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रेलवे सुरक्षा के लिए बढ़ाया जाएगा श्वान दस्ता, बनेगा ‘श्वान प्रजनन केंद्र’  

रेलवे सुरक्षा के लिए बढ़ाया जाएगा श्वान दस्ता, बनेगा ‘श्वान प्रजनन केंद्र’   श्वान दस्ते में बढ़ाई जाएगी कुत्तों की संख्या।

नई दिल्ली (भाषा)। रेलवे परिसरों में विस्फोटकों और मादक पदार्थों की छानबीन के साथ आतंकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए श्वान दस्ते को बढ़ाने के लिए प्रशासन ने श्वान प्रजनन केंद्र खोलने का फैसला लिया है। इसके तहत खास नस्ल के कुत्तों को रेलवे की सुरक्षा के लिए तैयार किया जाएगा।

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स्निफर कुत्तों की जरूरत विस्फोटकों और मादक पदार्थों की जांच के लिए होती है और वहीं घटनास्थल पर दोषियों का पता लगाने के लिए ट्रैकर्स कुत्तों की सेवा की जरुरत होती है।उन्होंने कहा कि इस बात की उम्मीद है कि जल्द ही प्रशिक्षित कर्मचारियों के साथ केंद्रीय श्वान प्रजनन एवं प्रशिक्षण केंद्र रेलवे की जमीन पर होगा। इसके लिए रेलवे अपने श्वान दस्ते को मजबूत करने के लिए आधुनिक केंद्र बनाएगा। इसके लिए उपयुक्त जगह देखी जा रही है।

दस्ते में जरूरत से कम है कुत्तों की संख्या

इस समय रेलवे के श्वान दस्ते में केवल 332 कुत्ते हैं जबकि 459 कुत्तों के लिए इसकी क्षमता रखी गई है। इतना ही नहीं, रेलवे के पास राजधानी की दया बस्ती और चेन्नई के पोदानूर में सिर्फ 23 कुत्तों को ही प्रशिक्षित करने की सीमित क्षमता है। श्वान दस्ते के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “रेलवे को सूंघने की क्षमता रखने वाले और किसी चीज की पता लगाने में सक्षम ‘स्निफर’ और ‘ट्रैकर’ कुत्तों सहित 2,600 प्रशिक्षित कुत्तों की जरूरत है लेकिन हमारा श्वान दस्ता क्षमता से बेहद कम है।”

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