खरीफ फसलों की बुवाई पिछले साल से 14 फीसदी पिछड़ी

दलहन फसलों का रकबा अब तक 33.60 लाख हेक्टेयर रहा है जोकि पिछले साल के 41.67 लाख हेक्टेयर से 19.36 फीसदी कम है। मोटे अनाज की बुवाई का रकबा 57.35 लाख हेक्टेयर है और यह पिछले साल के 66.27 लाख हेक्टेयर से 13.45 फीसदी कम है।

खरीफ फसलों की बुवाई पिछले साल से 14 फीसदी पिछड़ी

नई दिल्ली। चालू खरीफ बुवाई सीजन 2018-19 में प्रमुख फसलों की बुवाई पिछले साल के मुकाबले 14.17 फीसदी पिछड़ी हुई है। केंद्रीय कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी खरीफ फसलों की बुवाई के साप्ताहिक अपडेट के अनुसार, देशभर में किसानों ने 67.25 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई की है। जबकि पिछले साल की समान अवधि में देशभर में धान का रकबा 79.08 लाख हेक्टयर था। इस प्रकार धान के रकबे में 14.95 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

दलहन फसलों का रकबा अब तक 33.60 लाख हेक्टेयर रहा है जोकि पिछले साल के 41.67 लाख हेक्टेयर से 19.36 फीसदी कम है। मोटे अनाज की बुवाई का रकबा 57.35 लाख हेक्टेयर है और यह पिछले साल के 66.27 लाख हेक्टेयर से 13.45 फीसदी कम है। तिलहन फसलों की बिजाई 63.59 लाख हेक्टेयर भूमि में हो चुकी है, तिलहनों का रकबा भी पिछले साल की समान अवधि के 73.45 लाख हेक्टेयर से 13.42 फीसदी पिछड़ा हुआ है। हालांकि, गóो का रकबा पिछले साल के 49.64 लाख हेक्टेयर से 1.61 फीसदी बढ़कर 50.44 लाख हेक्टेयर हो गया है।

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इस साल सबसे ज्यादा कमी कपास के रकबे में देखी जा रही है। देश के प्रमख कपास उत्पादक राज्यों में चालू सीजन में 54.60 लाख हेक्टेयर में कपास की बुवाई हो चुकी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में देशभर में कपास का रकबा 71.82 लाख हेक्टेयर था। इस प्रकार कपास का रकबा पिछले साल के मुकाबले 23.97 फीसदी पिछड़ा हुआ है। अब तक कुल 333.78 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है। जबकि पिछले साल समान अवधि में 388.88 लाख हेक्टेयर खरीफ फसलों का रकबा था। गौरतलब है कि इसी हफ्ते केंद्र सरकार ने फसल वर्ष 2018-19 (जुलाई-जून) के लिए अधिसूचित 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि की घोषणा की है। सरकार ने सामान्य ग्रेड के धान का एमएसपी 200 रुपये प्रति कुंटल बढ़ाकर 1750 रुपये प्रति कुंटल कर दिया है और सामान्य ग्रेड-ए धान का एमएसपी 1590 रुपये से बढ़ाकर 1770 रुपये प्रति कुंटल किया गया है। हाइब्रिड धान का एमएसपी 1700 रुपये प्रति कुंटल से बढ़ाकर 2430 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है।

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सरकार ने मूंगफली का एमएसपी 4450 रुपये से बढ़ाकर 4890 रुपये प्रति कुंटल कर दिया। इसी प्रकार सोयाबीन का समर्थन मूल्य 3050 रुपये से बढ़ाकर 3399 रुपये और मूंग का एएसपी 5575 रुपये से बढ़ाकर 6975 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है। रागी का एमएसपी 1900 रुपये से बढ़ाकर 2897 रुपये और बाजरा का 1425 रुपये से बढ़ाकर 1950 रुपये कर दिया गया है। ज्वार का एमएसपी 1725 रुपये से बढ़ाकर 2450 रुपये और उड़द का 5400 रुपये से बढ़ाकर 5600 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है। तुअर का एमएसपी 5450 रुपये से बढ़ाकर 5675 रुपये और कपास लांग स्टेपल का 4320 रुपये से बढ़ाकर 5450 रुपये प्रति कुंटल और मीडियम स्टेपल का 4020 रुपये से बढ़ाकर 5150 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है। सूरजमुखी का एमएसपी 4100 रुपये से बढ़ाकर 5388 रुपये प्रति कुंटल, तिल का एमएसपी 5300 रुपये से बढ़ाकर 6249 रुपये प्रति कुंटल और नाइजरसीड का एमएसपी 4050 रुपये से बढ़ाकर 5877 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है। मक्के का एमएसपी 1425 रुपये से बढ़ाकर 1700 रुपये प्रति कुंटल कर दिया गया है।

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