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पुलवामा हमला: पत्नी से खुद का घर बनवाने का वादा करके गए थे रामवकील माथुर, घर ही नहीं लौटे

घर से जाते वक्त रामवकील ने कहा था कि इस बार मार्च में जब आऊंगा तो प्लॉट पर अपना मकान बनवाऊंगा।

पुलवामा हमला: पत्नी से खुद का घर बनवाने का वादा करके गए थे रामवकील माथुर, घर ही नहीं लौटे

लखनऊ। पुलवामा में हुए फिदायीन आतंकी हमले में भारत के 40 जवान शहीद हो गए। शहीद होने वालों में उत्तर-प्रदेश के मैनपुरी से रामवकील माथुर भी हैं। रामवकील हाल ही में छुट्टी पर घर आए हुए थे। बीते रविवार, 8 फरवरी को वापस श्रीनगर ड्यूटी पर गए थे।

पहले गायब होने की ख़बर मिली, फिर फोन आया 'शहीद हो गए हैं'–

रामवकील माथुर की पत्नी गीता ने मीडिया से बात-चीत में बताया, 'शाम को जब उनके गायब होने की खबर आई तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था। जब टीवी पर हमले की ख़बर सुनीं तो मैं बार-बार उनको फोन करने लगीं लेकिन फोन स्विचऑफ बता रहा था। कुछ देर बाद एक ऑफिसर का फोन आया और पता चला शहीद हो गए हैं। शहीद होने की ख़बर मिलते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

लौटकर आने पर, घर बनवाने का किया था वादा-

रामवकील माथुर वर्ष 2001 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। रामवकील की पत्नी गांव से दूर बच्चों की पढ़ाई के लिए इटावा शहर में किराये के कमरे में रहती हैं। रामवकील के तीन बच्चे भी हैं। छोटा बच्चा अंश माथुर सिर्फ 4 साल का है।

गीता बताती हैं कि घर से जाते वक्त उन्होंने कहा था कि इस बार मार्च में जब आऊंगा तो प्लॉट पर अपना मकान बनवाऊंगा। रामवकील के तीन बच्चे राहुल (12 वर्ष), साहुल (10 वर्ष) और अंश (4 वर्ष) हैं।

मैनपुरी पुलिस और युवाओं ने दी श्रद्धांजलि-

मैनपुरी पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा, 'पुलवामा में आतंकवादी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के वीर जवानों की शहादत में पुलिस कार्यालय मैनपुरी तथा जनपद के थानों पर पुलिस द्वारा दो मिनट का मौन रखकर भावपूर्ण श्रदांजली दी गई।'



आतंकवादियों के इस कायराने हमले से गांव वालों में गुस्से का माहौल है। शुक्रवार की सुबह ही तमाम गांव के लोगों ने रामवकील माथुर के घर पहुंच कर श्रद्धांजलि अर्पित की। गांव के लोगों का कहना है कि सरकार को अतिशीघ्र शहीद जवानों का बदला लेना चाहिए।

योगी सरकार ने किया हर संभव मदद का वादा-

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलवामा हमले में शहीद वाले वाले उत्तर-प्रदेश के सभी जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'प्रदेश सरकार प्रत्येक शहीद जवान के परिवार को 25 लाख रुपए की अनुग्रह राशि तथा परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी देगी। जवानों के पैतृक गांव के सम्पर्क मार्ग का नामकरण शहीद जवानों के नाम पर किया जाएगा।'



पढ़ें- पुलवामा में बड़ा आतंकी हमला, 40 जवान शहीद

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