स्वराज यात्रा : रेवाड़ी में ठेका बंदी का अभियान चलाएगी स्वराज इंडिया

स्वराज यात्रा के दौरान एक भी गांव ऐसा नहीं आया जहां की महिलाएं शराब से पीड़ित ना हो। इस नशामुक्ति अभियान में महिलाओं के साथ जागरूक पुरुषों को भी साथ देना होगा। तभी हमारे गांव और ग्रामीण इस नशे के अभिशाप से बच पाएंगे,

रेवाड़ी (हरियाणा)। गांव और समाज का भविष्य बचाने के लिए स्वराज इंडिया रेवाड़ी जिले में शराब के ठेकों को बंद करने की मुहिम चलाएगी। एक जुलाई से रेवाड़ी के ग्रामीण अंचल में चल रही स्वराज यात्रा का छठवां दिन था, जिसे 'नशा मुक्ति दिवस' के तौर पर मनाया गया।

स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि पिछले 6 दिन की पदयात्रा का सबक यही है की रेवाड़ी जिले के हर गांव में महिलाएं और बच्चे शराब के बढ़ते प्रकोप से बुरी तरह त्रस्त हैं। दुर्भाग्य वश ऊपर से नीचे तक राजनिति इस पाप की कमाई पर चल रही है इसलिए कोई नेता शराब के खिलाफ नहीं बोलता। लेकिन स्वराज इंडिया बिना किसी भय और लालच के इस सवाल पर अभियान चलायेगी।


यात्रा के हर पड़ाव पर योगेंद्र यादव और अन्य नेताओं ने इस विषय पर महिलाओं से संवाद किया और पंचायत से अपील की वो शराब का ठेका हटाने का प्रस्ताव पारित करें।

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रेवाड़ी जिले में शराब के बढ़ते प्रकोप पर स्वराज इंडिया ने चौकाने वाले आंकड़े प्रस्तुत किये। हरियाणा सरकार के आंकड़ों के अनुसार पिछले 10 वर्षों में रेवाड़ी जिले में शराब की खपत दुगनी हो गई है। वर्ष 2006-07 में जिले में कुल शराब (देसी,अंग्रेजी,बियर और वाइन मिलाकर) की कुल खपत 6169598 लीटर थी दस साल बाद वर्ष 2016-17 में शराब की खपत बढ़कर 12690879 लीटर हो गई। यदि इसे रेवाड़ी जिले के 1.78 लाख परिवारों के हिसाब से देखें तो प्रति वर्ष प्रति परिवार 71 लीटर शराब की खपत है। यानि की रेवाड़ी जिले के हर परिवार में प्रतिदिन 1 पव्वा शराब से अधिक (193मिली लीटर) पी जा रही है, यह एक अत्यंत ही भयावह स्थिति है। अगर इसे तुरंत न रोका गया तो हमारे समाज का भविष्य अन्धकार में है। एक तरफ सरकारी तंत्र आँखे बंद किये हुए है तो वहीँ गाँव में गैरकानूनी ढंग से चल रहे शराब के ठेके और व्यापार तेजी से फलफूल रहे हैं, जिसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव महिलाओं को झेलना पड़ रहा है।

बगथला गांव में स्वराज यात्रियों का गांव वासियों द्वारा जोरदार स्वागत हुआ। जय किसान आंदोलन के संयोजक अविक साहा ने किसानों से सीधी बात करते हुए कहा जब तक आप जाग्रत नहीं होंगे ये सरकारें आपका कुछ भला नहीं करने वाली है। उन्होंने कहा कि तीन बाते सरकार पूरा करे पहली किसानों को उनके कृषि उत्पाद के पूरे दाम यानी लागत का दुगना नहीं तो ड्योढ़ा जरूर मिले। दूसरा किसानों को कर्ज की माफी नहीं चाहिए, उन्हें इस कर्ज से मुक्ति मिले। तीसरी बात यह है कि हर हाथ को रोजगार व नकद मजदूरी मिले क्योंकि खेत गांवों की जमीन औद्योगिककरण व शहरीकरण में चली जा रही हैं। गांव के लोग मजदूरी करने पर विवश हैं जोकि उन्हें अब मिल भी नहीं रही है। बेरोजगारी की समस्या इलाके में मुंह बाए खड़ी है। इन तीन बातों के लिए सरकार को गंभीरता से कार्य करना होगा। इसलिए यह स्वराज यात्रा है।

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स्वराज यात्रा में पदयात्री दो बातें स्थानीय निवासियों को ध्यान दिलाना नहीं भूलते, पहली गांव में जोहड़ तालाबों को पुनर्जीवित किया जाए। इसके लिए ग्रामीणों को अपने स्तर पहल करनी होगी। वरना वो दिन दूर नहीं जब पीने के पानी के लिए हमें मीलों चलना पड़ेगा। दूसरी समस्या गांवों, परिवारों को शराब के प्रभाव से बचाना। योगेंद्र यादव ने कहा कि स्वराज यात्रा के दौरान एक भी गांव ऐसा नहीं आया जहां की महिलाएं शराब से पीड़ित ना हो। इस नशामुक्ति अभियान में महिलाओ के साथ जागरूक पुरुषों को भी देना होगा। तभी हमारे गांव और ग्रामीण इस नशे के अभिशाप से बच पाएंगे, वरना हरियाणा भी पंजाब के रास्ते पर अग्रसर है, जहां आज एक पीढ़ी नशे कि भेंट चढ़ गई है। उन्होंने कहा इसे कहते हैं कि पानी सूख रहा है और शराब पानी की तरह बह रही है।

यात्रा को स्थानीय नागरिकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है यही कारण है कि अब तक 600 से अधिक ग्रामीण व युवा स्वराज साथी (योगी) बन चुके हैं। जो अपने जीवन के 2 साल देश में गांवों किसानी की समस्याओं को दूर करने के अभियान में लगाएंगे। युवाओं में स्वराज यात्रा से एक नई आशा की किरण उत्पन हुई है।

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स्वराज यात्रा आज झाबुआ से शुरू होकर खिजुरी, नंगली परसपुर गुजर माजरी मंगलेश्वर होती हुई बगथला पहुंची यहां पर योगेन्द्र यादव ने किसानों को संबोधित किया इसके बाद स्वराज यात्रा बग्थला से चल कर गढ़ी व बोलनी होते हुए पिथनवास पहुंचेगी जहां शाम को एक सभा का आयोजन करने के बाद पदयात्री रात्रि विश्राम के लिए रुकेंगे।

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