दो महीने का राशन, जेनरेटर और साथ में डॉक्टर लेकर दिल्ली की ओर चल पड़े हैं किसान

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान अब पूरी तैयारी कर चुके हैं। 26 नवंबर को 'दिल्ली चलो' का नारा बुलंद है और पंजाब के किसान अब पीछे हटने को तैयार नजर नहीं आते। पढ़िए किसानों के 'दिल्ली चलो' से पहले ख़ास रिपोर्ट ...

Sandeep SinghSandeep Singh   24 Nov 2020 5:57 PM GMT

दो महीने का राशन, जेनरेटर और साथ में डॉक्टर लेकर दिल्ली की ओर चल पड़े हैं किसानकेंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली कूच करने की तैयारी में किसान। फोटो : संदीप सिंह

सुबह के दस बजने को है। लुधियाना जिले के घुलाल गाँव में जब 'गाँव कनेक्शन' का पत्रकार किसानो से मिलने के लिये जाता है तो रास्ते में ही एक ट्रैक्टर ट्राली मिल जाती है।

पूछने पर युवा किसान स्वर्ण सिंह बताते हैं, "वे करीब के टोल प्लाजा जा रहे हैं, यहाँ पिछले दो महीने से धरना चल रहा है और दिल्ली कूच करने के लिये समराला और माछीवाड़ा ब्लॉक के किसान इकट्ठा हो रहे हैं।"

मंटो के शहर समराला से चार किलोमीटर दूर टोल प्लाजा पर किसान हैं और ट्रैक्टर ट्राली है। ट्रैक्टरों और ट्रालियों पर किसान यूनियनों के झंडे हैं। मौसम खराब होने और बारिश में ट्रालियों में पानी ना आये तो कुछ ट्रालियाँ पर विशेष छत लगायी गई है और एक ट्राली में छत लगाने का प्रबंध किया जा रहा है।

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ट्राली में बैठने के लिये विशेष गद्दे लगाये गये हैं। एक इलेक्ट्रीशियन ट्रैक्टर के साथ बिजली की तार जोड़ रहा है। पूछने पर वे बताते हैं कि वे ट्राली में बिजली का प्रबंध कर रहे हैं। इलेक्ट्रिशन ट्रैक्टर बैटरी के साथ ईनवर्टर लगा रहा है। इसके साथ एक बिजली का बोर्ड लगाया गया है जिससे किसानों को फोन चार्जिग में दिक्कत ना हो।

पूरी तैयारी के साथ दिल्ली के लिए निकल रहे हैं किसान। फोटो : संदीप सिंह

इलेक्ट्रिशन बताता है कि ट्राली में लाइटिंग की व्यवस्था के लिये एलईडी लगायी गयी है। बल्ब लगाये गये हैं। दिल्ली में रहना पड़ सकता है। किसानों को बिजली की जरूरत पड़ेगी लेकिन वे कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता।

एक ट्राली में लकड़ी को भरा जा रहा है। हम वहाँ पहुंचते हैं तो किसान बताते हैं कि वे ट्राली में लकड़ी भर रहे हैं ताकि रास्ते और दिल्ली में खाना पका सके। एक अन्य ट्राली में पानी की टंकी है।

लुधियाना के बीकेयू के उपाध्यक्ष उत्तम सिंह बताते हैं, "हम पानी साथ में लेकर जा रहे हैं। अगर केंद्र सरकार किसानों का पानी बंद कर देती है तो उनके पास पानी का रिजर्व होगा। इसके लिये पानी की टंकी को साथ में रखा जायेगा। (एक तरह से ये किसानों का आत्मनिर्भर धरना है)

हम पानी साथ में लेकर जा रहे हैं। अगर केंद्र सरकार किसानों का पानी बंद कर देती है तो उनके पास पानी का रिजर्व होगा। इसके लिये पानी की टंकी को साथ में रखा जायेगा।

उत्तम सिंह, उपाध्यक्ष, बीकेयू, लुधियाना

उत्तम सिंह कहते हैं कि भले ही हम दिल्ली जा रहे हैं लेकिन टोल प्लाजा पर पंजाब में भी धरना चलता रहेगा। वे दावा करते हैं कि धरना प्रदर्शन में बजुर्ग और नौजवान किसान बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते रहे हैं। कभी-कभी महिलाएं भी धरने में आ जाती हैं। उनका कहना है कि 26-27 तारीख को उन्हें अनशन में दिल्ली पहुंचना है, इसलिये वे दो दिन पहले ही दिल्ली के लिये निकल रहे हैं।

