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उन्नाव केस में पुलिस का खुलासा : आरोपी ने दोस्त के साथ मिलकर लड़कियों को पिलाया था कीटनाशक मिला जहरीला पानी, दोनों आरोपी गिरफ्तार

उन्नाव मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी विनय कुमार ने यह कबूला है कि वो तीनों में से सिर्फ एक लड़की को मारना चाहता था पर कीटनाशक मिले पानी को उसकी दो और सहेलियों ने भी पी लिया। जिसे वो मारना चाहता था उसका अभी इलाज चल रहा है।

Neetu SinghNeetu Singh   19 Feb 2021 5:02 PM GMT

उन्नाव केस में पुलिस का खुलासा : आरोपी ने दोस्त के साथ मिलकर लड़कियों को पिलाया था कीटनाशक मिला जहरीला पानी, दोनों आरोपी गिरफ्तारये उस बच्ची की माँ है जिसके अंतिम संस्कार वाले दिन उसे शादी के लिए लड़के देखने आने वाले थे. फोटो : नीतू सिंह

उन्नाव के सनसनीखेज मामले में बड़ा खुलासा करते हुए यूपी पुलिस ने दो आरोपियों को 19 फरवरी की शाम गिरफ्तार किया है, जिसमें एक आरोपी नाबालिग है। पुलिस के मुताबिक मामला प्यार का प्रस्ताव ठुकराने से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी विनय कुमार ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।

जिस लड़की का अभी कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में इलाज चल रहा है, पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी विनय इसी लड़की को मारने के लिए गेहूं की बुवाई के समय छिड़काव करने वाला कीटनाशक घर से ही पानी की बोतल में मिलाकर लाया था। आरोपी बबुरहा गाँव की ग्राम पंचायत पाठकपुर के रहने वाले हैं। बबुरहा उन्नाव के असोहा थानाक्षेत्र में आता है।

लखनऊ रेंज की आईजी लक्ष्मी सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया, "आरोपी ने कड़ाई से पूछताछ करने पर बताया कि लॉकडाउन के समय ही इन तीनो लड़कियों में से एक लड़की से उसकी दोस्ती हो गयी थी। वो रोज दोस्ताना व्यवहार में खेत में बैठकर खाते पीते थे। उसने इस लड़की के सामने प्यार का प्रस्ताव रखा जिसे लड़की ने ठुकरा दिया। विनय ने उसे कई बार मनाने की कोशिश की, उसका फोन नंबर मांगा पर जब उसने मना कर दिया तो उसने ईर्ष्या की भावना से उसे मारने की साजिश रच डाली।"

उन्नाव पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में लिखा है कि मुख्य आरोपी विनय कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि तीनों लड़कियों में से एक लड़की के खेत के बगल में मेरा खेत है। वो अकसर अपनी चचेरे बहनों के साथ खेत आया करती थी। लॉकडाउन के समय ही इस लड़की से हमारी दोस्ती हो गयी। हम खेत में ही खेलते थे और साथ बैठकर खाते पीते थे। मैं उसे पसंद करने लगा था। जब मैंने उसके सामने अपने प्यार का प्रस्ताव रखा तो उसने मना कर दिया। एक महीने पहले मैंने उससे उसका फोन नम्बर भी मांगा था लेकिन उसने देने से मना कर दिया, जिसके कारण मैं आक्रोशित था। मैंने उसे मारने का मन बना लिया था।

विनय के मुताबिक उसने प्रस्ताव को न मानने की बात अपने एक साथी को बताई। विनय ने बताया कि घटना वाले दिन घर से पानी की बोतल में गेहूं की बुवाई के समय इस्तेमाल होने वाला कीटनाशक वो पानी में मिलाकर लाया था। विनय ने अपने साथी से दुकान से नमकीन मंगाई और उस खेत में आ गये जहाँ वो तीनों बरसीम काट रही थीं। हमने उन्हें बुलाकर नमकीन खिलाई जब उन्होंने पीने के लिए पानी मांगा तो मैंने वही पानी की बोतल दे दी। मैं सिर्फ एक को ही पानी पिलाना चाहता था पर मेरे देखते-देखते तीनों ने पानी पी लिया और मैं मना नहीं कर पाया। हम लोगों ने शव को उनके ही खेत में रख दिया।

ये है सरसों का वो खेत जहाँ तीनों बच्चियां 17 फरवरी को देर शाम परिजनों को संदिग्ध अवस्था में मिली थीं. फोटो : नीतू सिंह

जिस खेत में विनय शव रखने की बात कह रहा है ये वही सरसों का खेत है जहाँ 17 फरवरी की दोपहर करीब तीन बजे दलित समुदाय की एक ही परिवार की तीन लड़कियां रोज की तरह पशुओं के लिए घास लेने गई थीँ। जब सूरज के ढलते अँधेरे के साथ वो वापस नहीं लौटी तब परिजनों ने उन्हें खोजना शुरू किया।

मोबाइल और टार्च की रोशनी से परिजन खोजते हुए शाम के करीब छह सात बजे इसी सरसों के खेत के पास पहुंचे जहाँ तीनों दलित बच्चियां संदिग्ध अवस्था में मिलीं थीं। इनके परिजनों ने बताया कि तीनों के दुप्पट्टा से उनका गला और हाथ बंधे हुए थे। उन्हें पास के एक प्राईवेट अस्पताल ले जाया गया वहां गंभीर हालत बताकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र असोहा भेज दिया। यहाँ डॉ ने दो बच्चियों को मृत घोषित कर दिया वहीं तीसरी लड़की का इलाज कानपुर के एक अस्पताल में चल रहा है जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

आईजी लक्ष्मी सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बच्चियों के दुपट्टे से हाथ बाँधने की बात पर कहा है, "आरोपी ने दिए बयान में यह बात नहीं कबूली है, पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंची थी। बच्चियों में से एक के ही परिजन मौके पर पहुंचे थे, जहाँ से उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।"

ये है उस मृतका का घर जिसके जन्म के 12 दिन बाद ही उसकी माँ का देहांत हो गया था, घर देखकर आप बच्ची की गरीबी का अंदाजा लगाईए.

