झारखंड : भूख से मरी बच्ची की मां को दबंगों ने गाँव से निकाला, पुलिस सुरक्षा में लौटी गाँव 

झारखंड : भूख से मरी बच्ची की मां को दबंगों ने गाँव से निकाला, पुलिस सुरक्षा में लौटी गाँव पुलिस सुरक्षा में अपने गाँव आती कोयली देवी

रांची। झारखंड में भूख से 11 साल की बच्ची की मौत के बाद अब उसकी मां की मुसीबतें बढ़ गईं हैं। घटना के बाद गाँववालों ने बच्ची की मां कोयली देवी को गाँव से बाहर निकाल दिया। कोयली ने बताया कि गाँव के लोग उसे गाली देते हैं और चले जाने को कहते हैं। मामला सामने आने के बाद गाँव में पुलिस पहुंची और महिला को सुरक्षा दी। एएनआई के मुताबिक पुलिस सुरक्षा में कोयली देवी वापस गाँव में आ सकी।

बच्ची की भूख से हो गई थी मौत

मालूम हो कि राज्य के सिमगेडा में 11 साल की बच्ची संतोषी की भूख से मौत हो गई थी जिसके बाद मामले की जांच चल रही है। इस बीच बेटी को खो चुकी मां पर मुसीबतें टूट पड़ीं। कोयली देवी को शुक्रवार की रात मुखिया, राशन डीलर, गाँव के जयसिंह बड़ाइक समेत 10 से 12 दबंगों ने पीटकर गाँव से निकलने को मजबूर कर दिया।

बयान बदलने का बना रहे थे दबाव

मुखिया, राशन डीलर ने पहले कोयली पर मन मुताबिक बयान देने के लिए दबाव डाला। जब कोयली ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया तो उन लोगों ने उसके साथ मारपीट की। घर नहीं छोड़ने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी। दबंगों ने कोयली के बगल में रहनेवाली संतोषी की चाची को भी धमकाया। इससे दोनों बुरी तरह से डर गई।

मारपीट और धमकियों के बाद छोड़ा गाँव

डरा-सहमा पांच सदस्यीय परिवार शनिवार की अलसुबह गाँव से पलायन कर गया। उन लोगों ने पतिअंबा पंचायत में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के यहां शरण ली। सुबह जैसे ही इस मामले की जानकारी मीडिया को हुई, मामला गरमाने लगा। इससे पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल पुलिस हरकत में आई।

हरकत में आई पुलिस

पुलिस को जानकारी मिलने के बाद आननफानन में पुलिस पतिअंबा गाँव पहुंची। पीड़ित परिवार को अपनी सुरक्षा में वापस कारीमाटी ले आई। पीड़ितों द्वारा यहां अपनी जान को खतरा बताए जाने पर पुलिस ने उनके घर के बाहर दो चौकीदार तैनात कर दिए।

लगातार मिल रहीं धमकियां

कोयली देवी ने बताया कि निलंबित किए गए डीलर भोला साहू, मुखिया सुनीता डांग व गांव के जयसिंह बड़ाइक समेत कुछ लोग उसे लगातार धमकी दे रहे थे। तीनों लोग शुक्रवार की रात अन्य दबंगों के साथ उसके घर आ धमके। दबाव डालने लगे कि नेताओं व मीडिया के लोगों को बच्ची की मौत की वजह भूख नहीं बल्कि मलेरिया बताऊं। मेरे इन्कार करने पर वे लोग उग्र हो गए। घर के बर्तन व अन्य सामान उठाकर बाहर फेंकने लगे। रोकने पर पहले मेरे साथ धक्कामुक्की की फिर मारपीट करने लगे। दबंगों से जान का खतरा देखते हुए वह परिवार समेत गांव छोड़कर अपने रिश्तेदार के घर चली गई थी।

शिकायत की हो रही है जांच : थाना प्रभारी

वहीं मौके पर पहुंचे एसडीओ जगबंधु महथा ने बीडीओ को निर्देश दिया कि वे कोयली को प्रधानमंत्री आवास आवंटित करने के लिए वरीय पदाधिकारियों को पत्र लिखें। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि महिला को वर्षों पूर्व इंदिरा आवास आवंटित किया गया था। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी सामुएल लडा ने बताया कि पूरे मामले में मिली शिकायतों की जांच की जा रही है।

संबंधित खबर :- राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं था, बच्ची भात-भात कहते मर गई

Share it
Top