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धान खरीद के लिए 25 जुलाई से होगा रजिस्ट्रेशन, किसान इन बातों का रखें ध्यान

धान खरीद के लिए 25 जुलाई से होगा रजिस्ट्रेशन, किसान इन बातों का रखें ध्यान

लखनऊ (उत्‍तर प्रदेश)। प्रदेश में धान खरीद 2019-2020 के लिए क‍िसान 25 जुलाई से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। किसान खाद्य और रसद विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं।

धान खरीद का रजिस्ट्रेशन करते समय किसान इन बातों का रखें ध्यान

1- योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के पास सीबीएस(CBS) युक्त बैंक खाता होना जरूरी है, अगर किसी किसान के पास सीबीएस बैंक खाता नहीं है तो उसे जल्द ही खुलवा लें।

2- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपने अपना बैंक अकाउंट और ifsc कोड सही भरा हुआ है।

3- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद सरकार की ओर से किसानो से सीधे धान खरीदी की जाएगी, इससे किसानों को बिचौलियों से छूटकारा मिलेगा।

4- किसान की ओर से किए गए रजिस्ट्रेशन को राजस्व विभाग के भूलेख पोर्टल से लिंक कराया जाएगा।

5 -रजिस्ट्रेशन करते समय किसानों को कुल रकबे और बोये गए धान के रकबे को भी अंकित करना जरूरी है।

6 -धान विक्रय पर किसानों को कुल 1815 रूपये प्रति कुंतल (कॉमन) पर और1835 रूपये प्रति कुंतल ग्रेड A पर मिलेगा।

7- जो किसान रबी विपणन 2019- 20 के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं उन्हें धान विक्रय के लिए दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं है।

8- जो किसान रबी विपणन 2019- 20 के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं उन्हें धान खरीदी के लिए दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन रजिस्ट्रेशन में जरूरत के हिसाब से प्रपत्र में संशोधन कर के फिर से रजिस्ट्रेशन लॉक करने की जरूरत है।

9- धान विक्रय के समय किसान भाई अपने साथ पंजीयन प्रपत्र के साथ कम्पयुटराइज्ड खतौनी, फोटो युक्त पहचान पत्र, बैंक के पासबुक की पहले पेज की फोटोकॉपी और आधार कार्ड साथ जरूर लाएं।

10- सरकार ने बुदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान की खरीदी की तारीख 1 अक्टूबर 2019 से 31 जनवरी 2020 निर्धारित की है वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान खरीदी की तारीख 1 नवम्बर 2019 से 28 फरवरी 2020 तय की गई है।

11- किसी भी सहायता या दुविधा दूर करने के लिए किसान खाद्य और रसद विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-1800-150 पर संपर्क कर सकते हैं।

12- इसके अलावा जिला स्तर पर खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील स्तर पर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी या ब्‍लॉक विपणन निरीक्षक से भी किसान संपर्क कर अपनी दुविधा दूर कर सकते हैं।

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