मोदी सरकार का बड़ा फैसला, बिना पर्चे के नहीं मिलेगी ऑक्सीटोसिन

Divendra SinghDivendra Singh   28 April 2018 4:18 PM GMT

मोदी सरकार का बड़ा फैसला, बिना पर्चे के नहीं मिलेगी ऑक्सीटोसिनपशुपालक करते हैं इसका दुरुपयोग

आपके लिए अच्छी खबर है, क्योंकि सब्जियों और दूध में ऑक्सीटोसिन का जहर नहीं होगा, क्योंकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बिना पर्चे के ऑक्सीटोसिन बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ऑक्सीटॉसिन हार्मोन के निर्माण और बिक्री पर कुछ और नियमों को लाने के अलावा सरकार ने ऑक्सीटॉसिन और इसके फॉर्मूलेशन के आयात पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। हार्मोन का व्यापक रूप से डेयरी फार्मों में उपयोग किया जाता है जिससे मानव और पशुधन पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है।

ये भी पढ़ें- फल और मिठाई लेने से पहले देख लें, कहीं आप तक तो नहीं पहुंच रहा है ये जहर

बच्चे के जन्म के समय दर्द कम करने में भी ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसका दुरुपयोग डेयरी उद्योग में किया जाने लगा है, जो गाय-भैंसों को ऑक्सीटोसिन का इंजेक्शन लगाते हैं, जो पशुओं के लिए खतरनाक है। हार्मोन का उपयोग कद्दू, तरबूज, बैंगन, गोर और खीरे जैसे सब्जियों के आकार को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। इसके ज्यादा इस्तेमाल से कैंसर और हार्मोनल इंबैलेंस हो सकता है।

हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय ने 15 मार्च, 2016 को अपने फैसले में ऑक्सीटॉसिन के बड़े पैमाने पर गुप्त निर्माण और बिक्री का निरीक्षण किया था, जिससे इसके गंभीर दुरुपयोग हुए, जो जानवरों और मनुष्यों के लिए हानिकारक है।

अब ऑक्सीटोसिन केवल रजिस्टर्ड अस्पताल, प्राइवेट और मेडिकल स्टोर्स में ही उपलब्ध होगी। इसकी बिक्री, डिस्ट्रीब्यूशन और उत्पादन पर कंट्रोल करने से इसके गलत इस्तेमाल पर रोक लगेगी।

ये भी पढ़ें- ये वीडियो देख लेंगे तो दोबारा चमकदार सब्जी नहीं खरीदेंगे शहर के लोग Video

देश में फाइजर, नोवार्टिस, कैडिला, निऑन मार्करी लैब्रोटरीज, वॉकहॉर्ड, सन फार्मा, इंटास फार्मा, जायडस कैडिला जैसी करीब 130 कंपनियां ऑक्सीटोसिन का उत्पादन करती हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग्स टेक्नोलॉजी एडवाइजरी बोर्ड, ड्रग्स एंड प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत एक वैधानिक निकाय द्वारा की गई सिफारिशों के माध्यम से अपने निर्माण, बिक्री और वितरण को नियंत्रित और प्रतिबंधित करने का आदेश जारी किया।

सरकार ने अपने बढ़ते दुरुपयोग की जांच के लिए अपने निर्माण को सार्वजनिक क्षेत्र में भी प्रतिबंधित कर दिया। बोर्ड ने सिफारिश की है कि मानव उपयोग के लिए ऑक्सीटॉसिन फॉर्मूलेशन को नियमन और रोकने के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में केवल पंजीकृत अस्पतालों और क्लीनिकों को ही आपूर्ति की जा सकती है।

ये भी पढ़ें- मच्छर मारने के तरीके, कहीं आदमी तो नहीं मार रहे

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top