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कोरोना वैक्सीन के लिए जरूरी होगा पंजीकरण, जानिए कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी और कैसे लगेगी वैक्सीन

भारत में दो कोरोना वैक्सीन के आपात इस्तेमाल पर आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद वैक्सीन को लेकर आम लोगों का भी लंबा इंतजार खत्म हुआ है। आम नागरिकों को कोरोना वैक्सीन कब मिलेगी, वैक्सीन के लिए उन्हें क्या करना होगा? इस बारे में गाँव कनेक्शन ने स्वास्थ्य अधिकारियों से जानने की कोशिश की ...

Kushal MishraKushal Mishra   4 Jan 2021 1:08 PM GMT

कोरोना वैक्सीन के लिए जरूरी होगा पंजीकरण, जानिए कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी और कैसे लगेगी वैक्सीनकोरोना वैक्सीन को लेकर दो जनवरी को देश भर में चलाया गया ड्राई रन। फोटो : एफपीजे

आखिरकार लंबे इंतजार के बाद भारत में दो कोरोना वैक्सीन के आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में अब इन वैक्सीन को लेकर आम नागरिकों के मन में भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कोरोना वैक्सीन लगाने वाले हर पात्र लाभार्थी का पंजीकरण आनिवार्य होगा। मगर यह पंजीकरण कैसे होगा, इसके लिए लोगों को कौन से दस्तावेज दिखाने होंगे और यह वैक्सीन आम नागरिकों के लिए कब तक मिल सकेगी?

इन सभी सवालों को लेकर 'गाँव कनेक्शन' ने कोरोना वैक्सीन को लेकर काम कर रहे स्वास्थ्य अधिकारियों से जानने की कोशिश की।

उत्तर प्रदेश के रायबरेली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह 'गाँव कनेक्शन' से बताते हैं, "बिना पंजीकरण के किसी को भी वैक्सीन नहीं लगाई जायेगी और पंजीकरण कराना इसके लिए जरूरी होगा। प्राथमिकता के आधार पर पहले चरण में हेल्थ वर्कर्स का डाटा तैयार किया गया है जिन्हें सबसे पहले वैक्सीन लगायी जानी है। इनका डाटा को-विन (Co-win) एप्प पर पंजीकृत भी किया गया है।"

क्या को-विन एप्प पर ही आम नागरिकों को भी पंजीकरण करना होगा? के सवाल पर डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने कहा, "अभी सरकार की ओर से पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन दिए जाने को लेकर गाइडलाइन्स आई हैं, इस पूरी प्रक्रिया में को-विन एप्प की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिस पर सभी का पंजीकरण किया जाना है। आम नागरिकों को वैक्सीन देने के लिए सरकार की क्या गाइडलाइन्स आएंगी, उसी के आधार पर आगे तैयारी की जायेगी, मगर वैक्सीन के लिए पंजीकरण जरूरी होगा।"

क्या है को-विन एप्प ?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने को-विन (Co-Win) नाम का एक ऐसा एप्प विकसित किया है जो कोरोना वैक्सीन से जुड़ी हर प्रक्रिया की निगरानी रखेगा। इसके अलावा जिन लोगों को वैक्सीन लगाई जानी है, उसका डाटा भी इस एप्प पर रजिस्टर करना होगा। इसके लिए बाकायदा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है।

पंजीकरण के लिए जरूरी होंगे ये दस्तावेज

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कोरोना वैक्सीन के पात्र लाभार्थी के पंजीकरण के लिए इन दस्तावेजों को आवश्यक बताया गया है। इनमें लाभार्थी के आधार/ड्राइविंग लाइसेंस/वोटर आईडी/पैन कार्ड/पासपोर्ट/जॉब कार्ड/पेंशन दस्तावेज के अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड शामिल है।

इसके अलावा पंजीकरण के लिए मनरेगा, सांसदों/विधायकों/एमएलसी को जारी किये गए आधिकारिक प्रमाण पत्र, बैंक या पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी पास बुक शामिल है। साथ ही केंद्र/राज्य सरकार या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी सेवा आईडी कार्ड को भी पंजीकरण के लिए आवश्यक माना गया है।

कैसे लगेगी वैक्सीन ?

