तेलंगाना के आदिवासी किसान सीख रहे खेती की नई तकनीक

तेलंगाना के आदिवासी किसान सीख रहे खेती की नई तकनीकआदिवासी किसानों को जानकारी देते कृषि विशेषज्ञ।

हैदराबाद। आदिवासी किसानों को कृषि में नई तकनीक सीखाने और आय बढ़ाने की जरूरत लंबे समय महसूस की जा रही थी। इस जरूरत को पूरा करने के लिए तेलंगाना जनजातीय कल्याण विभाग की जनजातीय सहकारी वित्त निगम लिमिटेड (टीआरआईसीआईओआर) ने International Crops Research Institute for the Semi-Arid Tropics आईसीआरआईएसएटीए के साथ हाथ मिलाया है। इसके तहत आदिवासी किसानों को अध्ययन यात्रा कराई जाएगी।

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यात्रा में 500 किसानों को नवीन खेती तकनीक के बारे में जानने का मौका मिलेगा। उनके उत्पाद के लिए बाजार रणनीतियों का विकास और उनकी जानकारी दी जाएगी। एक वर्ष में 20 बैचों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक किसान को 6 से अधिक दिनों तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कृषि, बागवानी, फलोत्पादन, सब्जी की खेती, पशुधन और मुर्गी पालन, मत्स्य पालन और डेयरी जैसे जाने पहचाने विषयों पर बैच के लोगों को नई जानकारियों दी जाएंगी। इस कार्यक्रम उद्देश्य और टिकाऊ खेती, व्यापार रणनीतियों पर प्रशिक्षण, स्थानीय कृषि तरीकों का आदान-प्रदान और फसल उत्पादन और संरक्षण पर बुनियादी ज्ञान देना है। किसानों को दुनिया भर की ड्रिप सिंचाई तकनीक के बारे में भी बताया जाएगा।

कार्यक्रम के पहले बैच का उद्घाटन 4 दिसंबर, 2017 को आईसीआरआईएसएटीएटी पठानशेरु में थति वेंकटेश्वरलू, विधायक (असवरापेट) और आदिवासी कल्याण विभाग तेलंगाना, शंकर राव, डीजीएम, टीआरआईसीओआर, लक्ष्मी प्रसाद, राज्य मिशन प्रबंधक टीआरआईसीआईआर और संध्या राणी, सहायक निदेशक (बागवानी), आदिवासी कल्याण विभाग, डॉ किरण शर्मा, सीईओ एग्रीबिजनेस एंड इनोवेशन प्लेटफॉर्म (एआईपी) आईसीआरआईएसएटी, सीओओ नवाचार, साझेदारी कार्यक्रम के एस अरबाज ने किया और भाग लेने वालों का स्वागत किया है।

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उद्घाटन के अवसर पर वेंकटेश्वरलू ने नई कृषि तकनीकों को अपनाने और बाजार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को नई तकनीक सीखने और अन्य बैच के किसानों को उनकी मदद कर बेहतर तेलंगाना बनाने में मदद करें। उन्होंने वर्ष भर में फसलों को सुविधाजनक बनाने के लिए विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से किसानों के समर्थन में तेलंगाना सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर डॉ किरण के शर्मा कहा कि किसानों की आय में सुधार के लिए उन्हें बाजार से जोड़ने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने किसानों को बेहतर पैदावार के लिए नई प्रौद्योगिकियों और इनपुट को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस मौके पर अरावजी ने कहा "आईसीआरआईएसएटी की तकनीकी सहायता केंद्र (टीएससी) के माध्यम से प्रशिक्षण के दौरान आने वाले किसानों का उत्साह बढ़ाया जाएगा। भाग लेने वाले किसान हमसे किसी भी मुद्दे पर बात कर सकते हैं।

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