शिवराज से बोले पीड़ित : नौकरी नहीं, दोषियों पर कार्रवाई चाहिए

शिवराज से बोले पीड़ित : नौकरी नहीं, दोषियों पर कार्रवाई चाहिएमृतक के परिजनों ने कहा कि नौकरी नहीं, दोषियों पर कार्रवाई चाहिए।

इंदौर/मंदसौर। किसान आंदोलन के दौरान पुलिस गोलीबारी में मारे गये किसानों के परिजनों से मिलने और सांत्वना देने के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंदसौर जिले के बडवन गाँव पहुंच गए हैं। सीएम के दौरे से पहले मंदसौर में धारा 144 को हटा दी गई है।

जब शिवराज एक मृतक के परिजन से मिले तो उन्होंने कहा कि हमें सरकारी नौकरी या मदद नहीं चाहिए। हम बस दोषियों पर कार्रवाई चाहते हैं। इसके बाद सीएम ने कहा कि इस मामले को वे खुद देख रहे हैं और दोषियों को नहीं छोड़ा जाएगा। उधर, कांग्रेस भी सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने जा रही है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ दूसरे नेता भोपाल में 72 घंटे का उपवास शुरू करेंगे। सिंधिया को एक दिन पहले ही मंदसौर में एंट्री नहीं मिली थी।

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सीएम पुलिस कार्रवाई में मारे गए घनश्याम (32) के पिता दर्गालाल से मिले। लाठीचार्ज में घायल होने के बाद घनश्याम को इंदौर ले जाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पिता ने कहा कि दोषियों पर सख्त से सख्त कारवाई हो। हमें सरकारी नौकरी या सहायता राशि नहीं चाहिए। बस दोषियों पर कार्रवाई हो।

इसके बाद सीएम महिलाओं से मिलने घर के भीतर पहुंचे। यहां पत्नी रेखा से आक्रोश में आकर कहा कि आप पुलिस को गोली चलाने का आदेश दे सकते हो क्या? इस पर सीएम खामोश हो गए। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैं खुद इस मामले को देख रहा हूं, दोषियों को दंड मिलेगा।

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सीएम ने घनश्याम की 2 महीने की बेटी वंशिका को गोद लिया। शिवराज ने कहा कि घनश्याम का 4 साल का बेटा रघुदनंदन और बेटी वंशिका अब सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार इनके लिए सहायता राशि के अलावा हर संभव मदद करेगी। बता दें कि मंदसौर में पुलिस फायरिंग में 6 किसानों की मौत हो गई थी। शांति की अपील करते हुए शिवराज ने अनशन भी किया था।

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