प्रोजेरिया पीड़ित बच्चा एक दिन के लिए बना मप्र बाल आयोग का अध्यक्ष

प्रोजेरिया पीड़ित बच्चा एक दिन के लिए बना मप्र बाल आयोग का अध्यक्षश्रेयांश के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान। 

भोपाल (भाषा)। लाइलाज बीमारी ‘प्रोजेरिया' पीड़ित जबलपुर के 10 वर्षीय श्रेयांश बाघमारे को आज यहां एक दिन के लिए मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग का अध्यक्ष बनाया। आयोग के अध्यक्ष डॉ राघवेन्द्र शर्मा ने बताया, ‘‘श्रेयांश ने भोपाल घूमने की इच्छा व्यक्त की थी।

श्रेयांश और गंभीर बीमारियों से जुझ रहे अन्य बच्चों को खुशी देने के लिए ही हमने उसे एक दिन के लिए आयोग का अध्यक्ष बनाने का फैसला लिया।'' उन्होंने बताया कि श्रेयांश ने आज भोपाल आकर एक कार्यक्रम में बतौर आयोग अध्यक्ष हिस्सा लिया। उसे आयोग के अध्यक्ष की कुर्सी पर भी बैठाया गया।

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श्रेयांश के पिता अरविंद बाघमारे ने बताया, ‘‘श्रेयांश को हमने नागपुर के अस्पताल में दिखाया था। डॉक्टरों ने यही कहा कि इस बीमारी का इलाज कुछ नहीं है। ऐसे बच्चे अल्पायु होते हैं, इसलिए उन्हें हर समय खुश रखने का प्रयास करना चाहिए।'' उन्होंने श्रेयांश को एक दिन के लिये आयोग के अध्यक्ष बनाने की निर्णय पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आज वह बेहद खुश है।

मुख्यमंत्री ने श्रेयांश को सम्मानित भी किया।

शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ पंकज शुक्ला ने बताया कि यह लाइलाज बीमारी लाखों लोगों में से एक व्यक्ति इसका पीड़ित होता है। मप्र में संभवत: श्रेयांश अकेला इस बीमारी का मरीज होगा। दुनिया में कहीं इसका इलाज नहीं है। गौरतलब है कि अमिताभ बच्चन द्वारा अभिनीत फिल्म ‘पा' में इस बीमारी एवं रोगी की मानसिकता का जीवंत चित्रण किया गया था। श्रेयांश बाघमारे ने आज राजधानी भोपाल के समन्वय भवन में बाल आयोग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान बच्चों से जुड़े कुछ अहम मुद्दों पर प्रदेश सरकार को निर्देश भी दिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से अपील की कि सरकार प्रोजेरिया से ग्रसित बीमारों का इलाज मुफ्त में कराएं। दिव्यांग बच्चों को मंच उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर आयोजन कराये जाए।

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