भूमि विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति की समय सीमा एक बार फिर बढ़ाई गई  

भूमि विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति की समय सीमा एक बार फिर बढ़ाई  गई  खेताें की जुताई करता किसान।

नई दिल्ली। विवादास्पद भूमि अधिग्रहण विधेयक पर विचार के लिए गठित संसद की संयुक्त समिति को आज लोकसभा ने नौवीं बार विस्तार दिया गया। अब इस समिति के रिपोर्ट पेश करने की समयसीमा को बढ़ाकर इस साल शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक कर दिया गया है। समिति की अध्यक्षता करने वाले भाजपा के गणेश सिंह ने सदन में इस आशय का प्रस्ताव पेश किया और सदन ने ध्वनिमत से इसे स्वीकार कर लिया।

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सरकार ने जब भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन दूसरा संशोधन विधेयक 2015 पेश किया था तब इसेे लेकर काफी विवाद उत्पन्न हो गया था और विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा था और आरोप लगाया था कि यह किसान विरोधी है। इसके बाद भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन दूसरा संशोधन विधेयक 2015 में उचित मुआवजे के अधिकार और पारदर्शिता के संबंध में विषय को संसद की संयुक्त समिति को सौंप दिया गया था। पिछले साल जुलाई में गणेश सिंह को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था क्योंकि उनके पूर्ववर्ती एस एस आहलूवालिया मंत्री बन गए थे।

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