अब इस प्रदेश के किसानों को मिली सौगात, सरकार ने की कर्जमाफी की घोषणा

अब इस प्रदेश के किसानों को मिली सौगात, सरकार ने की कर्जमाफी की घोषणावसुंधरा राजे, मुख्यमंत्री राजस्थान।

देश में कृषि ऋण माफ करने वाले राज्यों की फेहरिस्त में अब राजस्थान भी शामिल हो चुका है। सोमवार को बजट पेश के दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। जबकि इसकी घोषणा सितंबर में ही किसान आंदोलन के वक्त कर दी गयी थी।

सीकर किसान आंदोलन अाखिरकार रंग ले ही आया है। सितम्बर 2017 में हुए सीकर किसान आंदोलन की बदौलत राजस्थान सरकार ने अपने बजट 2018 में राजस्थान के किसानों के कर्ज माफी की घोषणा आज की है। अब राजस्थान के किसानों के 30 सितम्बर 2017 तक के 50 हजार रुपए तक के कर्ज माफ किए जाएंगे। सितंबर में किसानों के साथ चली लंबी बैठक के बाद राज्य सरकार ने प्रत्येक किसान के 50,000 रुपए तक के सभी कृषि ऋण माफ करने की घोषणा की थी।

राजस्थान बजट 2018-19 में घोषणा की गई है कि लघु सीमांत किसानों के 50 हजार तक के ऋण माफ किए जाने से सरकार पर आठ हजार करोड़ रुपए का वित्त भार पड़ेगा। किसानों के कर्ज माफी की घोषणा के साथ ही राज्य में कृषक ऋण राहत आयोग के गठन की घोषणा भी की गई है। आयोग के समक्ष किसान अपने ऋण माफी संबंधी समस्याओं को रख सकेंगे। जिनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान होगा।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दूसरे राज्यों में कृषि ऋण माफी योजना के अध्ययन के लिए विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया था। समिति उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, केरल और अन्य दूसरे राज्यों कृषि ऋण माफी योजनाओं का अध्ययन किया और एक महीने के अंदर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपा। राजस्थान में ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) ने आंदोलन की शुरुआत की थी।

जानिए क्या था सीकर किसान आंदोलन 2017

वसुंधरा राजे। बजट के बाद मीडिया से बात करते हुए। फोटो- PTI

  • कर्ज माफी और स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने समेत 13 मांगों को लेकर सीकर किसान आंदोलन 01 सितम्बर 2017 से शुरू किया गया था।

  • 01 सितम्बर से 13 सितम्बर 2017 तक किसान नेता अमराराम के नेतृत्व में चले सीकर किसान आंदोलन में न केवल किसान बल्कि व्यापारी, ऑटो चालक, टैक्सी चालक, दूध डेयरी संचालक शामिल हुए थे।
  • सीकर के किसानों ने जयपुर रोड स्थित कृषि उपज मंडी समिति में 13 दिन तक डेरा डाले रखा था।
  • इस दौरान सीकर में मुख्यमंत्री के पुतले की शवयात्रा निकाली गई। डीजे, टैक्सी और ट्रैक्टरों चालकों ने भी किसानों के समर्थन रैलियां निकाली।
  • 10 सितम्बर 2017 से सीकर जिले में चक्काजाम किया गया। जगह-जगह किसान चैक पोस्ट बनाकर वाहनों को रोका गया।
  • सीकर किसान आंदोलन की खास बात यह थी कि इसमें महिला किसानों ने भी मोर्चा संभाला।
  • हाथों में लाठियां लेकर महिला किसानों ने भी सीकर किसान आंदोलन में बढ़-चढकर हिस्सा लिया।
  • सीकर किसान आंदोलन के चलते सीकर में धारा 144 लागू करनी पड़ी थी।
  • सीकर किसान आंदोलन के 13वें दिन 13 सितम्बर को सरकार ने किसानों के प्रतिनिधि मंडल से जयपुर में वार्ता की।
  • किसानों व सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता में किसानों के 50 हजार तक के कर्ज का समझौता हुआ था, जिसके बाद सीकर किसान आंदोलन समाप्त कर दिया गया था।
  • सितम्बर 2017 में हुई कर्ज माफी के समझौते पर सरकार गंभीरता नहीं दिखाने पर सीकर के किसानों ने 22 सितम्बर 2018 को जयपुर का कूच का ऐलान कर रखा है।

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