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जल्द ही रेल किराये पर निर्णय लेगी रेल अथॅारिटी , नियुक्त होगा चेयरमैन

जल्द ही रेल किराये पर निर्णय लेगी रेल अथॅारिटी ,  नियुक्त होगा चेयरमैनप्रतीकात्मक तस्वीर।

लखनऊ। रेलवे में अगले साल से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। रेलवे को घाटे से उबारने के लिए रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरडीए) अगले साल से काम शुरू कर देगी। जो रेलवे के पॉलिसी लेवल के सभी डिसीजन लेगी। इसमें यात्री किराया, माल भाड़ा, इन्‍वेस्‍टमेंट, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर जैसे मुख्‍य मुद्दे शामिल हैं। हालांकि आरडीए के फैसलों पर अंतिम मुहर रेल मंत्रालय ही लगाएगा।

ये काम करेगा आरडीए

रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी ट्रेनों के किराये का समय-समय पर निर्धारण करना होगा। साथ ही, अलग-अलग कमोडिटीज पर कितना माल भाड़ा लगाया जाएगा, इसका भी फैसला आरडीए करेगा। रेलवे अलग अलग रेलवे लाइनों को प्राइवेट सेक्‍टर को देने पर भी विचार कर रहा है। ऐसे में, इन रेल लाइनों पर प्राइवेट सेक्‍टर की ट्रेन को चलाने के लिए कितना किराया वसूला जाएगा, यह भी आरडीए तय करेगा।

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रेल टिकटों में कई तरह की छूट दी जाती है, जिसका फैसला रेल मंत्रालय द्वारा लिया जाता है, लेकिन अब इसका फैसला आरडीए करेगा। एक पूर्व रेल अधिकारी ने कहा कि आरडीए रेल किराये का निर्धारण करते वक्‍त रेलवे के खातों की बारीकी से पड़ताल करेंगे। ऑपरेटिंग कॉस्‍ट के मुकाबले कितनी आमदनी हो रही है, उस आधार पर रेल किराया तय होगा। और अगर सरकार आरडीए के प्रस्‍ताव पर अमल करती है तो रेलवे जल्‍द ही घाटे से उबर जाएगा।

इन्‍वेस्‍टमेंट बढ़ाएगा आरडीए

रेलवे की बड़ी दिक्‍कत यह है कि उसके रेवेन्‍यू मॉडल को देखते हुए इन्‍वेस्‍टर्स इन्‍वेस्‍टमेंट के लिए आगे नहीं आते। यही वजह है कि आरडीए में एक मेंबर, पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) भी नियु‍क्‍त किया जाएगा। जो इस तरह के प्रस्‍ताव तैयार करेगा, जिससे रेलवे में प्राइवेट सेक्‍टर का इन्‍वेस्‍टमेंट बढ़ सके। यदि इन्‍वेस्‍टमेंट को लेकर कोई भी विवाद खड़ा होता है तो उसका निपटारा भी आरडीए द्वारा किया जाएगा। साथ ही, भारतीय रेलवे को विश्‍व स्‍तरीय बनाने के लिए ग्‍लोबल बेस्‍ट प्रैक्टिसेज और बेंच मार्किंग को निर्धारित करने के काम भी आरडीए संभालेगा।

आसान नहीं होगा काम

आरडीए को रेलवे के संचालन का जिम्‍मा प्रोफेशनल्‍स को सौंपने की पहल माना जा रहा है, लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा। रेलवे बोर्ड के सदस्‍य रह चुके आरसी आचार्य ने एक वेब पोर्टल को बताया कि रेलवे की वर्तमान दशा के लिए सरकारें काफी हद तक जिम्‍मेदार है। ऐसे में, आरडीए द्वारा किराए में वृद्धि जैसे कठोर फैसले को लागू करते वक्‍त रेल मंत्रालय का रूख क्‍या रहता है, इससे तय होगा कि रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी अपने मकसद पर खरी उतरती है या नहीं।

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क्‍या होगी चेयरमैन की खूबी

रेल मंत्रालय आरडीए का चेयरमैन ऐसा व्‍यक्ति को बनाना चाहता है, जिसने कम से कम 25 रेल इंडस्‍ट्री या फाइनेंस या एकाउंटेंसी या लॉ या रेग्‍युलेटरी अफेयर्स का अनुभव हो। चेयरमैन के लिए प्रोफेशनल नॉलेज को वरीयता दी जाएगी। इसके अलावा मेंबर्स की नियुक्ति में भी प्रोफेशनल्‍स को वरीयता दी जाएगी। इसमें तीन मेंबर होंगे। मेंबर (टैरिफ), मेंबर (पीपीपी) और मेंबर (‍इफिशिएंसी, स्‍टैंडर्ड और बेंचमार्किंग) को पांच साल के लिए नियु‍क्‍त किया जाएगा।

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