नीति आयोग की बैठक live, राज्यों के सहयोग के बिना ‘न्यू इंडिया’ विजन का सपना साकार नहीं होगा: मोदी

Karan Pal SinghKaran Pal Singh   23 April 2017 1:56 PM GMT

नीति आयोग की बैठक live, राज्यों के सहयोग के बिना ‘न्यू इंडिया’ विजन का सपना साकार नहीं होगा: मोदीनीति आयोग की बैठक जारी।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आज नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की तीसरी बैठक हो रही है। राष्ट्रपति भवन में दिन भर चलने वाली इस मीटिंग की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा नीति आयोग के सदस्य और विशेष रूप से आमंत्रित विशेषज्ञ शामिल है। हालांकि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बैठक में शरीक ना होने का फैसला किया है।

सहयोग पर जोर

बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नए भारत का निर्माण सभी राज्यों और उनके मुख्यमंत्रियों के सहयोग से ही मुमकिन है। उन्होंने साफ किया कि मुख्यमंत्रियों को परियोजनाओं की मंजूरी के लिए नीति आयोग के चक्कर काटने की जरुरत नहीं है। पीएम के मुताबिक आयोग अब सिर्फ सरकारी इनपुट्स पर निर्भर नहीं है और इसमें पेशेवर और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। पीएम का कहना था कि मुख्यमंत्रियों के उप-समूहों ने कई सरकारी योजनाओं पर कीमती सुझाव दिये हैं। उनका दावा था कि ये पहला मौका है जब मुख्यमंत्रियों को केंद्रीय योजनाओं में योगदान के लिए कहा गया है और फंड की कमी के बावजूद उनकी सिफारिशों को स्वीकार किया गया है।

बैठक का एजेंडा

बैठक के दौरान केंद्र सरकार के विजन दस्तावेज पर चर्चा हो रही है. दस्तावेज में अगले 15 साल के दौरान देश की आर्थिक तरक्की की रफ्तार बढ़ाने के लिए खाका तैयार किया गया है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगरिया ने विजन डॉक्यूमेंट में सुझाए रोडमैप के अहम पहलुओं पर प्रेजेंटेशन दिया है। इसके अलावा 1 जुलाई से जीएसटी लागू करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा हो रही है। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मीटिंग में पिछली दो बैठकों के दौरान लिए गए फैसलों पर लिए गए एक्शन पर भी चर्चा की जाएगी।

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पिछली बैठकों में क्या हुआ?

काउंसिल की पहली बैठक 8 फरवरी 2015 में हुई थी। इस मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी ने नीति आयोग के एजेंडा को साफ किया था। इसमें अहम सरकारी योजनाओं की निगरानी के साथ सहयोगात्मक संघवाद यानी को-ऑपरेटिव फेडरेलिज्म को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया था। बैठक में तय हुआ था कि नीति आयोग सरकार के थिंक टैंक की तरह काम करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि आयोग केंद्र और राज्यों के बीच कड़ी का काम करेगा। इशके अलावा गरीबी उन्मूलन और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्रियों के सब-ग्रुप और दो टास्क फोर्स बनाए गए थे। 15 जुलाई 2015 को हुई दूसरी मीटिंग में इन उप-समूहों और टास्क फोर्स के काम की समीक्षा की गई थी। नीति आयोग को साल 2030 तक तेज आर्थिक विकास के लिए दस्तावेज तैयार करने को भी कहा गया था।

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