धर्म संसद में बोले आरएसएस प्रमुख- राम मंदिर निर्माण का मुद्दा निर्णायक दौर में

प्रयागराज में आयोजित धर्मसंसद में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर राम मंदिर का शिगूफा फूंका।

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धर्म संसद में बोले आरएसएस प्रमुख- राम मंदिर निर्माण का मुद्दा निर्णायक दौर में

प्रयागराजः आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि राम मंदिर निर्माण का मुद्दा निर्णायक दौर में है। अर्द्धकुंभ के अवसर पर प्रयागराज में हो रहे धर्मसंसद में बोलते हुए भागवत ने कहा कि चूंकि यह मुद्दा निर्णायक दौर में है इसलिए हमें सोच-समझ कर कोई भी कदम उठाने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि देश को अब इस मुद्दे पर भटकना भी नहीं होगा। जरूरत पड़ने पर हम जनता में आवेश और आक्रोश जगाते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि आने वाले 4-6 महीने काफी महत्वपूर्ण हैं। यह 4-6 महीने काफी उथल-पुथल वाले होने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इन 4-6 महीनों में कुछ नहीं होता है तो संघ इस संदर्भ में कुछ निर्णायक कदम उठाएगा। कारसेवकों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ एक कारसेवा से मंदिर नहीं बनने वाला है। अगर जरूरत पड़ेगी तो कारसेवकों को और कारसेवा करनी पड़ेगी। भागवत ने कहा कि राम मंदिर निर्माण का आंदोलन हिंदू संगठनों ने नहीं बल्कि इस समाज ने छोड़ा है।

आपको बता दें कि विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) द्वारा बुलाए गए इस धर्मसंसद राम मंदिर निर्माण का भी प्रस्ताव रखा गया, जिसका सभी लोगों ने समर्थन किया। इस प्रस्ताव पर बोलते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि संघ का सर संघचालक होने के नाते मैं इस प्रस्ताव का संपूर्ण अनुमोदन करता हूं।

भागवत ने कहा कि न्यायालय भी यह मान चुका है कि विवादित स्थल पर मंदिर ही था। उन्होने कहा, ' इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के फैसले से यह साबित हो गया था कि ढांचे के नीचे मंदिर है। अब हमारा विश्वास है कि वहां जो कुछ बनेगा वह भव्य राम मंदिर बनेगा और कुछ नहीं बनेगा।'

मंदिर मुद्दे को चुनाव से जोड़ते हुए मोहन भागवत ने कहा कि हमें मंदिर बनाने वालों को ही चुनना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने उच्चतम न्यायालय में मंदिर निर्माण की फास्ट ट्रैक में सुनवाई की अर्जी डालकर अपनी मंशा जाहिर कर दी है। उन्होंने सरकार को भी चेताते हुए कहा कि सरकार सिर्फ वोटबैंक के लिए ही मंदिर निर्माण का समर्थन ना करें। शुद्ध मन से वह इसके लिए प्रतिज्ञाशील हों तभी एक भव्य मंदिर का निर्माण संभव हो सकेगा।

आपको बता दें कि इस धर्मसंसद में भागवत के भाषण के दौरान कुछ लोगों ने उपद्रव मचाया और नारेबाजी भी की। ये लोग जल्द से जल्द राम मंदिर निर्माण की मांग कर रहे थे। पुलिस ने हल्के बल प्रयोग के द्वारा इन्हें शांत कराया।



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