15 अगस्त, 2022 को शुरू हो सकती है बुलेट ट्रेन, समुद्र के नीचे से होगा रास्ता

15 अगस्त, 2022 को शुरू हो सकती है बुलेट ट्रेन, समुद्र के नीचे से होगा रास्ताप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी पीएम शिंजो आबे 14 सितंबर को बुलेट ट्रेन परियोजना की रखेंगे आधारशिला

नई दिल्ली। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उच्च रफ्तार वाली बुलेट ट्रेन का किराया 'सबके लिए वहन करने लायक' होगा। वहीं रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन को देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त, 2022 को शुरू करना है जो निर्धारित कार्यक्रम से एक साल पहले है।

'हमें प्रतिस्पर्धात्मक होना होगा'

गोयल ने कहा, 'हम निश्चित तौर पर इसे (किराया) वहन करने लायक रखेंगे'। अगर यात्री हवाई टिकट के लिए कम पैसे दे रहे हैं तो वे बुलेट ट्रेन से क्यों सफर करेंगे? इसलिए हमें प्रतिस्पर्धात्मक होना होगा।'

बुलेट ट्रेन में दो श्रेणियां होंगी

अधिकारियों के अनुसार बुलेट ट्रेन में दो श्रेणियों - एक्जीक्यूटिव और इकोनॉमी की सीटें होंगी तथा किराया राजधानी एक्सप्रेस के एसी 2-टियर किराये के बराबर होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे 14 सितंबर को बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन परियोजना की आधारशिला रखेंगे।

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ट्रेन शुरू करने की समयसीमा 2023 बनी रहेगी

रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और बुलेट ट्रेन परियोजना के प्रभारी ने कहा कि ट्रेन शुरू करने की समयसीमा 2023 बनी रहेगी लेकिन रेलवे का 2022 के स्वतंत्रता दिवस समारोह को ध्यान में रखते हुए इसे शुरू करने का लक्ष्य है।

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बुधवार को भारत आएंगे आबे

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचेंगे। इसके एक दिन बाद 14 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी और आबे अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन के पास एक मैदान में ट्रेन के लिए भूमि पूजन करेंगे। अपने दौरे के दौरान आबे और मोदी गुजरात में 12वें भारत-जापान एनुअल बाइलेटरल समिट हिस्सा लेंगे। यह मोदी-आबे के बीच चौथा एनुअल समिट होगी।

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1 लाख करोड़ रुपए आएगी लागत

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की लागत 1,08,000 करोड़ आएगी। इससे 20 हजार लोगों को इनडायरेक्ट और 4,000 लोगों को डायरेक्ट जॉब्स मिलेगा।

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यह है बुलेट ट्रेन की खासियतें- आठ घंटे का सफर 2 घंटे 7 मिनट में

  • अहमदाबाद से मुंबई की (508 किमी) की रेल यात्रा में अभी सात से आठ घंटे लगते हैं। बुलेट ट्रेन चालू होने पर 2.07 से 2.58 घंटे लगेंगे।
  • परियोजना की कुल लागत 1.08 लाख करोड़ रुपए है।
  • जापान 88 हजार करोड़ रुपए का ऋण (0.1 फीसदी ब्याज दर, यानी हर महीने 7-8 करोड़ रुपए) पर दे रहा है। बाकी धन भारत सरकार खर्च करेगी।
  • कर्ज की वापसी 15 वर्ष बाद से करनी होगी। 50 साल में इतना सस्ता कर्ज कभी नहीं मिला।
  • बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 350 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
  • शुरू में बुलेट ट्रेन में 10 डिब्बे होंगे। इनमें 750 यात्री बैठेंगे।
  • "मेक-इन-इंडिया" को बढ़ावा देगी बुलेट ट्रेन परियोजना
  • महाराष्ट्र में इसका 156 किमी और गुजरात में 351 किमी लंबा रूट रहेगा।
  • 21 किलोमीटर का सबसे लंबा टनल और 7 किलोमीटर समुद्र के नीचे से रूट रहेगा।
  • मुंबई से अहमदाबाद के बीच कुल 12 स्टेशन होंगे। मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलीमोरा, सूरत, भड़ौच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद तथा साबरमती।
  • सभी स्टेशनों पर रुकी तो 2.58 घंटे लगेंगे, कुछेक पर रुकी तो 2.07 घंटे।
  • पटरियां जमीन से 20 मीटर (करीब 70 फीट ऊपर) एलिवेटेड रहेंगी, इस कारण भूमि अधिग्रहण के पचड़े कम से कम आएंगे।
  • जापानी ट्रेनें कभी एक मिनट से ज्यादा लेट नहीं होतीं। इसका मतलब कि भारत में बुलेट ट्रेन भी पूर्णतया सुरक्षित और समय की पाबंद होगी।
  • सरकार ने अगले चरण में दिल्ली-चंडीगढ़, दिल्ली-कोलकाता, दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-नागपुर, मुंबई-चेन्नई और मुंबई-नागपुर रूटों पर भी बुलेट ट्रेन चलाने की रूपरेखा तैयार की है।
  • मुंबई-अहमदाबाद प्रोजेक्ट का कार्यान्वयन करने वाला नेशनल हाईस्पीड रेल कॉर्पोरेशन इन सभी पर काम कर रहा है।

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