देश

Video : ‘बता मेरे यार सुदामा रै...’ गाने वाली विधि ने जीता राष्ट्रपति का दिल

लखनऊ। फरवरी महीने में हरियाणा की बेटियों का गाया एक गीत 'बता मेरे यार मेरे यार सुदामा रै, भाई घणैं दिन मं आया...' यूट्यूब, फेसबुक, व्हाट्सऐप जैसी पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा था। इस गाने को हरियाणा में रोहतक ज़िले के सांघी गाँव के डॉ. स्वरूप सिंह गवर्मेंट मॉडल संस्कृति स्कूल की 9वीं, 10वीं और 11वीं कक्षा की छात्राओं विधि, ईशा, शीतल, मनीषा, मुस्कान और रिंकू ने गाया है।

भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती पर गाए गए इस गाने को लाखों लोगों ने सुना, लेकिन अब देश के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी भी इस गाने के मुरीद हो गए हैं। इस गाने को सुनने के बाद मुख्य गायिका विधि देशवाल के पास राष्ट्रपति भवन से एक फोन आया, जिसमें विधि को परिजनों के साथ राष्ट्रपति से मुलाकात करने के लिए बुलाया गया था। इसके बाद विधि अपने परिवार के साथ सात मई को राष्ट्रपति भवन पहुंची और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। इस अनौपचारिक बातचीत में राष्ट्रपति ने विधि की खूब तारीफ की। विधि ने राष्ट्रपति को मां सरस्वती की तांबे की प्रतिमा भी उपहार में दी।

देश-दुनिया से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप

सात मई की शाम करीब सात बजे विधि अपने पापा सतीश, मां संतोष देवी और बड़ी बहन कोमल के साथ राष्ट्रपति भवन पहुंची। करीब 10 मिनट की मुलाकात में राष्ट्रपति ने उसके गीत की खूब प्रशंसा की।

इस बारे में बात करते हुए विधि के पापा सतीश देशवाल कहते हैं कि कुछ दिनों पहले ही हमारे पास राष्ट्रपति भवन से फोन आया था। शुरुआत में तो हमें विश्वास ही नहीं हुआ, लेकिन जब यकीन हुआ तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं था।

नहीं जाना चाहते थे खाली हाथ

विधि के पिता कहते हैं कि राष्ट्रपति भवन की ओर से मुलाकात करने का जैसे ही न्योता मिला तो पूरा परिवार उत्साहित हो गया। विधि के पिता सतीश बताते हैं कि हम खाली हाथ राष्ट्रपति से मुलाकात करने के लिए नहीं जाना चाहते थे। मेरा मन था की हम उन्हें भारत माता की प्रतिमा भेंट करें लेकिन समय की कमी के कारण हमें भारत माता की प्रतिमा नहीं मिली। फिर हमने मां सरस्वती की प्रतिमा भेंट करने का निर्णय लिया।

जब मिला था 31000 रुपये का पुरस्कार

कुछ समय पहले आई एक खबर में विधि ने बताया था कि यह उसकी मां संतोष ने रिठाल गांव में हुए सत्संग में सुना था और मां ने ही उसे गीत को लिखकर दिया था। उसने फरवरी 2016 में पहली बार स्कूल की बाल सभा में इसे गाकर इनाम जीता था। विधि ने बताया था कि उसके बाद म्यूजिक टीचर सोमेश जांगड़ा ने मेरे यार सुदामा रै...गीत को मार्च में रीमिक्स सॉन्ग का रूप देकर रियाज करवाया। फिर 12 अप्रैल 2016 को पहली बार महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के टैगौर सभागार में यह रीमिक्स गीत गाया। इसे सुनकर गीता मर्मज्ञ स्वामी ज्ञानानंद ने नैतिक शिक्षा पुस्तक के विमोचन अवसर पर इस गीत को सुनाने का निमंत्रण दिया। गीत सुनकर कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने उन्हें 31000 रुपए का पुरस्कार दिया।


ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।