तेलंगाना विधानसभा भंग, नयी सरकार तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री रहेंगे केसीआर

तेलंगाना विधानसभा भंग, नयी सरकार तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री रहेंगे केसीआर

तेलंगाना के राज्यपाल ने गुरुवार को विधानसभा भंग करने की सरकार की मांग को मंजूरी दे दी है। तेलंगाना विधानसभा का कार्यकाल अगले साल समाप्त हो रहा था।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव केसीआर ने गुरुवार यानी छह सितंबर को सुबह ही मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई थी जिसमें विधानसभा भंग करने का फैसला लिया गया था। तेलंगाना के राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव की विधानसभा भंग करने की सिफारिश को स्वीकार कर लिया। राज्यपाल ने नयी सरकार का गठन होने तक चंद्रशेखर राव से कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में पद पर बने रहने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री केसीआर अपने लिए छह अंक को लकी मानते हैं, यही वजह है कि उन्होंने छह सितंबर की तिथि को ही विधानसभा भंग करने के लिए चुना।

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तेलंगाना में तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) सरकार का कार्यकाल मई 2019 तक का है, मगर मुख्यमंत्री केसीआर इस साल के अंत में चार राज्यों में होने वाले चुनाव के साथ ही यहां भी चुनाव कराना चाहते हैं। राज्य में इस तरह की पिछले कुछ दिनों से अटकलें लग रहीं कि मुख्यमंत्री केसीआर विधानसभा भंग करने के बाद बड़ी रैली का आयोजन कर चुनाव का बिगुल फूकेंगे।

2014 में आंध्रप्रदेश के बंटवारे के बाद 29वें राज्य के रूप में तेलंगाना का भारतीय राजनीति के नक्शे पर उदय हुआ। मई 2014 में विधानसभा चुनाव में टीआरएस को जबरदस्त कामयाबी मिली। कुल 119 सीटों में से 63 सीटों पर टीआरएस ने कब्जा जमाया और इसके साथ ही 17 लोकसभा सीटों में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

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