धरना स्थल की खासियत ये है कि यहाँ बजुर्ग किसानों के सिरों पर रंग बिरंगी पगड़ियाँ सजी हैं। उनकी छातियों पर किसान यूनियनों के बैज हैं। एक किसान की बाजू कटी हुई है।

पूछने पर खीरनियाँ गाँव के 54 वर्षीय गुरदीप सिंह बताते हैं कि मेरी बाजू 1984 में चारा काटते वक्त कट गयी थी। गुरदीप सिंह बताते हैं, "अब हम दिल्ली जा रहे हैं, मोदी सरकार हमारे साथ धक्केशाही कर रही है, जब तक सरकार हमारी माँगे नहीं मानेगी तब तक हम दिल्ली में डटे रहेंगे।"

प्रदर्शन को लेकर ट्रेक्टर-ट्रालियों में सभी के लिए कई दिनों तक खाने-पीने की गयी है व्यवस्था। फोटो : संदीप सिंह

फिर हमें एक और ट्राली देखते हैं जिसमें वाटर कूलर, गैस सिलंडर और राशन है। यहाँ तख्खराँ गाँव के 73 वर्षीय किसान रणधीर सिंह बताते हैं, "हम अंतहीन समय तक धरने के लिये जा रहे हैं। जब तक हमारी समस्याओँ का हल नहीं हो जाता। तब तक हम वहां बैठे रहेंगे।" जब हम उनसे कहते हैं कि आप आराम करने की आयु में धरने पर क्यों जा रहे हैं तो वे कहते हैं कि सरकार हमें आराम नहीं करने दे रही।

इसके बाद हमें धरना स्थल पर एक डॉक्टर मिल जाते हैं जो किसानों के साथ दिल्ली जा रहे हैं। पूछने पर गढ़ी तरखाणा गाँव के कुलदीप सिंह बताते हैं, "अगर दिल्ली जा रहे किसानों में से कोई भी बीमार होता है तो वे उनको दवा देंगे। जितना समय किसानों का धरना दिल्ली में चलेगा, उतना समय वे दिल्ली में किसानों के साथ रहेंगे और मुफ्त में दवा देंगे।"

पंजाबी गायकों का किसानों के धरने-प्रदर्शनों मे खास योगदान रहा है। इस धऱने पर भी एक मशहूर गायक हरप्रीत माँगट पहुंचे हुए हैं। हरप्रीत दावा करते हैं कि वे किसानोँ के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे हैं।

हम अंतहीन समय तक धरने के लिये जा रहे हैं। जब तक हमारी समस्याओँ का हल नहीं हो जाता। तब तक हम वहां बैठे रहेंगे।

रणधीर सिंह, 73 वर्षीय किसान

हरप्रीत कहते हैं, "25 नवंबर को हम किसानों के साथ दिल्ली को कूच करेंगे और धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे। ये अकेले किसानों का धरना नहीं है। पंजाब के किसानों की आवाज पूरे देश में जायेगी।"

वह आगे बताते हैं, "भारत किसानों का देश है। देश की 70 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर है।" उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार को चंद पूंजीपति चला रहे हैं और सरकार उनको खुश करने के लिये कदम उठा रही है।

इसके बाद दिल्ली कूच के लिये किसानों की तैयारियों के बारे में भारतीय किसान यूनियन सिद्दूपर समराला के प्रधान हरदीप सिंह बताते हैं, "हमारे साथ 25 ट्रैक्टर ट्रालियाँ घुलाल टोल प्लाजा से जा रही हैं। हम दो महीने तक के लिये सामान लेकर जा रहे हैं। जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मानती तब तक हम धरने पर बने रहेंगे।"

हरदीप ने अन्य किसानों के लिये मुफ्त डीज़ल का ऐलान किया है। हरदीप ने कहा, "अगर किसी किसान को पैसे की दिक्कत हो, लेकिन वो दिल्ली ट्रैक्टर लेकर जाना चाहता हो तो किसान यूनियन उन्हें मुफ्त में डीजल मुहैया करवायेगी। अगर ट्रैक्टर की रिपेयर या कोई अन्य खर्चा करना पड़ा तो वे भी करने के लिये हम तैयार हैं।"

जब हमने उनसे किसानों के संघर्ष के लिये फंडिग पर सवाल किया तो उनका कहना था कि गुरु के लंगर में कभी किसी चीज़ की कमी नहीं आती। किसानों ने धरने के लिये खुद फंड एकत्र किया और खुद ही लंगर तक लगाया। अभी तक धरने के लिये किसी भी तरह से किसानों को संसाधनों की दिक्कत नहीँ आई।" हरदीप सिंह के मुताबिक, हरियाणा के किसानों ने पंजाब के किसानों की मदद के लिये तैयार होने की बात कही है।

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