यहां तीन साल से नहीं हुई बारिश, 62 लाख लोग भुखमरी के कगार पर, 80% मवेशी मरे

Mithilesh DubeyMithilesh Dubey   25 May 2017 10:15 PM GMT

यहां तीन साल से नहीं हुई बारिश, 62 लाख लोग भुखमरी के कगार पर, 80% मवेशी मरेसोमालिया में 70 हजार बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार हो सकते हैं। (फोटो साभार-अलजजीरा)

लखनऊ। अफ्रीकन कंट्री सोमालिया इस समय भीषण सूखे के दौर से गुजर रहा है। पिछले पांच साल के सूखे की वजह से अब तक यहां लाखों लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ दिनों पहले सोमालिया के नए राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुलाही ने शपथ लेने के साथ ही देश ही ये घोषणा कर दी थी कि देश भीषण सूखा की चपेट में है और 62 लाख लोगों का जीवन संकट में है।

बावजूद इसके यहां अल शबाब के खिलाफ चल रहा युद्ध जारी है और अफ्रीकी संघ बल (AMISOM) को लड़ाई के लिए अभी भी सरकारी मदद दी जा रही है। ये सूखा उन लोगों के लिए परीक्षा की घड़ी साबित होगी जो सोमालिया के इस हालात के लिए जिम्मेदार हैं। यह इंटरनेशनल समुदाय के मदद की भी परीक्षा लेगा, सरकार की क्षमता का भी आकलन होगा। ये हालात अफ्रीकन यूनियन फोर्स के लिए ये संकट लेकर आया है।

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सोमालिया: कैंप रह रहे हैं लोग।

अलजजीरा के अनुसार उत्तरी सोमालिया में तीन साल पहले बारिश की थोड़ी बूंदें गिरी थीं। इस क्षेत्र की आबादी सूखे की भयंकर चपेट में है। इस झुलसे हुए क्षेत्र के लोग ऊंट और बकरियों के लिए अनाज पैदा नहीं कर पा रहे हैं। मवेशी मर रहे हैं। जबकि यहां की ज्यादातर आबादी दूध और मांस के करोबार से जीवनयापन करती है।

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पुंटलैंड के एक स्थानीय नेता ने बताया कि यहां के 65 प्रतिशत लोग अपने मवेशी खो चुके हैं। महिलाएं और बच्चे सड़कों पर खाने के लिए भटक रहे हैं। अब तो घरों में भी कुछ खाने को नहीं बचा है। लोग सड़क किनारे टेंट बनाकर इस उम्मीद से रह रहे हैं कि कोई गुजरने वाला उन्हें कुछ खाने को दे देगा। धूल और चिलचिलाती धूप में यहां के बच्चे, बूढ़े और महिलाएं उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले कुछ महीनों में दुनिया के लोग सोमालिया की मदद करेंगे। लेकिन अगर सोमालिया के अकाल की बात होगी तो मतलब ये होगा कि यहां कभी मदद नहीं पहुंची।

साेमालिया : सूखे के कारण मवेशियों की माैत।

70 हजार बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार हो सकते हैं

बच्चों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था यूनीसेफ ने फरवरी में बताया था कि सोमालिया में बढ़ते सूखे के संकट को देखते हुए इस साल करीब दो लाख 70 हजार बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार हो सकते हैं। प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि देश में चरवाहों की स्थित बदतर होती जा रही है। खाड़ी क्षेत्रों में सूखे की वजह से करीब 500 लोग दम तोड़ चुके हैं। सरकार अपनी तरफ से भरसक कोशिश कर रही है कि इस संकट का समाधान निकाला जाये और लोगों की जान बचाई जा सके। उल्लेखनीय है कि 2011 में अकाल के चलते लगभग ढाई लाख लोग भुखमरी का शिकार हुए थे। इसके अलावा अकाल के बावजूद यहां आतंकवादी संगठन अल शबाब के खिलाफ भी युद्ध जारी है।

सोमालिया : कुपोषण का शिकार बच्चा।

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सोमालिया में एक्शन एड की कंट्री निदेशक सदिया अब्दी ने कहा कि सोमालिया में 62 लाख लोगों को आपात मदद की जरूरत है, जहां सूखे के कारण 80 फीसदी मवेशियों की मौत हो चुकी है। वहीं केन्या में एक्शन एड के पॉलिसी मैनेजर रूथ मासिम ने कहा कि केन्या में सूखे के कारण 27 लाख लोगों को मानवीय सहायता की जरूरत है।

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