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जब दसवीं के बाद पहली बार दिल टूटा तो बहुत रोई : तापसी पन्नू

'द स्लो' किस्सागो नीलेश मिसरा के साथ अभिनेत्री तापसी पन्नू अपनी पढ़ाई से लेकर मॉडलिंग की दुनिया और अभिनेत्री बनने के सफर पर खुल कर बात की। पार्ट-3

Neelesh MisraNeelesh Misra   4 Feb 2020 10:35 AM GMT

नीलेश मिसरा--- प्यार किया आपने?

तापसी पन्नू --- (हंसते हुए) बहुत बार। वो तो करके ही पता चलता है और टूटकर ही पता चलता है कि प्यार क्या होता है।

नीलेश मिसरा---उसने कैसे शेप किया आपको?

तापसी पन्नू — एक्चुली में जब स्कूल टाइम में लगता है कि यही प्यार है, यहीं शादी होगी, यहीं बच्चे होगे यही प्यार है। मुझे याद है वो पीसीओ का टाइम था। पीसीओ में जाकर दो रुपए का सिक्का डालकर फोन ट्राई करते थे लैंड लाइन पर। बाद में उस लड़ने ने मेरे से ब्रेकअप कर लिया था ये कहके कि मुझे 10वीं क्लास की सीबीएसी की जो प्रेपरेशन करनी है तो मेरा कॉन्सन्ट्रेशन डायवर्ट होगा एंड ऑल दैट। तो मैं सोच रही हूं कि ऐसा कौन सा टाइम ले लिया मैंने तेरे से। या तो हम असेंबली से पहले मिल रहे हैं, मैं घर तो नहीं आ रही तेरे पास बात करने को। ऐसा कौन सा कॉन्सन्ट्रेशन खराब हो रहा है तेरा। बट वो बोले कि नहीं। उसके बाद इतना रोई मैं। क्योंकि पहली बार वो फीलिंग होती है न सोकॉल्ड प्यार वाली। तब आपको लगता है मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई है अगर ये नहीं चला तो। वो बड़ा जोर का झटका लगा।

बाद में पता चला कि उसके दोस्तों ने उसके कान भरे थे कि तू लड़की के पीछे ज्यादा भागता है। उसके दोस्तों ने उसकी मर्दानगी का हवाला दिया की तू उसके पीछे जाता है वो तो नहीं आती तेरे से बात करने को। उस समय तो बहुत रोई मैं। मुझे लगा ये तो लव फेलियर, लाइफ फेलियर है। उस दिन के बाद मैंने सोच लिया अब किसी को ऐसी अथॉर्टी नहीं देनी है कि तुम्हें दुखी कर सके अंदर से। उसके बाद जब भी नए बने ऐसा नहीं था कि मैं मर गई अगर ब्रेकअप हुआ। या तो म्यूचुअल ब्रेकअप होता है या फिर मैं बता देती हूं कि ये रीजन है मेरा और ये लॉजिक है।


नीलेश मिसरा----इट्स वेरी इंट्रेस्टिंग बिकॉज ऑफ यू आर फ्रॉम दैट पीसीओ एरा जहां से मैं भी हूं। उस पीसीओ युग की मोहब्बत अलग ही थी। मैं तो छोटे शहर नैनीताल में रहता था। पोस्टमैन का इंतजार, चिट्ठी लिखना। चिट्ठियों का इंतजार करना। पोस्टमैन तीन बजे आता था। कब वो मोड़ से आएगा उस पल का इंतजार रहता था। इन सब को कहानियों में भी सौंपा है हमनें आगे। लेकिन आज के युग में प्यार के जाहिर करने का तरीका बदल गया है। शायद प्यार करने का तरीका बदल गया है। उस पीसीओ युग से आज के ब्लू टिक युग को कैसे देखती हैं?

