गोद लिए गाँवों को भूले सोनिया गांधी और राहुल, लोगों में गुस्सा

गोद लिए गाँवों को भूले सोनिया गांधी और राहुल,  लोगों में गुस्साराहुल और सोनिया गांधी ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गांवों को लिया था गोद।

रायबरेली/अमेठी। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत अपने संसदीय क्षेत्र के गांवों को गोद लिया था, लेकिन लोगों का आरोप है कि वो गोद लेने के बाद उन्हें भूल गए हैं।

पिछले तीन साल में यूपीए अध्यक्ष अपने गोद लिए गाँव में गई ही नहीं हैं जबकि राहुल गांधी सिर्फ एक बार अपने गोद लिए गाँव में पहुंचे हैं। दोनों नेताओं द्वारा इन गाँवों की उपेक्षा से अब ग्रामीणों में मायूसी और गुस्सा दोनों हैं।

सोनिया गांधी द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के जगतपुर ब्लॉक के उड़वा गाँव को गोद लिया गया था, लेकिन इस गॉंव के हालात इस कदर खराब हैं कि उस गाँव के 90 प्रतिशत लोग अभी भी खुले में शौच करने जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार गोद लेने के पहले और उसके बाद कभी सोनिया गांधी यहां नहीं आईं हैं। उड़वा गाँव की रहने वाली पुष्पा बताती हैं, “जब सोनिया गाँधी ने हमारे गाँव को गोद लिया तो हमें लगा कि बहुत बदलाव होगा, लेकिन तीन साल हो गए, गाँव में एक सड़क बनने के अलावा कुछ भी नहीं है। गाँव के जो पैसे वाले हैं, उन्होंने तो घरों में शौचालय बनवा लिया है, लेकिन जो गरीब हैं वो बाहर शौच करने जाने को मजबूर हैं।’’

गाँव की सड़कें खराब है.

रायबरेली जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर पूर्व दिशा में स्थित उड़वा गाँव की आबादी पांच हज़ार है। गाँव के ज्यादातर घर मिट्टी के बने हुए हैं। सड़कें ठीक हैं, लेकिन नाले का पानी सड़कों पर भरा दिखता है। गाँव के रहने वाले अरविंद कुमार बताते हैं, “पूरे देश में शौचालय बन रहा है, लेकिन हमारे गाँव में एक भी नहीं बना है। आखिर ऐसा क्यों है? महिलाएं हो या पुरुष, दिन हो या रात बाहर शौच को जाते है।’’

वीडियो यहां देखें-

गाँव के प्रधान राधे श्याम मौर्य बताते हैं, “सोनिया गाँधी के गोद लेने के बाद गाँव में दो सौ मीटर सड़क बनने के अलावा कोई काम नहीं हुआ है। उड़वा गाँव में तो व्यक्तिगत शौचालय कुछ घरों में हैं। बाकी लोग खुले में ही शौच करने जाते हैं। मैंने प्रधान बनने के बाद बाकी मजरों में 25 शौचालय का निर्माण कराया है।”

इस गाँव में बहुत बदलाव भी नहीं आया है। गाँव में बिजली की समस्या सबसे बड़ी है। ग्राम सभा के एक मजरा राम बनकुटी में बिजली नहीं आती और कुछ जगहों पर बिजली बहुत कम आती है। एक प्रधान के रूप में सौ शौचालय बनवा रही हूं, लेकिन गाँव में ज्यादातर लोगों के पास शौचालय नहीं है। गोद लेने पर लगा था, बहुत विकास होगा हमारे गाँव का लेकिन बहुत बदलाव नहीं आया है।
प्रधान महादेवी, जगदीशपुर गाँव

गाँव के रहने वाले 24 वर्षीय अखिलेश कुमार उड़वा स्थित ईट-भट्ठा में मज़दूर का काम करते हैं। अखिलेश बताते हैं, “यहां के ज़्यादातर लड़कें बेरोजगार हैं। बारिश शुरू होते ही ईंट भट्ठे का काम भी बंद हो जाता है। ऐसे में ग्रामीण कई महीने काम तक नहीं कर पाते, जिससे उनकी गृहस्थी चले।” अखिलेश कहते हैं कि गोद लेने के बाद गाँव में एक रुपए का काम नहीं हुआ है। हर घर में एक-दो बेरोजगार लोग मिल जाएंगे।

उड़वा गाँव ऊंचाहार विधानसभा के अंदर आता है। यहां के विधायक समाजवादी पार्टी से हैं। वहीं उड़वा गाँव के पार्षद भाजपा से जुड़े हुए हैं। उड़वा ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान राम कुमार मौर्य नाराज़गी जाहिर करते हुए कहते हैं, “ सोनिया गाँधी ने गोद लिया तो देश भर की मीडिया इस गाँव में आई। समय-समय पर मीडिया के लोग आते रहते हैं। वीडियो बनाकर ले जाते हैं, लेकिन होता कुछ नहीं है। सोनिया गाँधी खुद गोद लेने के बाद इस गाँव में नहीं आई हैं।”

गाँव में सिर्फ आठवीं तक स्कूल

सोनिया गाँधी के गोद लिए गाँव की कुछ लड़कियां आठवीं के बाद तो कुछ 12वीं के वाद पढ़ाई छोड़ देती हैं। गाँव की रहने वाली रुचि मिश्रा बताती हैं, “कॉलेज दूर होने के कारण मैं 12वीं के बाद आगे नहीं पढ़ पा रही हूं। गाँव में सिर्फ आठवीं तक स्कूल है। आठवीं के बाद छह किलोमीटर दूर शंकरपुर जाना पड़ता है। आठवीं के बाद ही ज़्यादातर लड़कियों की पढ़ाई रोक दी जाती है। कुछ लड़की जिनके घर वाले पैसे वाले होते हैं वो आठवीं के आगे पढ़ाई करने जाती है। ये लड़कियां भी बारहवीं के बाद पढ़ नहीं पाती हैं।”

