जम्मू-कश्मीर में धारा 144 लागू, अनुच्‍छेद 370 हटाने की सिफारिश पर विपक्ष ने किया हंगामा

जम्मू-कश्मीर में धारा 144 लागू, अनुच्‍छेद 370 हटाने की सिफारिश पर विपक्ष ने किया हंगामा

जम्मू कश्मीर मामले को लेकर कश्मीर से लेकर दिल्ली तक हंगामा मचा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारी हंगामे के बीच राज्यसभा में कश्मीर से धारा 370 हटाने का संकल्प पेश किया। गृहमंत्री के बयान पर सदन में हंगामा जारी है। गृहमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर ने अनुच्छेद 370 का सिर्फ एक खंड रहेगा।

उधर, कांग्रेस जम्मू कश्मीर की स्थिति पर जोरदार हंगामा किया। नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कश्मीर के तीन-तीन पूर्व मुख्यमंत्री नजर बंद हैं। जनता परेशान है, ये स्थिति तुरंत खत्म की जानी चाहिए। जम्मू कश्मीर में इन दिनों भारी संख्या में सुरक्षा बल और सेना तैनात है। जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगायी गई है। घाटी के कई जिलों में सोमवार को प्रतिबंध लगाते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई। सुरक्षा कारणों से जम्मू-कश्मीर में स्कूल और कॉलेज में कक्षाओं को निलंबित कर दिया गया है और परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। इसे लेकर राज्‍यसभा में आज चर्चा की गई। इसे लेकर गृहमंत्री अम‍ित शाह ने कहा कि अनुच्‍छेद 370 अस्‍थाई है। उन्‍होंने राष्‍ट्रपति से इसे हटाया की सिफारिश की है। इसके बाद विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया है।

कहा जा रहा है कि कैबिनेट के बैठक में पीएम अपने सहयोगियों को राज्य की स्थिति और सरकार की रणनीति की जानकारी देने के साथ कुछ अहम फैसला कर सकते हैं। चूंकि सत्र के तत्काल बाद गृह मंत्री कश्मीर जा रहे हैं, इसलिए कयास लगाया जा रहा है कि सरकार राज्य के संदर्भ में कुछ बड़े फैसले ले सकती है।

राज्यसभा में अमित शाह के बयान से पहले कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कश्मीर की स्थिति का मसला उठाया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में दो पूर्व मुख्यमंत्रियों को हाउस अरेस्ट किया गया है. ऐसे में गृह मंत्री को घाटी की स्थिति पर बयान देना चाहिए.

इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वह हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं. लेकिन उन्हें उनकी बात कहने दी जाए

अधिकारियों ने बताया कि राजौरी और कश्तिवाड़ जिलों तथा रामबाण जिले के बनिहाल इलाके में रात्रि कर्फ्यू लगाया गया है। वहीं जम्मू और कश्मीर संभागों के कई जिलों में निषेधाज्ञा लागू की गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सीआरपीसी की धारा 144 के तहत श्रीनगर जिले में एहतियाती तौर पर रविवार देर रात प्रतिबंध लगाए। आदेशानुसार, लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध है और शक्षिण संस्थान (श्रीनगर जिल में) भी बंद रहेंगे। आदेश के मुताबिक, सार्वजनिक बैठक करने या रैली निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध है। ह्यह्यआवश्यक सेवाओं के अधिकारियों के पहचान पत्र उनकी आवाजाही के पास के रूप में मान्य होंगे। जम्मू, कश्तिवाड़, रिआसी, डोडा और उधमपुर जिले में स्कूलों और कॉलेजों को सोमवार को बंद रखने का आदेश दिया गया है।

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कश्तिवाड़ के उपायुक्त अंग्रेज सिंह राणा ने कहा, कश्तिवाड़ में एहतियाती तौर पर आज रात से हमने रात्रि कर्फ्यू लगाया है। उन्होंने बताया कि जिले में स्कूल और कॉलेज बंद हैं। अधिकारियों ने बताया कि राजौरी जिले में भी रविवार रात से कर्फ्यू लगाया गया और वहां भी सभी शक्षिण संस्थान बंद रखने का आदेश दिया गया है। बनिहाल में स्पीकर लगे वाहनों से रात को कर्फ्यू लगने की घोषणा की गई।

उन्होंने बताया कि जम्मू वि‍श्ववद्यिालय भी सोमवार को बंद रहेगा और सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गयी हैं। कश्मीर घाटी में विभन्नि शैक्षणिक संस्थानों ने भी विद्यार्थियों को छात्रावास खाली करने का निर्दे दिया है। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू में भी निषेधाज्ञा लगायी गयी है और सभी सम्मेलनों पर रोक है।

जम्मू की उपायुक्त सुषमा चौहान ने बताया कि स्कूल, कॉलेज और शक्षिण संस्थानों को एहतियाती तौर पर बंद रखे जाने को कहा गया है। रिआसी के उपायुक्त इंदु कंवल चिब ने बताया कि सीआरपीसी की धारा 144 के तहत रिआसी जिले में सोमवार से अगले आदेश तक सभी शि‍क्षण संस्थान एहतियाती तौर पर बंद रहेंगे। अधिकारियों ने बताया कि डोडा जिले में भी निषेधाज्ञा लगायी गयी है। उन्होंने बताया कि कश्मीर घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं। पुलिस अधिकारियों और जिला मजि‍स्ट्रेटों को सैटेलाइट फोन दिए गए हैं।

महत्वपूर्ण प्रतष्ठिानों और संवेदनशील क्षेत्रों में आतंकवादी खतरे और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकि‍स्तान के साथ बढ़ते तनाव के चलते सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में प्रवेश और निकास मार्गों सहित अन्य मुख्य मार्गों पर अवरोध लगाए गए हैं। दंगा नियंत्रण वाहनों को भी कुछ इलाकों में तैयार रखा गया है, जहां कानून व्यवस्था में गड़बड़ी की आशंका अधिक है। (इनपुट भाषा)

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