Top

राजस्थान की एकमात्र चीनी मिल ने शुरू की पेराई

यह चीनी मिल पहले गंगानगर शहर में ही थी जिसे 2015-16 में कमीनपुरा के पास स्थानांतरित किया गया था। लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित इस मिल की क्षमता 1500 क्विंटल प्रतिदिन है

राजस्थान की एकमात्र चीनी मिल ने शुरू की पेराई

श्रीगंगानगर। राजस्थान की एक मात्र कार्यरत चीनी मिल में गन्ने की पेराई का सत्र बुधवार को शुरू हो गया। इस सत्र में 14 लाख टन गन्ने की पिराई का लक्ष्य है। गंगानगर जिले के कमीनपुरा स्थित राजस्थान स्टेट गंगानगर शुगर मल्सि लिमिटेड (श्रीकरणपुर) के महाप्रबंधक सुभाष चंद्र शर्मा ने बताया कि गन्ने की पिराई बुधवार सुबह विधिवत रूप से शुरू हुई। इस सीजन में 14 लाख टन तक गन्ने की पिराई का लक्ष्य है और पेराई सीजन गन्ने की उपलब्धता के आधार पर तीन साढे तीन महीने चलता है।

ये भी पढ़ें: गन्‍ना किसानों के ब्याज का भुगतान करें, नहीं तो केन कमिश्नर पेश हों: HC

उल्लेखनीय है कि यह चीनी मिल पहले गंगानगर शहर में ही थी जिसे 2015-16 में कमीनपुरा के पास स्थानांतरित किया गया था। लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित इस मिल की क्षमता 1500 क्विंटल प्रतिदिन है। अधिकारियों का कहना है कि इस मिल में गन्ने की पिराई से चीनी बनती है, बिजली उत्पादन होता है, स्प्रिट बनती है।


ये भी पढ़ें: गन्ने की नई किस्म लगाएं, सूखे और बाढ़ में भी नहीं बर्बाद होगी फसल

शर्मा ने कहा कि राजस्थान की यह एक मात्र कार्यरत चीनी मिल है। केशोरायपाटन व भोपालपुरा स्थित चीनी मिल इस समय परिचालन में नहीं है।उल्लेखनीय है कि राजस्थान के नखलस्तिान कहे जाने वाले गंगानगर जिले में विशेष रूप से पदमपुर, गजसिंहपुर, करणपुर व केसरीसिंहपुर आदि इलाकों गन्ने के की खूब खेती होती है।


इस बार भी लगभग 10,000 बीघे में गन्ने की बुवाई हुई और उत्पादन 20 लाख टन रहने का अनुमान है। पिछले सत्र में मिल ने 7.71 लाख टन गन्ने की पिराई की थी लेकिन अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बार यह आंकड़ा 14 लाख टन को छू जाएगा।

साभार: भाषा

ये भी पढ़ें: जानिए चीनी बनाने वाले गन्ने का इतिहास, इंग्लैड की महारानी और एक कटोरी चीनी का कनेक्शन


Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.