गांव कनेक्शऩ में प्रकाशित ख़बर

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रायबरेली के कांग्रेस अध्यक्ष बीके शुक्ला कहते है, ‘‘ केंद्र सरकार लगातार रायबरेली की उपेक्षा कर रही है। यहां एम्स बनकर तैयार हैं, लेकिन उसे शुरू नहीं किया जा रहा है। ऐसे ही आदर्श ग्राम योजना के तहत केंद्र सरकार कोई विशेष पैकेज तो दे नहीं रही है। सांसद अपने निधि से ही खर्च कर सकता है। सोनिया जी ने अपने मद से जितना हो सका है, उतना काम किया है। केंद्र सरकार रायबरेली में किसी भी तरह की योजना का लाभ नहीं दे रही है।’’

राहुल के गोद लिए गाँव में टंकी बनी, लेकिन पानी नहीं मिल रहा

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक के जगदीशपुर गाँव को गोद लिया था। यह गाँव अमेठी लोकसभा क्षेत्र में आता है। गोद लेने के समय एक बार राहुल गांधी उस गाँव गए, मगर उसके बाद कभी उस गाँव नहीं आए।

जगदीशपुर गाँव के रहने वाले पूर्व सैनिक राजेन्द्र शंकर मिश्रा बताते हैं, “राहुल गांधी के गोद लेने से हमारे गाँव को देश की मीडिया के लोग जान गए, बाकी यहाँ कुछ भी नहीं हो पाया। सडकें टूटी हैं। बारिश हो जाए तो घरों के सामने पानी भर जाता है। लोग खुले में शौच करने जाते हैं। गाँव में क्या बदला है। उस समय राहुल से ग्रामीणों ने अस्पताल, स्टेडियम और स्कूल की मांग की थी, लेकिन कुछ भी नहीं मिला है।’’

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इस ग्रामसभा में 22 मजरे हैं, जिसमें लगभग पांच हज़ार आबादी रहती है। शहीद अखिलेश सिंह के पिता विक्रमादित्य सिंह बताते हैं, “पहले हमलोग अमेठी में थे, 2014 में रायबरेली में आ गए। जब मेरा बेटा शहीद हुआ था तब भी राहुल गांधी जी आए थे और जब गोद लेने की बारी आई तो उन्होंने मेरे बेटे के कारण इसी गाँव को चुना। गाँव को चुने तो ख़ुशी हुई, लेकिन गाँव में कोई काम नहीं हुआ है। मेरे बेटे के नाम पर भी गाँव में कुछ भी नहीं हुआ।’’

वहीं, गाँव की रहने वाली फूल कली (50 वर्ष) का कहना है कि “जब हमें पता चला राहुल गांधी हमारे गाँव को गोद लिए हैं तो हमें लगा कि हमारे गाँव की सूरत बदल जाएगी, लेकिन गोद लेने के तीन साल बाद तक गाँव में कुछ बदला है तो सिर्फ पानी की एक टंकी लग गई है, जिससे अभी पानी किसी को मिल नहीं रहा।’’

गाँव में कई लोगों के पास घर भी नहीं ..

गाँव में ज्यादातर लोग शौच के लिए बाहर जाते हैं

कुछ घरों के सामने शौचालय बनते हुए दिखते हैं। गाँव की रहने वाली प्रेम कली बताती हैं, ‘सुबह चार बजे हमें शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है। अगर किसी कारण से देरी हो गई तो हमें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पुरुष भी बाहर ही जाते हैं, जिसके कारण हम परेशान रहते हैं। खेत सब यहाँ सपाट है।

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राहुल गांधी के गाँव गोद लेने से हमें कोई फायदा नहीं हुआ। गाँव की प्रधान महादेवी बताती हैं, “गाँव में बहुत बदलाव तो नहीं आया है। गाँव में बिजली की बहुत दिक्कत है। ग्राम सभा के एक मजरा राम बनकुटी में बिजली नहीं आती और कुछ जगहों पर बिजली बहुत कम आती है। एक प्रधान के रूप में सौ शौचालय बनवा रही हूं, लेकिन गाँव में ज्यादातर लोगों के पास शौचालय नहीं है। गोद लेने पर लगा था, बहुत विकास होगा हमारे गाँव का लेकिन बहुत बदलाव नहीं आया है।’’

गोद लेने के बाद गाँव में सिर्फ 200 मीटर की सड़क बनी है.

जगदीशपुर ग्रामसभा कांग्रेस के अध्यक्ष प्रेमनाथ ग्रहरी बताते है, “केंद्र सरकार से हमें कोई मदद नहीं मिली है। मोदी सरकार एक गाँव को गोद लेकर उसे आदर्श बनाने के लिए तो कह दिया, लेकिन बजट कुछ दिया ही नहीं। एक सांसद अपने निधि का पूरा का पूरा पैसा एक गाँव में खर्च तो कर नहीं सकता है। राज्य में जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तो उन्होंने राहुल गांधी के कहने पर गाँव में एक पानी की टंकी और श्मशान घाट का निर्माण करा दिया। एमएलसी दिनेश सिंह से कहकर गाँव में दस सोलर लाइट लगवा दिया। इसके अलावा हमारे यहां कुछ नहीं हो पाया।’’

(कम्युनिटी जर्नलिस्ट, लोकेश कुमार)

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