मध्य प्रदेश में नहीं थम रहा किसानों की मौत का सिलसिला, मुख्यमंत्री के क्षेत्र में सबसे ज्यादा मौतें

मध्य प्रदेश में नहीं थम रहा किसानों की मौत का सिलसिला, मुख्यमंत्री के क्षेत्र में सबसे ज्यादा मौतेंप्रतीकात्मक तस्वीर।

लखनऊ। मध्य प्रदेश में किसानों की आत्महत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। सरकार कितनी भी कोशिश कर ले, उसक असर होता नहीं दिख रहा। प्रदेश में बुधवार देर रात तक कर्ज से परेशान 4 और किसानों ने अपनी जान दे दी। विदिशा, धार, बड़वानी और मंदसौर जिले में किसानों ने आत्महत्या की।

धार : 4 लाख रुपए था कर्ज

बदनावर। ग्राम छोकलां में कर्ज से परेशान किसान मदनलाल (45) पिता गोरधनलाल ने मंगलवार दोपहर आत्महत्या कर ली। उसने अपने घर से कुछ ही दूर स्थित खेत पर जाकर जहर खा लिया। पुत्र मनोज के अनुसार पिता ने दो-तीन बैंकों से कर्ज लिया था, जिसे चुका नहीं पा रहे थे। इसके अलावा गांव में भी कुछ लोगों से रुपए उधार लिए थे। करीब 4 लाख रुपए कर्ज बताया जा रहा है। इससे परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। कानवन पुलिस ने कहा कि कर्ज से आत्महत्या किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

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43 हजार का था कर्ज

बड़वानी। जोगवाड़ा के बयड़ी फलिया के किसान वेचान (42) पिता बालजी का शव बुधवार फांसी पर लटका मिला। भाई कुमा ने बताया कि वेचान पर सोसायटी व क्रॉप लोन बकाया था। उसकी दो एकड़ में से एक एकड़ जमीन गिरवी रखी थी।

बाजार का 10 लाख रुपए कर्ज

नीमच। कर्ज से परेशान ढरोपा (मोड़ी के समीप) निवासी किसान प्रेमचंद पिता प्रभुलाल बावरी (50) ने कीटनाशक पी लिया। प्रेमचंद के पास 7 बीघा खेती है। उसने बैंक से करीब 2.5 लाख स्र्पए लोन ले रखा है। निजी फाइनेंस कंपनी से ट्रैक्टर भी फाइनेंस कराया था। ट्रैक्टर की किस्त नहीं चुकाने से करीब एक माह से फाइनेंसर व कर्मचारी परेशान कर रहे थे। इसी बात से तंग आकर घर पर प्रेमचंद ने कीटनाशक पी लिया। परिजन इलाज के लिए सिविल अस्पताल जावद लेकर पहुंचे, जहां रेफर कर दिया गया। उसपर निजी फाइनेंस व बाजार का करीब 10 लाख स्र्पए कर्ज है। जावद टीआई दीपक खत्री ने किसान के कीटनाशक पीने की घटना की जानकारी होने से इंकार किया है।

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चूहामार दवा खाकर की आत्महत्या

विदिशा। विदिशा तहसील के ग्राम नीमखेड़ा के रहने वाले एक किसान शिवनारायण अग्रवाल ने कर्ज से परेशान होकर चूहामार दवा खा ली। बुधवार की सुबह जिला अस्पताल में इलाज के दौरान किसान की मौत हो गई। मृतक किसान पर करीब ढाई लाख स्र्पए का कर्ज था।

किसान ने खेत की मेड़ पर लगाई फांसी

मंदसौर। जिले की शामगढ़ तहसील के ग्राम बर्डियापुना मैं कर्ज से परेशान किसान भगवानलाल पिता नाथू जी मेघवाल (65 ) ने अपने खेत पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची शव का पीएम कराया। मृतक की पत्नी गीता बाई ने बताया कि खेत में बोने के लिए बीज तक के रुपए भी नहीं थे इस से वह परेशान रहते थे। जिसके चलते उन्होंने खेत में मेड़ पर लगे पेड़ पर रस्सी बांधकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

मुख्यमंत्री के क्षेत्र में सबसे ज्यादा मौतें

आठ जून से लेकर अब तक मध्यप्रदेश के सीहोर, होशंगाबाद, विदिशा, रायसेन, बालाघाट, बडवानी, छतरपुर, सागर, छिन्दवाडा, धार, नीमच, टीकमगढ, रतलाम, बडवानी, पन्ना, इंदौर, हरदा, विदिशा, देवास, खंडवा एवं शिवपुरी जिलों में कर्ज से परेशान होकर लगभग 30 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की है। सीहोर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला है और इसमें आठ जून से लेकर अब तक प्रदेश में सबसे ज्यादा छह किसानों ने आत्महत्या की है।

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