कपास और बाजरे को समर्थन मूल्य से नीचे नहीं बिकने देंगे : योगेंद्र यादव

स्वराज इंडिया की नौ दिनों से जारी स्वाराज यात्रा आज चिल्हर अड्डा गाँव में पहुँचकर सम्पन्न हुई। पदयात्रा का समापन स्वामी सुधानंद द्वारा स्वराज संकल्प यज्ञ के द्वारा हुआ। इस अवसर पर स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव व उनकी टीम ने एक प्रेस कान्फ्रेंस आयोजित कर यात्रा के बारे में बताया।

कपास और बाजरे को समर्थन मूल्य से नीचे नहीं बिकने देंगे : योगेंद्र यादव

रेवाड़ी। स्वराज इंडिया और जय किसान आंदोलन के द्वारा शुरू की गई नौ दिवसी स्वराज यात्रा आज रेवाड़ी के चिल्लड गांव में संपन्न हुई स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष व किसान नेता योगेंद्र यादव के नेतृत्व में 1 जुलाई को मनेठी गाँव से शुरू हुए यह पदयात्रा आज सुबह भगवानपुर से चलकर चिल्लड गांव पहुंची, जहां पर स्वामी सुधानंद जी के द्वारा किसान संकल्प यज्ञ के आयोजन किया गया। यात्रा के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए जय किसान आंदोलन के संयोजक अविक साहा ने यात्रा का विवरण देते हुए कहा कि इस यात्रा के दौरान पदयात्रियों ने लगभग 205 किलोमीटर की पदयात्रा की। कुल 127 गांव में जाकर 70 सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों से संवाद किया। इस यात्रा में केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि देश के कई राज्यों से भी आए कुल 123 पर यात्रियों ने हिस्सा लिया। स्वराज यात्रा गाँवों की बेहतरी के लिए संघर्ष के साथ-साथ अपने में रचनात्मकता को भी समेटे हुए था। इसके माध्यम से ग्रामीणों को हर तरह से जागरूक करने का प्रयास किया गया। इस दौरान योगेंद्र ने कहा, " खरीफ फसल का उचित मुल्य दिलाना दूसरे अभियान का प्रमुख हिस्सा होगा। हमने संकल्प किया है एक-एक किसान को बाजरे के एक-एक दाने को समर्थन मुल्य से नीचे नहीं बिकने देंगे। इसकी शुरुआत हम हस्ताक्षर अभियान से शुरू करेंगे।



" पद यात्रा शुरू हुई तो लोगों से हमें बहुत अपेक्षा थी। हमने लोगों को बताया था कि यह यात्रा अन्य यात्राओं से कितनी अलग है। इसलिए हम गाँव-गाँव गए। यात्रा के दौरान खेती, किसान और मजदूर पर हमारा फोकस रहा। इसके साथ ही स्वराज योगी जोड़ना भी हमारा उददेश्य था। इस यात्रा के दौरान 960 नए स्वराज योगी हमारे साथ आए हैं। यह हमारे लिए खुशी की बात है। इस बार गांव गांव घूमने के बाद मुझे पता चला कि रेवाड़ी का युवा बदल रहा है। नई पीढ़ी के लोग राजनैतिक गुलामी के बंधनों को तोड़ रहे हैं।" योगेंद्र ने आगे कहा।




योगेंद्र यादव ने बताया की यह स्वराज यात्रा मुख्यता 5 मुद्दों पर केंद्रीत था:

• किसान को फसल की लागत का डेढ़ गुना दाम मिले

• किसानो को कृषि कर्ज से पूर्ण मुक्ति

• हर मजदूर को काम मिले, पूरी मजदूरी मिले

• गांव के नजदीक से शराब ठेकों को हटाया जाए

• सारा गांव पानी बचाए, तालाब को जीवित करें

उन्होंने कहा की यह यात्रा अनेक मामलों में हमारे पुरानी यात्राओं से अलग थी। पिछले 3 वर्षों में हमने और हमारे साथियों ने देश के कई राज्यों यात्राएं की व किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। पिछले वर्ष हमने दिल्ली में 190 से अधिक किसान संगठनों साथ मिलकर मिलकर किसान संसद का आयोजन किया परंतु इस यात्रा में हमने बड़े शहरों में आयोजन ना करके सीधे गांवों में जाकर ग्रामीण, किसानों से संवाद स्थापित किया।

रेवाड़ी जिले में शराब की खपत से 10 वर्षों में दोगुनी हो चुकी है

अपने अनुभव को साझा करते हुए योगेंद्र यादव ने बताया किसी यात्रा के दौरान उन्हें कोई भी गांव ऐसा नहीं मिला जहां पर महिलाओं ने शराब की समस्या को गंभीरता से ना उठाया हो। पूरे रेवाड़ी जिले में शराब की खपत से 10 वर्षों में दोगुनी हो चुकी है और इसका सबसे ज्यादा दंश महिलाएं झेल रही हैं। दूसरा प्रमुख मुद्दा किसानों को उनकी फसल का सही दाम न मिलना है। आगे कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए उन्होंने कहा कि रेवाड़ी में स्वराज इंडिया यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि किसान के फसल का एक भी दाना एमएसपी से कम रेट पर ना बीके तथा स्वराज योगियों की मदद से हर ग्राम सभा में गाँव में चल रहे शराब के ठेके को बंद करने का प्रस्ताव पारित कराने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीणों के मदद के लिए हर गांव में स्वराज केंद्र खोले जाएंगे ताकि उन्हें हर संभव मदद उनके गांव में ही दी जा सके।

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