आरटीआई में हुआ खुलासा, प्रधानमंत्री मोदी ने गांव गोद तो लिए लेकिन सांसद निधि से नहीं हुआ विकास कार्य

आरटीआई में हुआ खुलासा, प्रधानमंत्री मोदी ने गांव गोद तो लिए लेकिन सांसद निधि से नहीं हुआ विकास कार्य

कन्नौज/वाराणसी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन गांवों को गोद लिया था उनके बारे हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है। एक आरटीआई के जवाब में पता चला है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाले इन गांवों के विकास के लिए सांसद निधि से एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ है।

कन्नौज के छिबरामऊ क्षेत्र के मोहल्ला कटरा में रहने वाले अनुज वर्मा ने आरटीआई के जरिए यह जानकारी मांगी थी। गांव कनेक्शन से फोन पर बात करते हुए अनुज ने बताया, "मैंने करीब डेढ़-दो महीने पहले वाराणसी के परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को डाक से पत्र भेजकर सूचना मांगी थी। इसमें पूछा था कि प्रधानमंत्री ने अब तक कितने गांव गोद लिए, किस तारीख को गोद लिए साथ ही सांसद निधि से जो विकास कार्य कराए हैं, उसका विवरण दिया जाए। दो-तीन दिन पहले हमें डाक से ही जवाब मिला। उससे पता चला कि सांसद निधि से विकास कार्य शुरू ही नहीं हुए हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर मुझे मिला यह लेटर वायरल हुआ।''


कन्नौज के कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय मिश्र का कहना है कि अनुज कांग्रेस कार्यकर्ता है, वह कहते हैं, ''पार्टी की मीटिंग में अनुज आता है। वह कांग्रेस से जुड़ा हुआ है।''प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद नरेंद्र मोदी ने हर सांसद को प्रत्येक वर्ष एक-एक गांव गोद लेने और प्रमुखता से विकास कार्य कराने का अभियान शुरू किया था।

पीडी डीआरडीए ने यह भेजा जवाब

वाराणसी पीडी डीआरडीए (परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण) ने पत्रांक 1399/एसएजीवाई/2018-19 दिनांक 30 जून 2018 को जारी पत्र जो उत्तर दिया है उसमें कहा है कि प्रधानमंत्री ने अब तक वाराणसी में चार सांसद आदर्श ग्राम अब तक गोद लिए हैं। 7 नवम्बर 2014 को जयापुर, 16 फरवरी 2016 को नागेपुर, 23 अक्तूबर 2017 को ककरहिया और छह अप्रैल 2018 को डोमरी ग्राम गोद लिए गए हैं। लेकिन इन गांवों में माननीय प्रधानमंत्री जी की सांसद निधि से कोई भी विकास कार्य नहीं कराया गया है।

Share it
Top