नक्सलियों का जीवन सुधारने के लिए बस्तर के एसपी का अमेरिका में सम्मान, बढ़ाया देश का गौरव

नक्सलियों का जीवन सुधारने के लिए बस्तर के एसपी का अमेरिका में सम्मान, बढ़ाया देश का गौरवसम्मान ग्रहण करते एसपी अधिकारी आरिफ शेख।

लखनऊ। छत्तीसगढ़ का जिला बस्तर नक्सलियों के लिए जाना जाता है। इस जिलों को नक्सलियों का गढ़ कहा जाता है। लेकिन यहां कुछ सकारात्मक भी हो रहा है। बस्तर पुलिस को अमेरिका में बुधवार को इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ चीफ पुलिस का अंतराष्ट्रीय अवार्ड मिला। इस अवार्ड से पूरे छत्तीसगढ़ का मान तो बढ़ा ही है साथ में पुलिस की एक अच्छी छवि भी लोगों के सामने आई है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के पेंसल्वेनिया कन्वेंशन सेंटर में पिछले दिनों आयोजित समारोह में एसपी के तौर पर बस्तर जिले के आईपीएस अधिकारी आरिफ शेख को इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ चीफ पुलिस का अंतराष्ट्रीय अवार्ड मिला। बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में ग्रामवासियों को जागरूक करने व माओवाद से जुड़े बाल संघम सदस्यों को समाज की मुख्यधारा में वापस जोड़ने जैसे काम के लिए यह अवार्ड उन्हें सभा के मुख्य अतिथि एवं आईएसीपी अध्यक्ष डोनाल्ड डब्लयू डी लक्का के हाथों प्राप्त हुआ। बस्तर पुलिस को यह अवार्ड होमलैंड सुरक्षा श्रेणी में उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया गया।

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एसपी आरिफ शेख देश के पहले आईपीएस अधिकारी बन गए हैं जिन्होंने कम्यूनिटी पुलिसिंग के लिए अमेरिका में लगातार दो बार प्रतिष्ठित पुरस्कार जीता है। उन्हें बस्तर में कम्यूनिटी पुलिसिंग में शानदार काम करने वाला माना गया है। ये अवार्ड उस पुलिस संस्था को दिया जाता है जिसने स्थानी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपराध और आतंकवाद से समुदाय को बचाने का काम किया हो।

इससे पहले साल 2016 में एसपी आरिफ शेख को बालोद जिले में एसपी के रूप में नवोदय पहल के लिए कम्यूनिटी पुलिसिंग का अवार्ड दिया गया था। आरिफ देश के पहले आईपीएस अधिकारी बन गए जिन्होंने लगातार दो सालों में ये अवार्ड जीता है। इस बार उन्हें आमचो बस्तर आमचो पुलिस की पहल पर ये अवार्ड मिला है।

क्या है बस्तर का आमचो बस्तर आमचो पुलिस अभियान

आमचो बस्तर आमचों पुलिस अभियान बस्तर एक ऐसा अभियान है जहां जिला बल का आसपास के गांवों से नक्सलियों के मांद में रहने वाले ग्रामीणों को नक्सलियों की रणनिती समझाकर उन भोले भाले ग्रामीणों को समझाते हुए नक्सलियों की विकास विरोधी विचारधारा से अवगत कराते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लगातार देते रहते हैं।

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इस अभियान में ग्रामीणों को अंचल के बच्चों को शिक्षा और खेलकूद के प्रति प्रेरित कर नक्सलवाद के नकारात्मक पहलुओं की जानकारी देना इस अभियान का मुख्य कार्य है। बस्तर की भावी पीढ़ी को अपने ढाल की तरह इस्तेमाल करने वाले नक्सलियों के प्रभाव से दूर रखना इस अभियान का मुख्य काम है।

बालोद एसपी रहते हुए नवोदय अभियान के लिए अवार्ड

इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ चीफ ऑफ पुलिस अवार्ड पाने वाले आईपीएस आरिफ खेश को पहले भी प्राप्त हो चुका है। वर्ष 2016 में बालोद एसपी रहते हुए नवोदय अभियान के लिए उन्हे अवार्ड मिल चुका है। आईएसीपी ने इस वर्ष भिन्न श्रेणियों में बस्तर पुलिस के अलावा मोन्रोविया पुलिस विभाग, फुजैरा पुलिस विभाग, आर्लिंग्टन पुलिस विभाग, ओएलविंग पुलिस विभाग, रोआंओके पुलिस को अवार्ड से नवाजा गया। अवार्ड लेने के बाद शेख ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों को पुरस्कार समर्पित करने की बात बताई है।

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नक्सलवाद का हिस्सा रहे बच्चों को पहुंचाया स्कूल

इसी क्रम में गत वर्ष पुलिस के एक गश्ती दल का संपर्क दरभा के जंगल में तीन बच्चों से हुआ था। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे बम फटाखे फोड़करर पुलिस के आने की सूचना नक्सलियों को दिया करते हैं। इस बात की जब जानकारी एसपी को मिली तो उन्होनें इनकी शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था करवा दी। कभी नक्सलवाद का हिस्सा रहे बच्चे अब दरभा में ही अच्छी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। इसी वजह से अमेरिका में अंतराष्ट्रीय अवार्ड से नवाजा गया।

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