पुलिस ने बताया - आरोपी ने बच्ची को मारने के लिए कैसे रची थी साजिश?

आईजी लक्ष्मी सिंह ने कहा, "विनय घर से पानी की दो बोतल लेकर आया था जिसमें एक में कीटनाशक मिला था और एक में नहीं। उसने अपने नाबालिग साथी से नमकीन मंगवाई और लड़कियाँ भी नमकीन के पैकिट ले गयी थीं। उसने कीटनाशक मिला पानी उसी लड़की को पीने के लिए दिया था जिसे वो मारना चाहता था पर उसकी दोनों बहनों ने वो पानी उससे छीन कर पी लिया, उसने मना करने की कोशिश की पर वो मानी नहीं। कीटनाशक पीने के बाद जब इनके मुंह से झाग निकलने लगा तो वो तीनों को उनके खेत में रखकर घबराकर भाग गया।"

जो आरोपी बता रहा है वो कितना सही है? इस सवाल के जवाब में आईजी लक्ष्मी सिंह ने कहा, "घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को जो चीजें बरामद हुई हैं वो आरोपी के बयान से मिल रही हैं। सीडीआर जांच में भी मुख्य आरोपी घटना के वक़्त मौके पर पाया जा रहा है। विवेचना प्रचलित है, अभी इसके एक-एक हिस्से का सत्यापन करायेंगे।"

परिजन रेप का भी आरोप लगा रहे हैं? इस पर लक्ष्मी सिंह ने कहा, "पीएम रिपोर्ट में एसाल्ट के लक्षण नहीं पाए गये हैं, कोई चोट भी नहीं पायी गयी है। आरोपी विनय ने एसाल्ट की बात नहीं कबूली है। परिजनों ने जो स्टेटमेंट लिखकर दिया था एफआईआर में वही लिखा गया है। अज्ञात के खिलाफ मुकदमा लिखा गया था, धारा 302 और 201 लगाई गयी थी।"

ये बच्ची घटना वाले दिन सब्जी और रोटी बनाकर गयी थी जो अभी उसी अवस्था में पड़ी हैं. फोटो : नीतू सिंह

दो बच्चियों के शवों का हो चुका है अंतिम संस्कार, गाँव में पसरा है मातम

19 फरवरी की सुबह जिला प्रशासन समेत आई जी और कमिश्नर ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को अंतिम संस्कार करने के लिए काफी समझाया। अंततः परिजन अंतिम संस्कार को तैयार हो गये, दोनों बच्चियों के शवों को लगभग साढ़े नौ बजे उनके खेत के पास ही दफना दिया गया है। इसमें से एक बच्ची को दफनाने वाले दिन ही लड़के वाले शादी के लिए देखने आने वाले थे। एक वो बच्ची थी जो जन्म के समय सिर्फ 12 दिन की थी तभी उसकी माँ का देहांत हो गया था। पूरे गाँव में मातम पसरा हुआ है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

एक मृतका की माँ रोते हुए कह रहीं थीं, "इतनी भीड़ तो हमारी बिटिया की शादी में भी नहीं होती जितनी भीड़ उसकी मौत में हुई है, आज उसे देखने आने वाले थे पर अब तो हमारा सबकुछ चला गया।"

क्या आपकी किसी से दुश्मनी थी? ये पूछने पर माँ बार-बार यही कह रही थीं, "हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं, हमें किसी पर शक भी नहीं फिर क्यों हमारी लड़कियों को किसी ने मार दिया?"

ये माँ बार-बार यही कह रही है, 'मेरी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी फिर मेरी बच्ची को किसी ने क्यों मारा?" फोटो: नीतू सिंह

इस मृतका के पिता की तबियत इस घटना के बाद खराब है, उन्हें शव का अंतिम संस्कार करने के दौरान एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया था। इस घटना से परिजन बहुत आहत हैं, माँ बेसुध पड़ी हैं, परिजनों की भी तबियत ठीक नहीं है। डॉ की एक टीम गाँव में 19 फरवरी की सुबह से परिजनों की देखरेख के लिए आ गयी थी।

इन तीनों बच्चियों के घर कुछ-कुछ दूरी पर हैं, एक ही परिवार की हैं रिश्ते में बुआ, भतीजी लगती थीं। इन बच्चियों के एक पड़ोसी ने बताया, "इन लड़कियों का स्वभाव बहुत अच्छा था, जो अभी अस्पताल में भर्ती है जब वो खेत जा रही थी मैं अपने दरवाजे ही बैठी थी। मैंने उससे पूछा भी चारा लेने जा रही हो, उसने हंसते हुए कहा, हां।"

जो बच्ची 12 दिन की थी जब उसकी माँ मर गयी थी, उनकी दादी ने उसे पाल पोसकर इतना बड़ा किया था। उसकी दादी बार-बार कह रही थी, "मेरी नातिन बहुत कम बोलती थी, अपने काम से काम मतलब रखती थी। घर में इतना काम रहता था पूरे दिन उसी में लगी रहती थी।"

पड़ोस की एक महिला ने बताया, "हम उन लड़कियों को रोज खेत आते-जाते देखते थे। खुशदिल स्वभाव की थीं। जो दोनों मर गयी हैं और जो जिंदा है इनकी अपनी अलग ही दुनिया थी, किसी से कोई मतलब नहीं था। खेत और घर बस यही उनकी दुनिया थी।"





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