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर और कोरोना वैक्सीन को लेकर ड्राई रन की तैयारियों से जुड़े डॉ. वेद प्रकाश 'गाँव कनेक्शन' से बताते हैं, "लाभार्थी को कोरोना वैक्सीन देने के लिए वैक्सीनेशन सेंटर में विशेष रूप से तीन कमरे बनाए गए हैं। इसमें पहले कमरे में वेटिंग एरिया और रजिस्ट्रेशन काउंटर है। दूसरे कमरे में लाभार्थियों को वैक्सीन लगाई जायेगी और उन्हें वैक्सीन की अगली खुराक कब दी जायेगी, इसके बारे में बताया जाएगा।"

"जबकि अंत में तीसरा कमरा ऑब्जरवेशन सेंटर है जहाँ टीका लगने के बाद आधे घंटे तक लाभार्थियों को ऑब्जरवेशन में रखा जाएगा, और अगर उन्हें बुखार, उल्टियाँ या किसी तरह की कोई समस्या आती है तो उसके लिए डॉक्टर्स मौजूद रहेंगे और अगर अब सही रहता है तो उन्हें वापस भेज दिया जाएगा।"

क्या वैक्सीन लगाने के लिए आये व्यक्ति को किसी तरह के दस्तावेज लाने भी जरूरी होंगे? के सवाल पर डॉ. वेद प्रकाश बताते हैं, "लाभार्थी को अपने साथ एक फोटो आइडेंटिफिकेशन लानी होगी, साथ ही उम्र के वेरिफिकेशन के लिए भी आईडी जरूरी होगी, साथ ही अगर किसी व्यक्ति को पहले से कोई बीमारी का रिकॉर्ड रहा है तो उसके बारे में भी दस्तावेज जरूरी होंगे।"

पहले इन्हें लगेगी वैक्सीन

सबसे पहले कोरोना वैक्सीन किसे दी जायेगी? इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले से प्राथमिकता तय की है। सबसे पहले देश भर में स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने यहाँ के स्वास्थ्य कर्मियों का डाटा तैयार करने के आदेश दिए थे। इनकी संख्या करीब तीन करोड़ है। इसके बाद 50 वर्ष से ऊपर बुजुर्गों और किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों का टीकाकरण किया जाना है।

अभी करना पड़ सकता है इंतजार

कोरोना वैक्सीन की मंजूरी मिलने के बाद आम नागरिकों तक कोरोना वैक्सीन पहुँचने में अभी समय लग सकता है। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण स्वरुप 'गाँव कनेक्शन' से बताते हैं, "अभी आम नागरिकों को कोरोना वैक्सीन मिलने में थोड़ा समय लग सकता है क्योंकि सरकार की ओर से आम नागरिकों के लिए गाइडलाइन आना बाकी है, जहाँ तक जुलाई तक इंतजार करना पड़ सकता है।"

कोरोना वैक्सीन पर भ्रम दूर करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिए जवाब

क्या यह वैक्सीन लेना अनिवार्य है ?

कोरोना के लिए वैक्सीनेशन स्वैच्छिक है। हालांकि स्वयं की सुरक्षा और बीमारी के प्रसार को कम करने के लिए कोरोना वैक्सीन की पूरी खुराक आवश्यक है।

क्या यह वैक्सीन सुरक्षित होगी क्योंकि इसे बहुत कम समय में बनाया गया है?

सुरक्षा और प्रभाव के डाटा की जांच के आधार पर मंजूरी के बाद ही नियामक निकायों द्वारा वैक्सीन लगाई जायेगी।

क्या कोरोना से ठीक हुए व्यक्ति को भी वैक्सीन लेना आवश्यक है?

पहले से संक्रमित होने के बावजूद वैक्सीन की पूरी खुराक लेना आवश्यक है क्योंकि यह एक मजबूत प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने में मदद करेगा।

क्या कोरोना (पुष्टि/संदिग्ध) संक्रमित व्यक्ति को भी वैक्सीन लगाया जा सकता है?

संक्रमित व्यक्तियों को लक्षण ख़त्म होने के 14 दिन बाद तक वैक्सीनेशन स्थगित करना चाहिए क्योंकि वे वैक्सीन स्थल पर दूसरों में वायरस फ़ैलाने का जोखिम बढ़ा सकते हैं।

अगर मैं वैक्सीनेशन के लिए योग्य हूँ तो मुझे पता कैसे चलेगा?

पात्र लाभार्थियों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से वैक्सीनेशन और उसके निर्धारित समय के बारे में स्वास्थ्य सेवाओं द्वारा सूचित किया जाएगा।

वैक्सीनेशन की नियत तारीख के बारे में लाभार्थी को जानकारी कैसे मिलेगी?

ऑनलाइन पंजीकरण के बाद लाभार्थी को वैक्सीनेशन की नियत तिथि, स्थान और समय के बारे में अपने मोबाइल नंबर पर एसएमएस प्राप्त होगा।

क्या लाभार्थियों को वैक्सीनेशन पूर्ण होने के बाद उनकी स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त होगी?

हाँ। कोरोना वैक्सीन की उचित खुराक मिलने पर, लाभार्थी को अपने मोबाइल नंबर पर एसएमएस प्राप्त होगा। वैक्सीन की सभी खुराक देने के बाद, एक क्यूआर कोड आधारित प्रमाण पत्र भी उनके नंबर पर भेजा जायेगा।

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