जवानों के शवों को गत्ते में लपटने पर गहराया था विवाद,  सेना ने मान ली अपनी गलती

जवानों के शवों को गत्ते में लपटने पर गहराया था विवाद,  सेना ने मान ली अपनी गलतीशहीदों के शवों को गत्ते में लपटने पर हुआ था विवाद

नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके में हेलिकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए जवानों के शवों को गत्ते में रखे जाने की तस्वीरें रविवार को सामने आई थीं और सोशल मीडिया पर इसको लेकर बवाल शुरू हो गया था। कई लोगों ने इसके लिए सरकार और सेना के तरीके पर सवाल उठाए। फोटो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अपना गुस्सा जमकर सरकार पर उतारा। वहीं क्रिकेटर गौतम गंभीर ने भी इस फोटो के साथ ट्वीट कर नेताओं पर कटाक्ष किया।

विवाद बढ़ता देख सेना ने अपनी गलती मानी और कहा कि सेना ने कहा कि भविष्य में शवों को उचित तरीके से पहुंचाना की पूरी कोशिश की जाएगी। सेना ने एक बयान जारी करके कहा कि स्थानीय संसाधनों से शवों को लपेटना भूल थी। शहीद सैनिकों को हमेशा ही पूरा सैन्य सम्मान दिया गया है। बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में वायुसेना का एमआई 17 वी5 हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था। इसमें दो जवान और पांच क्रू मेंबर समेत सात जवान शहीद हो गए थे।

रविवार को उत्तरी सैन्य कमान के लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एच एस पनाग ने शवों की तस्वीर के साथ अपने ट्वीट में कहा, सात युवा अपनी मातभूमि भारत की सेवा करने के लिये कल दिन के उजाले में निकले। और वे अपने र इस तरह आए।

उनके इस ट्वीट के बाद ही सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर सवाल उठने लगे थे और लोग सेना व सरकार के रवैये पर नाराजगी जाहिर कर रहे थे। जिसके बाद सेना ने अपने बयान में कहा कि आगे से शवों को बॉडी बैग्स, लकड़ी के बक्से, ताबूत में लाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रिकेटर गौतम गंभीर ने भी ट्वीट किया था -

बाद में सेना द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में सीमित संसाधनों के कारण हेलिकॉप्टर ज्यादा भार नहीं ले जा सकते। बयान में कहा गया, बॉडी बैग्स या ताबूत के बजाय शव उपलब्ध स्थानीय संसाधनों में लपेटे गए। यह एक भूल थी। बयान में कहा गया कि गुवाहाटी बेस अस्पताल में पोस्टमार्टम के तुरंत बाद शवों को पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ लकड़ी के ताबूत में रखा गया। इसमें कहा गया है, पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि देने के बाद सभी जवानों के शवों को उनके परिजन के पास भेजा गया।

एक अधिकारी के अनुसार तस्वीरें उस वक्त ली गईं जब शव गुवाहाटी में थे। लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवत्त) पनाग ने कहा कि जब तक ताबूत उपलब्ध नहीं हों तब तक शवों को अग्रिम स्थानों से ले जाने में उचित सैन्य बॉडी बैग्स का अवश्य इस्तेमाल किया जाना चाहिये। तस्वीरों के सामने आने के बाद टिवटर पर कई लोगों ने रोष जाहिर किया। अरूणाचल प्रदेश के तवांग में शुक्रवार की सुबह Mi-17 V5 हेलिकॉप्टर के दुर्टनाग्रस्त होने की टना में दो पायलटों समेत पांच वायु सेनाकर्मियों और थल सेना के दो सैनिकों की मौत हो गई थी।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top