तापसी पन्नू --- आई थिंक वो जो बटरफ्लाई थी न, वो बटरफ्लाई मोमेंट्स जो थे या तो वो बटरफ्लाइज उड़ के कहीं चली गई हैं। अब बटरफ्लाइज रही नहीं हैं। अब सिक्योरिटी है, लाइफ में कुछ इंस्ट्रेस्टिंग है, कुछ कर रहे हैं लाइफ में। लेकिन वो बटरफ्लाइज वाली फीलिंग्स नहीं है। सब कुछ अब एक्सेसिबल है।

नीलेश मिसरा---आपने एक मुंबई और एक एंटरप्रेन्योर की भी जर्नी शुरू की वो भी एक ब्रांच खुल गई है इस बड़े से बरगद में। उसके बारे में बताइए।

तापसी पन्नू ----वो भी पता नहीं कैसे दिमाग में आया। हमारी फैमिली तो ज्यादा बिजनेस माइंड की है नहीं, मेरे फादर तो बिल्कुल भी बिजनेस माइंड के नहीं हैं, वो तो बिजनेस से कोसों दूर भागते हैं। लेकिन ये था मुझे कि वेडिंग प्लानिंग कंपनी स्टार्ट करनी थी। एक लालच था कि मेरे को मेरी बहने अपने पास रखनी है। मुझे पता था कि उसका ध्यान इवेंट प्लान, ह्यूमन मैनेजमेंट में काफी था। इसके लिए मेरी मिस इंडिया से जो मेरी फ्रेंड थी फारा वो वेडिंग प्लानिंग करती थी किसी कंपनी के अंदर। उसे खुद की कंपनी स्टार्ट करनी थी। मैंने एक दिन उससे ऐसे ही पूछ लिया कि क्या हम पार्टनरशिप में कंपनी खोल सकते हैं? उसने कहा बिल्कुल।

मेरे दिमाग में भी था कि शगुन इसे बहुत अच्छे से कर सकती है। उसके बाद मैंने स्टार्ट की कंपनी अपनी फ्रेंड के साथ। मेरी बहन ने टेवओवर की वो। ग्राउंड वर्क वो संभालती है और जो बिग डिसिजन मेकिंग थिंग होते हैं वो मैं कर लेती हूं। अब मुनाफा होने लगा है। तीन साल लगे हमें हमारे फादर को बैलेंस शीट पर दिखाने में भी ये एक प्रापर एक बिजनेस है, क्योंकि तब तक तो वो मेरी सिस्टर से पूछते रहते थे कि ये तो ठीक है लेकिन तुम क्या कर रहे हो लाइफ में? करियर क्या है तुम्हारा? तुम लाइफ में करना क्या चाहते हो? मेरी बहन कहती थी यही मेरी जॉब है। लेकिन फादर को ये बात समझ में नहीं आती की ये वेडिंग प्लानिंग भी कोई जॉब है।

उसके कुछ समय बाद जब ये स्टेबल हो गया ये वाला बिजनेस ऑटोपायलट पर चला गया फिर मेरे दिमाग में बैडिमिंटन टीम खरीदने का ख्याल आया, क्योंकि बचपन से स्पोर्ट्स की तरफ मेरा लगाव था और देखती भी बहुत थी। फिर मैंने सोच लिया कि अब इतना हो गया है कि मैं एक टीम खरीद सकती हूं। हांलाकि की ये ऐसा बिजनेस है जिसमें पांच साल के पहले प्राफिट नहीं मिल सकता। लेकिन मैंने सोच लिया कि मैं ऐसा कर सकती हूं। वो डिसिजन जब मैंने बताया अपने फादर को तो उन्होंने कहा, ये तो बहुत नॉनसेंस आइडिया है, ये तो बिल्कुल ही बर्बाद है। ये क्या बिजनेस हुआ तुम्हारा? नॉनसेंस आइडिया है बिल्कुल भी। तुम पैसे डालते रहोगे और आएगा कुछ नहीं, ये कौन सा बिजनेस है।


