने, 8 करोड़ से अधिक मुफ्त सिलेंडर दिए गए।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, 'हमारा लोकतंत्र किसी भी मायने में वेस्टर्न इंस्टीट्यूशन नहीं है, ये एक ह्यूमन इंस्टीट्यूशन है. भारत का इतिहास लोकतांत्रिक मूल्यों से भरा हुआ है, प्राचीन भारत में 81 गणतंत्रों का वर्णन हमें मिलता है. आज देशवासियों को भारत के राष्ट्रवाद पर हो रहे हमलों से बचाना जरूरी है. भारत का राष्ट्रवाद ना तो संकीर्ण है, ना ही आक्रामक है. ये सत्यम शिवम सुंदरम के मूल्यों से प्रेरित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में बताया कि ये शब्द नेताजी सुभाष चंद्र बोस के हैं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में कहा कि चुनाव के वक्त कर्जमाफी की जाती है, लेकिन उससे छोटे किसान को फायदा नहीं होता है। पिछली फसल बीमा योजना भी बड़े किसानों के लिए थी, जो सिर्फ बैंक से लोन लेता था। यूरिया हो या कोई दूसरी योजना, पहले सभी योजनाओं का लाभ 2 हेक्टेयर से अधिक वाले किसानों को होता था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद हमने कई परिवर्तन किए और फसल बीमा के दायरे को बढ़ा दिया। पीएम मोदी ने कहा कि फसल बीमा योजना के तहत 90 हजार करोड़ रुपये दिए गए। हमने करीब पौने दो करोड़ लोगों तक किसान क्रेडिट कार्ड को पहुंचाया।

पीएम मोदी बोले कि हमने किसान सम्मान निधि योजना लागू की, दस करोड़ परिवारों इसका लाभ मिला और 1.15 लाख करोड़ किसानों के खाते में गया है। बंगाल में राजनीति आड़े में ना आती, तो वहां के लाखों किसानों को लाभ मिलता. हमने सौ फीसदी किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड पेश किया।

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