CBSE के कोर्स में लड़कियों का ‘बेस्ट फिगर’ बताने वाले प्रोफेसर ने कहा- फाइनल कॉपी में नहीं था जिक्र, लड़ूंगा केस

CBSE के कोर्स में लड़कियों का ‘बेस्ट फिगर’ बताने वाले प्रोफेसर ने कहा- फाइनल कॉपी में नहीं था जिक्र, लड़ूंगा केसआकृति या बनावट में बताया गया है महिलाओं के शारीरिक बनावट में भेद।

कैथल (हरियाणा)। सीबीएसई की कक्षा 12 की शारीरिक शिक्षा की किताब में लड़कियों का बेस्ट फीगर बताने वाले प्रोफेसर डॉ. वीके शर्मा ने खेद जताने से इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एफआइआर दर्ज होने के बाद किसी तरह के खेद का सवाल ही नहीं है।

डॉ. वीके शर्मा कैथल के चीका कस्बे में डीएवी कॉलेज में प्रोफेसर हैं। पुस्तक को दिल्ली के न्यू सरस्वती हाउस ने प्रकाशित किया है। सीबीएसई ने प्रकाशक के खिलाफ दिल्ली में केस दर्ज कराया है। वीके शर्मा का कहना है कि मैँ 1991 से पाठ्यक्रम की पुस्तकें लिख रहा हूं। 2014-15 में सीबीएसई का पाठ्यक्रम बदल गया था। शर्मा का दावा है कि इन अशुद्धियों को पुस्तक से हटा दिया गया था, यह कैसे रह गईं, हम नहीं जानते। गलतियां इंसान से ही होती हैं। अब एफआइआर हो चुकी है तो खेद प्रकट करने से क्या लाभ। अब केस लड़ेंगे।

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इस पर मचा विवाद

शारीरिक शिक्षा की किताब के पेज संख्या 156 पर पाठ फिजियोलॉजी एंड स्पोर्ट्स के एक अंश में कहा गया है, 'महिलाओं के 36-24-36 आकार को सबसे अच्छा माना जाता है। यही वजह है कि मिस वल्र्ड या मिस यूनिवर्स प्रतियोगिताओं में इस तरह के शरीर के आकार का भी ध्यान रखा जाता है।'

महिलाएं शरीर के प्रति नहीं हैं जागरूक

पुस्तक के अध्याय छह के पेज 121 पर लेखक ने महिलाओं के खेलों में पिछड़ने के कारणों की विवेचना की है। उन्होंने पुष्टि एवं सुयोग्यता आंदोलन की कमी उप शीर्षक के तहत लिखा है कि बहुत सी महिलाएं और लड़कियां शरीर की बनावट व आकार के प्रति जागरूक नहीं हैं। इनमें कुछ अपनी आकृति के रखरखाव के प्रति सचेत नहीं हैं।

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