मैंने कहा, पापा कॉविक्शन होता है पैशन होता है, उसी का अब तक खाती आई हूं और ये भी होगा। ये बैडमिंटन टीम उन्हें डाइजेस्ट नहीं हुई और अभी भी नहीं हो रही है। अभी तो दूसरा साल है। मेरी टीम का नाम है पुणे सेवन एसेस। प्रीमियर बैडमिंटन लीग है इंडिया का उसका पांचवा सीजन चल रहा है और मेरी टीम का दूसरा साल है। बैडमिंट जैसे-जैसे ग्रो हो रहा है कंट्री के अंदर सिंधू, सायना और कश्यप की वजह से उसकी वजह से बैडमिंटन लीग को भी धीरे-धीरे अटेंशन मिल रही है, क्योंकि क्रिकेट के बाद इतना बड़ा गैप है हमारे स्पोटर्स में कि उसे भरने में थोड़ा टाइम लगेगा। कोशिश यही है कि और स्पोटर्स में रुचि रखें लोग, क्योंकि स्पोटर्स इज वंडरफुल थिंग आई फील।

अगर मैं एक्टर न होती तो शायद मैं स्पोटर्स पर्शन होती क्योंकि एक टाइम था जब मैं यही करना चाहती थी। इतनी ब्यूटिफुल चीज लगती है मुझे स्पोटर्स खेलना। यहां आपका दिमाग भी काम कर रहा है, आपकी बॉडी भी काम कर रही है, यू लर्न टीम वर्क, टीम स्प्रिट। एज अ ह्यूमन बीइंग आई फील यू बिकअम अ स्मार्टर पर्शन इफ यू आर स्पोर्ट पर्शन। मेरे लिए जो रिस्पेक्ट है स्पोर्ट स्टार की वो बहुत ऊंची है। मैंने बहुत सारी फिल्में देखी नहीं थी, व्हाइल ग्रोइंगअप तो मेरे लिए शुरू से स्पोर्ट स्टार वाज द रियल स्टार। इस वजस से मैं उनका बहुत रिस्पेक्ट करती हूं।

नीलेश मिसरा---बहुत बहुत शुक्रिया आपका। बहुत मजा आया आपसे बात करके। इतने गलियारों से होते हुए, इतनी शाखाओं से उड़ान भरते हुए आईं आप। अभी उम्मीद है सरप्राइजेज आगे होंगे और यात्राएं आगे होंगी।

तापसी पन्नू ---जब तक लाइफ है तब तक सरप्राइजेज होते रहने चाहिए नहीं तो बोरिंग हो जाएगा सब कुछ। अगर सब कुछ प्रिडिक्टेबल होने लग गया तो। मुझे भी नहीं पता कि मैं कल क्या करुंगी। ऐसा होना भी चाहिए आई फील नहीं तो वो मोनोटोनी बोर कर देती है लाइफ में। जब ये पता हो जाता है कि कल क्या होने वाला है, तब लगता है पता तो है ही कल क्या होने वाला है।

नीलेश मिसरा---पर अभी तक आपने एक चीज नहीं कमाई वो है पापा का वो फोन कॉल, वो तारीफ वाली बात।

तापसी पन्नू ---अरे वो तारीफ भगवान ही जाने कब होगी।(जोर से हंसते हुए) मुझे तो ऐसा दिख नहीं रहा ऐसा कुछ इन द नियर फ्यूचर बट अब समझ उनकी भाषा समझ में आने लगी है। अब ये समझ में आने लग गया है कि ये उनकी तारीफ है, ये उनको पसंद नहीं है तो ऐसे रिएक्ट करेंगे। अब उनके बिहेवियर से हम उनको जज करना शुरू दिया है। बट वो जो स्पेल ऑउट करके जो वर्ड वाली तारीफ है वो उसका वेट है। वो दिन हिस्ट्री में लिखा जाएगा जिस दिन वो तारीफ मिलेगी कि तुमने मेरा नाम रौशन कर दिया।


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