उच्च रक्त चाप के मानक बदले, अब 130/80 होगा सामान्य

उच्च रक्त चाप के मानक बदले, अब 130/80 होगा सामान्यप्रतीकात्मक तस्वीर 

लखनऊ। अमेरिकी हार्ट एक्सपर्ट्स ने सोमवार को हाई ब्लड प्रेशर के संदर्भ में एक नई गाइडलाइन्स जारी की है, जिसके तहत दुनिया भर के लाखों लोग हाई बीपी के दायरे में आ जाएंगे और उन्हें अपनी जीवनशैली में बदलाव करना होगा या फिर इस परिस्थिति से निपटने के लिए दवा खानी पड़ेगी।

अमेरिकन हार्ट असोसिएशन और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियॉलजी की ओर से सूत्रबद्ध की गई गाइडलाइन्स के मुताबिक, 45 साल के कम उम्र के पुरुषों में हाई ब्लड प्रेशर रोग के लक्षण तीन गुना हो जाएंगे जबकि 45 साल से कम उम्र की महिलाओं में इस रोग का प्रसार दो गुना हो जाएगा। यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जिनिया के डॉ रॉबर्ट एम कैरी कहते हैं, 'ये आकंड़े डराने वाले हैं।'

दरअसल, पिछली गाइडलाइन्स के मुताबिक 140/90 को हाई ब्लड प्रेशर माना जाता था लेकिन नई गाइडलाइन्स के मुताबिक उच्च रक्तचाप को पुनःपरिभाषित किया गया है और अब 130/80 को ही हाई ब्लड प्रेशर माना जा रहा है, जिससे संभावित हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा रहता है। साल 2003 के बाद से यह पहला आधिकारिक डायग्नोस्टिक रिवीजन है जिसके मुताबिक ब्लड प्रेशर की वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ने के पर्याप्त सबूत मिले हैं।

ये भी पढ़ें-बदलती जीवनशैली से बढ़ी दिल की बीमारियां

हाई ब्लड प्रेशर की सीमा दोबारा निर्धारित होने के बाद अमेरिका में हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर के वयस्क मरीजों की संख्या 10.3 करोड़ हो जाएगी जो पहले 7.2 करोड़ थी। हालांकि ऐसे मरीज जिन्हें दवा के जरिए इलाज करवाने की जरूरत पड़े उनकी संख्या में सिर्फ 4.2 करोड़ का इजाफा ही होगा। इसमें कुछ रिस्क फैक्टर्स भी जुड़े हैं।

धूम्रपान के बाद हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का दूसरा सबसे बड़ा कारण है जबकि दुनियाभर में अब भी हार्ट डिजीज लोगों की मौत का सबसे बड़ा कारण है। एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर लोग गाइडलाइन्स के मुताबिक अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा एक्सर्साइज करें, हेल्दी डायट लें और नियमित रूप से दवाओं का सेवन करें तो मौत के आंकड़ों को कम किया जा सकता है।

ये भी देखें-इंटरव्यू : ब्लड प्रेशर और डायबिटीज पर रखें नियंत्रण वर्ना लकवे का हो सकते हैं शिकार

यूएस की नई गाइडलाइन्स के मुताबिक अगले दशक में कोई भी व्यक्ति जिसे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का 10 प्रतिशत भी खतरा है उसे अपने ब्लड प्रेशर को 130/80 से कम करने का लक्ष्य लेकर चलना होगा। 65 साल से अधिक उम्र के लोगों में वैसे भी हृदयवाहिनी रोगों का खतरा 10 प्रतिशत बढ़ जाता है इसलिए 65 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को अपना ब्लड प्रेशर 130/80 से कम रखना होगा।

दो दिन पूर्व आई एएचए व एसीसी की नई गाइड लाइन के मुताबिक हाई बीपी की नई परिभाषा का लाभ 20 से 25 फीसद आबादी को मिलेगा। कारण यह कि वह अपना बीपी कंट्रोल करने के लिए प्रयासरत रहेगी।
डॉ नवीन चंद्रा, न्यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष, विवेकानंद अस्पताल

विवेकानंद अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ नवीन चंद्रा बताते हैं कि, “अब तक सिस्टोलिक 140 व डाइस्टोलिक 90 ब्लड प्रेशर को डॉक्टर सामान्य मानते थे, लेकिन अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) व अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (एसीसी) की नई गाइडलाइन से बीपी की परिभाषा बदल गई है। इसके तहत ऐसे लोग जिनका बीपी 130 व 80 है उन्हें ही सामान्य माना जाएगा। इसके अलावा सिस्टोलिक 130 से 140 व डाइस्टोलिक 80 से 90 के बीच रहे तो अतिरिक्त एहतियात बरतने की जरूरत है। हालांकि ऐसे लोगों को दवा की बजाय लाइफ स्टाइल व खानपान सुधारकर बीपी कम करने के सलाह दी गई है।”

ये भी देखें-सावधान : ये स्मॉग आपको दे सकता है फेफड़े का कैंसर

उन्होंने बताया कि गाइड लाइन के अनुसार 130 व 80 बीपी को सामान्य जरूर माना गया है, लेकिन इसका यह अर्थ कतई नहीं है कि इससे ऊपर होते ही दवा शुरू कर दी जाए। ऐसे लोगों को अपनी आदतों में सुधार कर बीपी को सुरक्षित सीमा में लाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। डॉ. सरन के अनुसार इस रेंज में आने वाले उन मरीजों को ही दवा लेने की सलाह दी जाएगी जिन्हें हृदय संबंधी रोग, किडनी से जुड़ी समस्या या डायबिटीज हो।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Share it
Share it
Top