खादी को खास बनाने के लिए केंद्र सरकार ने की ये पहल

खादी को खास बनाने के लिए केंद्र सरकार ने की ये पहलचरखे पर काम करतीं महिलाएं।

नयी दिल्ली। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) और नयी दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने 69 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश में पहला खादी हाट शुरू किया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने यहां कनॉट प्लेस में 25 जनवरी को खादी हाट का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर नयी दिल्ली से लोकसभा सदस्य मीनाक्षी लेखी, केवीआईसी अध्यक्ष वीके सक्सेना, एनडीएमसी अध्यक्ष नरेश कुमार और प्रख्यात फैशन डिजाइनर रीतु बेरी सहित अन्य मौजूद थे। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम में सिंह ने कहा कि खादी न सिर्फ सभी के लिए एक पसंदीदा वस्त्र बन गया है बल्कि इसने छोटे-छोटे गांवों से लेकर महानगरों तक का सफर तय किया है।

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खादी हाट में संगीत, आध्यात्मिकता और प्रकाश खरीदारों को निश्चित तौर पर एक सुखद माहौल मुहैया करेगा। लेखी ने अपने संबोधन में एनडीएमसी और केवीआईसी की कोशिशों की सराहना करते हुए कहा "खादी एक अनूठा विचार है और हम सभी को इसे दुनिया भर में प्रसारित करने के लिए कोशिश करनी चाहिए।" इसी तरह के विचार जाहिर करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष वीके सक्सेना ने कहा कि खादी हाट में उद्यमियों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत अपने उत्पादों की प्रदर्शनी करने और उन्हें बेचने का अवसर प्राप्त होगा। सक्सेना ने कहा कि यह कलाकारों को बेहतर मंच और आमदनी का स्रोत मुहैया करेगा।

खादी उत्‍पादों की बिक्री में जबरदस्‍त उछाल

खादी के वस्त्रों की मांग पूरे देश में बढ़ती जा रही है। हाल में खादी और ग्राम उद्योग आयोग ने एक बयान जारी करके बताया है कि वर्ष 2016-17 में खादी उत्‍पादों की बिक्री में जबरदस्‍त उछाल दर्ज किया गया। सरकारों, कंपनियों, स्‍कूल-कॉलेजों और राज्‍य सरकारों की तरफ से भारी-भरकम ऑर्डर मिल रहे हैं। 2018-19 के अंत तक 5000 करोड़ रुपए की बिक्री का लक्ष्‍य तय किया गया है।

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इस समय देश में 1.42 लाख बुनकर और 8.62 लाख कातने वाले कारीगर हैं। एक अनुमान के अनुसार 9.60 लाख चरखों और 1.51 लाख करघों में खादी बन रही है। खादी ग्रामोउद्योग भवन, 24 रीगल बिल्डिंग, कनाट सर्कस नई दिल्ली खादी और ग्रामोउद्योग आयोग भारत सरकार का सबसे बड़ा शोरूम है। यहां पर खादी भंडार और खादी बिक्री केन्‍द्र पर खरीदारी के लिए आए लोगों की भीड़ उमड़ी रहती है। देशभर में खादी के जितनी दुकानें और शोरूम हैं सब जगह की यही स्थिति है।

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देश में खादी को बढ़ावा देने के लिए 1957 में खादी और ग्राम उद्योग आयोग की स्‍थापना की गई थी। देश में खादी उद्यागे को बढ़ाने के लिए नए आदर्श चर्खा कार्यक्रम के तहत बेहतरीन कच्‍चे माल की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने के लिए खादी और ग्राम उद्योग आयोग ने कुट्टूर (केरल), चित्रदुर्ग (कर्नाटक), सिहोर (मध्‍य प्रदेश), एटा और राय बरेली (उत्‍तर प्रदेश) और हाजीपुर (बिहार) में छह सेंट्रल सिल्‍वर प्‍लांट्स स्‍थापित किए हैं।

(भाषा से इनपुट)

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