देखिए कैसे हजारों छात्र-छात्राओं और लोगों को सिखाया सोशल मीडिया पर मुसीबत से बचने के तरीके

मोबाइल चौपाल के जरिए झूठी ख़बरों के खिलाफ गांव कनेक्शन ने अपने अभियान में हजारों छात्र-छात्राओं, शहर और गांव के युवाओं से बात की और उन्हें ऐसी जानकारियां दीं जिसकी जानकारी पहले उन्हें नहीं थी

गांव कनेक्शन टीम

लखनऊ। क्या आपको पता है किसी भी ऐसी फोटो या पोस्ट को फेसबुक या व्हाट्सअप पर शेयर करने पर जेल हो सकती है, जो झूठी हो, जिससे समाज में हिंसा फैल जाए। शायद आप भी नहीं चाहेंगे किसी झूठी खबर को फैलाकर मुसीबत मोल लें। लेकिन कौन सी ख़बर झूठी है कौन सी फोटो से छेड़खानी की गई है, सोशल मीडिया पर ज्यादातर ये लोग समझ नहीं पाते और फिर अनचाही मुसीबत में फंसते हैं।

आजकल लगभग हर युवा के हाथ में स्मार्ट फोन है। इन फोन में व्हाट्सअप और फेसबुक जैसी कई सोशल मीडिया साइट्स भी हैं। कुछ शातिर और असमाजिक तत्व ऐसे ही इन्हीं साइटस के जरिए फेक न्यूज, हिंसा फैलाने वाली फोटो और धार्मिक उन्माद फैलाते हैं। आम लोग इन साजिशों का हिस्सा न बनें वो फेक न्यूज, फर्जी फोटो का अंतर समझ सकें, इसलिए गांव कनेक्शन और फेसबुक मिलकर एक मुहिम शुरू की।

मोबाइल चौपाल के जरिए झूठी ख़बरों के खिलाफ गांव कनेक्शन ने अपने अभियान में हजारों छात्र-छात्राओं, शहर और गांव के युवाओं से बात की। मोबाइल रखने वाले को उन्हीं की भाषा और स्कूल कॉलेज में पहुंचकर हमने कई ऐसी चीजें बताईं जिसकीद जानकारी पहले उन्हें नहीं थी।

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12वीं में पढ़ने वाले विक्रांत यादव फेसबुक पर हर दिखने वाली प्रोफाइल को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज देते थे, लेकिन इस चक्कर में उनसे बहुत सारे फर्जी प्रोफाइल जुड़ गए, शुरू में सब ठीक रहा लेकिन बाद में वो कई मुसीबतों में फंसते-फंसते बचे। लखनऊ की महिमा त्रिपाठी भी बिना जाने-समझे फेसबुक पर नए दोस्त जोड़ती जा रही थीं, लेकिन बाद में मित्रता के नाम कई लोग उनसे उल्टी सीधी बातें करने लगें, महिमा बहुत परेशान थीं, लेकिन समझ नहीं पा रही थीं करें तो क्या ? क्योंकि वो फेसबुक छोड़ना नहीं चाहती थीं और ऐसी मुसीबतों से बचना भी था।


गांव कनेक्शन ने लखनऊ में उनके कॉलेज पहुंच कर बताया कि कैसे वो संदिग्ध प्रोफाइल को ब्लॉक कर सकती हैं। कैसे परेशान करने वाले कथित लड़के की फेसबुक में शिकायत (फ्लैग) कर उसका अकाउंट बंद करवा सकती हैं।

कानपुर में चित्रा इंटर कॉलेज के छात्र राहुल के व्हाट्सअप जो ख़बरें आती थी वो आगे बढ़ा देते थे, एक दिन उन्हें पता चला कि जिस वीडियो को यूपी का समझकर उन्होंने अपने दोस्तों को भेजा था वो यूपी तो दूर भारत का भी नहीं था, मोबाइल चौपाल में जब उन्हें इसकी असलियत पता चली तो आगे से राहुल ने बिना पड़ताल कोई पोस्ट शेयर न करने का फैसला किया।


मोबाइल चौपाल के लिए गांव कनेक्शन में बाकायदा एक टीम गठित की गई थी, जिसमें एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनर, पत्रकार, तकनीकी के जानकार, सोशल मीडिया एक्सपर्ट, फोटो जर्नलिस्ट थे। गांव कनेक्शन की टीम निकलती भी अपने अंदाज में थी, एक गाड़ी को सजा-संवारकर गांव रथ बनाया गया था, जिसमें ऑडियो वीडियो का पूरा प्रबंध था।

25 जून को गाँव रथ की यात्रा पुराने लखनऊ के रूमी गेट से शुरू की गई। जो लखनऊ और कानपुर क 30 बड़े स्कूल, कॉलेजों और इंस्टीट्यूट में गई। इस दौरान अलग-अलग चौपालों और कार्यक्रमों के जरिए करीब एक लाख लोगों को इंटर्नेट सिक्योरिटी, फेक न्यूज के खिलाफ जागरूक किया गया।


क्योंकि ग्रामीण इलाकों में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है और वहां के उपभोक्ताओं को इंटरनेट पर हो रही साजिशों को जानकारी भी नहीं, इसलिए फेसबुक और गांव कनेक्शन की मोबाइल चौपाल के दौरान उसने मुलाकातें प्राथमिक रहीं। गाँव रथ की इस यात्रा को लखनऊ और कानपुर के गाँव, बाजारों, स्कूल और कॉलेज में ले जाया गया और लोग झूठी खबरों से कैसे बचें, इंटरनेट का बेहतर उपयोग कैसे करें, इसकी जानकारी दी गई।

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इंटरनेट और सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सऐप, फेसबुक, ट्विटर पर जो झूठी खबरों का प्रसार तेजी से बढ़ गया है, जिसकी वजह से ना जाने कितनी घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं। इन ख़बरों से खुद को कैसे बचाएं ये समझाने के लिए गाँव कनेक्शन टीम ने ग्राउंड एक्टिवेशन, डिजिटल, वीडियो, कहानियों, खबरों और सर्वे किया। इस चौपाल के दौरान सलमान जादूगर जो कि अपने जादू के माध्यम से आसानी से लोगों को सोशल मीडिया के बारे में समझाया। ज्ञानी चाचा और भतीजा के एक नाटक के माध्यम से लोगों को समझाया।


करीब 2 महीने के इस महाअभियान के दौरान कई कार्यक्रमों में फेसबुक हेडक्वाटर दिल्ली की टीम ने भी शिकरत की। गांव कनेक्शन आगे भी ऐसी मुहिम चलाता रहेगा। क्योंकि हमारा लक्ष्य है न सिर्फ आपको नई जानकारियां देना है बल्कि आने-अनजाने खतरों से आगाह करना भी है। गांव कनेक्शन को खुशी है कि जब पूरी दुनिया में फेकन्यूज के चलते हत्याएं हो रही हैं, जातियों में लड़ाइयां हो रही हैं। दंगे हो रहे हैं, ऐसे में मोबाइल चौपाल के माध्मय से लोगों को जागरुक करने का जरिया बनें।

ऊपर वीडियो में देखिए हमारी कोशिशों की छोटी सी झांकी…

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