महामना एक्सप्रेस : हर कोच में लगी हैं एलईडी लाइट्स, ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए ख़ास तरह की सीढ़ियां

Anusha MishraAnusha Mishra   22 Sep 2017 2:45 PM GMT

महामना एक्सप्रेस : हर कोच में लगी हैं एलईडी लाइट्स, ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए ख़ास तरह की सीढ़ियांस्लीपर कोच

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त अपने दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हैं। यहां आज वो महामना एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। आप जानिए इस ट्रेन को बारे में कुछ ख़ास बातें

महामना एक्सप्रेस (20903), वाराणसी से वड़ोदरा के बीच चलेगी। यह ट्रेन साप्ताहिक है जो शुक्रवार को वाराणसी से चलेगी और बुधवार को वड़ोदरा से वापस वाराणसी के लिए चल देगी।

पीएम मोदी एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए ट्रेन को दोपहर 3.30 बजे हरी झंडी दिखाएंगे। उद्घाटन के समय केंद्रीय रेल मंत्री पियूष गोयल उपस्थित रहेंगे। इसके उद्घाटन के दौरान, ट्रेन एक स्पेशल ट्रेन की तरह पटरी पर दौड़ेगी जो शुक्रवार को वड़ोदरा से चलेगी और शनिवार को वाराणसी पहुंचेगी।

ट्रेन चार राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात को कवर करते हुए 1531 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस रास्ते में ट्रेन 9 रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। उत्तर प्रदेश में छेओकी, मध्यप्रदेश में इटारसी, जबलपुर, कटनी और सतना, महाराष्ट्र में अमलनेर और भुसावल व गुजरात में बहरूच।

55.7 किमी प्रति घंटा की औसत गति के साथ ट्रेन 27 घंटे 30 मिनट में वाराणसी से वड़ोदरा की दूरी तय करेगी।

ट्रेन में 18 कोच होंगे - 1 फर्स्ट एसी, 2 सेकेंड एसी, 8 स्लीपर, 4 जनरल कोच, 1 पैंट्री कार व 2 गार्ड ब्रेक वैंस। इसमें थर्ड एसी का एक भी कोच नहीं होगा।

ट्रेन में कई खासियत हैं जैसे - ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए एर्गोनॉमिकली डिजाइन की गई सीढ़ियां, साइड बर्थ के लिए स्नैक टेबल्स, कोच में एलईडी लाइट्स होंगी साथ ही रीडिंग लाइट्स भी होंगी।

बाथरूम में डिज़ाइनर वॉशबेसिन, बड़े शीशे, पानी निकलने के लिए सेंसर वाली टैप, एक्जॉस्ट फैंस और डस्टबिन होंगे।

पैंट्री कार में बिजली से चलने वाली चिमनी होंगी और लगेज कंपार्टमेंट में स्टील की पैनलिंग होगी।

महामना एक्सप्रेस को ये नाम हिंदू महासभा के पूर्व अध्यक्ष महामना मदन मोहन मालवीय के नाम पर दिया गया है, यह प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

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