फैक्टरी हादसे से दहला लुधियाना,अब तक 10 लोगों के मिले शव  

फैक्टरी हादसे से दहला लुधियाना,अब तक 10 लोगों के मिले शव  अभी भी इमारत के मलबे में 15 से ज्यादा लोगों दबे होने की आशंका है।

नई दिल्ली। लुधियाना में एक फैक्ट्री में आग लगने से उसकी तीन मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें फायरब्रिगेडकर्मी सहित तीन की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि अभी इमारत के मलबे में 15 से ज्यादा लोगों दबे होने की आशंका है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। दबने वाले लोगों में करीब 6-7 फायरब्रिगेडकर्मी भी शामिल हैं।

फायरब्रिगेडकर्मी आग बुझा रहे थे, तभी इमारत गिर गई और वे उसमें दब गए। घटना शहर के मुश्ताक नगर की है, जहां प्लास्टिक के बैग बनाने वाली एक फैक्ट्री में आग लग गई थी। लुधियाना के पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने बताया, ‘तीन शवों को बाहर निकाला गया है, जिसमें से दो की पहचान कर ली गई है।’ इनमें एक फायरब्रिगेडकर्मी भी शामिल है।

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मौके पर बचाव कार्य अभी भी जारी है और अंदाजा लगाया जा रहा है कि राहत एवं बचाव कार्य पूरी रात भी चल सकता है। आग बुझाने के लिए 15 फायरब्रिगेड वाहन मौके पर मौजूद हैं और मलबा हटाने के लिए बुल्डोजर भी बुलाई गई है। इसके साथ ही एनडीआरएफ की टीम भी बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन की मदद कर रही है। घटनास्थल पर सीनियर जिला प्रशासनिक अधिकारियों सहित पुलिस अधिकारी मौजूद हैं। वहीं मलबे से बाहर निकाले गए लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी बुलाई गई है।

मलबे में कई लोग अभी भी दबे हुए हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी

अधिकारीयों का कहना है कि दुर्घटना की शिकार इमारत पुरानी और 1997 से पहले की बनी होने के कारण फिलहाल यह बता पाना कठिन है कि इसके निर्माण में जरूरी नियमों आदि का पालन किया गया था या नहीं। आज शहरों की आबादी बहुत बढ़ गई है और ऊंची-ऊंची इमारतें बन रही हैं। जहां तक पहुंचने के लिए फायर ब्रिगेड के पास लम्बी सीढिय़ां तक नहीं हैं और अग्निशमन केंद्र कम होने के साथ-साथ आधुनिक अग्निशमन वाहनों का भी अभाव है, जिस कारण राहत कार्यों में देर होना स्वाभाविक है।

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पुराने शहरों में गलियां तंग हैं और समुचित पानी की व्यवस्था भी पूरी नहीं है। अत: आवश्यकता पडऩे पर पानी लेने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फायर हाईड्रैंट की नियमित जांच करने, 200-200 फुट ऊंची सीढिय़ों और आग बुझाने के लिए फोम छोडऩे वाली आधुनिक गाडिय़ों की व्यवस्था करने, अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की लम्बे समय से चली आ रही कमी दूर करने और स्टाफ को समुचित प्रशिक्षण देने की अविलंब आवश्यकता है।

मलबे में दबने वाले फायरकर्मी

राजिंदर शर्मा व राजकुमार (दोनों एसएफओ), मनोहर लाल (एलएफएम), विशाल कुमार (एफएम), मनप्रीत सिंह व सुखदेव सिंह (दोनों एफएम, डीसी)

प्रतीकात्मक तस्वीर

मृतकों की पहचान

फायरमैन शिमोन गिल (55) निवासी अमृतसर। ढाई माह पहले लुधियाना ट्रांसफर हुआ था।
फायरमैन पूरण सिंह बिष्ट (47) सुखदेव कालोनी, पीपल चौक, लुधियाना।
टैक्सी चालक इंदरपाल सिंह (60), निवासी पक्खोवाल रोड, लुधियाना।
राजन सिंह (एफएम), निवासी लुधियाना।
दन बहादुर, फैक्ट्री केयर टेकर, लुधियाना।
संदीप सिंह, फैक्ट्री में कंप्यूटर आपरेटर, निवासी बाजड़ा।
बलदेव राज, फैक्ट्री का मैनेजर, निवासी जसवंत नगर, लुधियाना।

घायलों की पहचान

विक्की, निवासी मंजीत नगर लुधियाना।
सुनील कुमार, निवासी इंजन शेड, लुधियाना।

सुभाष कुमार व रोहित कपूर। इनके घर का पता नहीं चल पाया है।

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